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GK Libeary एक हिंदी फेसबुक पेज है जिसमें हर तरह की रोचक जानकारियां हिंदी में और सरल तरीके से दी जाती है इसकी स्थापना 24 जून 2016 को की गई थी

10/12/2025

विश्व मानवाधिकार दिवस
* इंसानी अधिकारों को पहचान देने और उसके हक की लड़ाई को ताकत देने के लिए हर साल 10 दिसंबर को अंतरराष्‍ट्रीय मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है
* पूरी दुनिया में मानवता के खिलाफ हो रहे जुल्मों रोकने और उसके खिलाफ आवाज उठाने में इस दिवस की महत्वूपूर्ण भूमिका है
* विश्व मानवाधिकार दिवस प्रत्येक वर्ष 10 दिसम्बर को मनाया जाता है
* इस महत्त्वपूर्ण दिवस की नींव विश्व युद्ध की विभीषिका से झुलस रहे लोगों के दर्द को समझ कर और उसको महसूस कर रखी गई थी
* 'संयुक्त राष्ट्र संघ' की महासभा ने 10 दिसम्बर, 1948 को सार्वभौमिक मानवाधिकार घोषणापत्र को अधिकारिक मान्यता प्रदान की थी तब से यह दिन इसी नाम से याद किया जाने लगा
* किसी भी इंसान की ज़िंदगी, आज़ादी, बराबरी और सम्मान का अधिकार है- "मानवाधिकार" है
* 'भारतीय संविधान' इस अधिकार की न सिर्फ़ गारंटी देता है, बल्कि इसे तोड़ने वाले को अदालत सज़ा देती है
* 10 दिसम्बर, 1948 को 'संयुक्त राष्ट्र महासभा' ने विश्व मानवाधिकार घोषणा पत्र जारी कर प्रथम बार मानवाधिकार व मानव की बुनियादी मुक्ति पर घोषणा की थी
* वर्ष 1950 में 'संयुक्त राष्ट्र' ने हर वर्ष की 10 दिसम्बर की तिथि को 'विश्व मानवाधिकार दिवस' तय किया
* 65 वर्ष से पहले हुआ पारित 'विश्व मानवाधिकार घोषणा पत्र' एक मील का पत्थर है, जिसने समृद्धि, प्रतिष्ठा व शांतिपूर्ण सह अस्तित्व के प्रति मानव की आकांक्षा प्रतिबिंबित की है आज यही घोषणा पत्र 'संयुक्त राष्ट्र संघ' का एक बुनियादी भाग है
* भारत में 28 सितंबर, 1993 से मानव अधिकार क़ानून अमल में आया 12 अक्टूबर, 1993 में सरकार ने 'राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग' का गठन किया
* आयोग के कार्यक्षेत्र में नागरिक और राजनीतिक के साथ आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकार भी आते हैं, जैसे- बाल मज़दूरी, एचआईवी/एड्स, स्वास्थ्य, भोजन, बाल विवाह, महिला अधिकार, हिरासत और मुठभेड़ में होने वाली मौत, अल्पसंख्यकों और अनुसूचित जाति और जनजाति के अधिकार आदि
* 'विश्व मानवाधिकार घोषणा पत्र' का मुख्य विषय शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगारी, आवास, संस्कृति, खाद्यान्न व मनोरंजन से जुड़ी मानव की बुनयादी मांगों से संबंधित है
* विश्व के बहुत से क्षेत्र ग़रीबी से पीड़ित है, जो बड़ी संख्या वाले लोगों के प्रति बुनियादी मानवाधिकार प्राप्त करने की सबसे बड़ी बाधा है उन क्षेत्रों में बच्चे, वरिष्ठ नागरिकों व महिलाओं के बुनियादी हितों को सुनिश्चित नहीं किया जा सकता
* नस्लवाद व नस्लवाद भेद मानवाधिकार कार्य के विकास को बड़ी चुनौती दे रहा है
* मानव के अधिकार
> जीवन का अधिकार
> न्याय का अधिकार
> सोच, विवेक और धर्म की स्वतंत्रता
> दासता से स्वतंत्रता
> अत्याचार से स्वतंत्रता
* मानव अधिकार विभिन्न कानूनों द्वारा संरक्षित हैं, लेकिन अभी भी लोगों, समूहों और कभी-कभी सरकार द्वारा इसका उल्लंघन किया जाता है मानव अधिकारों के दुरुपयोग की निगरानी के लिए कई संस्थान बनाए गए हैं

20/10/2025
थार मरुस्थल (भारत)* थार मरुस्थल भारत का सबसे बड़ा मरुस्थल है* थार मरुस्थल विश्व का 9वां सबसे बड़ा गर्म मरुस्थल है* थार म...
12/10/2025

थार मरुस्थल (भारत)
* थार मरुस्थल भारत का सबसे बड़ा मरुस्थल है
* थार मरुस्थल विश्व का 9वां सबसे बड़ा गर्म मरुस्थल है
* थार मरुस्थल भारत के उत्तर पश्चिम और पाकिस्तान के दक्षिण पूर्व में है
* थार का 85% हिस्सा भारत में और शेष पाकिस्तान में है
* थार मरुस्थल लगभग 280000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है
* थार मरुस्थल अरावली पहाड़ी के पश्चिमी किनारों पर है
* कुछ लोगों का मानना है कि थार नाम पाकिस्तान के एक जिला थारपारकर के नाम पर पड़ा है
* कुछ लोगों का मानना है कि थार शब्द की उत्पत्ति थल शब्द से हुई होगी
* थार शब्द का अर्थ होता है रेत का टीला
* भारत में थार का 90% हिस्सा राजस्थान में और बाकी के हरियाणा पंजाब और गुजरात में है
* पाकिस्तान में थार पंजाब और सिंध प्रांत में है
* गर्मियों में थार का रेत उबलने लगता है जब कि ठंडीयो में यहां का तापमान 0 से नीचे चला जाता है
* यहां अब तक का सबसे अधिक तापमान 60 डिग्री सेंटीग्रेड का तापमान रिकॉर्ड किया गया
* थार भारत की सर्वाधिक नाजुक पारिस्थितिकी प्रणालियों में से एक है
* थार मे वर्षा बहुत कम और अनिश्चित है
* यहां 2 से 4 साल में कभी कभार बारिश होता है
* यहां का तापमान काफी ऊंचा है
* यहां हवा काफी तेज चलती है
* थार में गर्मियों में बालू के रेत के टिब्बे आसानी से देखे जा सकते हैं
* यहां तेज हवाओं के कारण रेत के टिब्बे एक स्थान से दूसरे स्थान तक चले जाते हैं
* यहां घुमावदार रेतीली स्थलाकृति है
* यहां 10 से 40 मीटर ऊंचे रेतीले टीले बनते हैं
* थार में आबादी बहुत कम है यहां मीलों दूर कोई कोई गांव है
* यहां के ज्यादातर लोग पशुपालन करते हैं
* ऊंट भेड़ बकरी गाय और बैल यहां पाले जाने वाले मुख्य पशु है
* यहां कीकर, टींट, फोगड़ा, खेजड़ी और रोहिडा के वृक्ष कहीं कहीं दिखाई देते हैं
* यहां पर कई जहरीले सांप बिच्छू और कीड़े है
* वैज्ञानिकों के अनुसार यदि थार मरुस्थल को पूरी तरह से सौर पैनलों द्वारा ढक दिया जाए तो पूरे भारत की बिजली की आपूर्ति की जा सकती है
* अंग्रेज थार मरुस्थल के कारण ही लंबे समय तक सिंध पर कब्जा नहीं कर पाए परंतु सिंध पर कब्जा करते हैं वह पूरे थार पर कब्जा कर लिए थे
* वैज्ञानिकों के अनुसार थार किसी समय उपजाऊ क्षेत्र था पर बारिश के कमी के कारण धीरे-धीरे मरुस्थल बन गया
* थार मरुस्थल आधा किमी की रफ्तार से उत्तर पूर्व की ओर बढ़ रहा है
* इसरो की ताजा रिसर्च के अनुसार थार अब हरियाणा पंजाब उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश में भी पांव पसार रहा है
* थार मरुस्थल के फैलाव को रोकने के लिए भारत सरकार ने 649 किलोमीटर लंबी इंदिरा नहर बनाई है जिसके जरिए यहां पर हरयाली लाने की कोशिश की जा रही है

07/10/2025

महर्षि वाल्मीकि
* महर्षि वाल्मीकि संस्कृत भाषा के आदि कवि और हिन्दुओं के आदि काव्य 'रामायण' के रचयिता के रूप में प्रसिद्ध है
* महर्षि कश्यप और अदिति के नवम पुत्र वरुण (आदित्य) से इनका जन्म हुआ
* इनकी माता चर्षणी और भाई भृगु थे
* महर्षि वाल्मीकि का जन्म आश्विन मास की पूर्णिमा को हुआ था जिसे शरद पूर्णिमा के अन्य नाम से भी जाना जाता है
* बचपन में भील समुदाय के लोग उन्हें चुराकर ले गए थे और उनकी परवरिश भील समाज में ही हुई
* वाल्मीकि से पहले उनका नाम रत्नाकर हुआ करता था रत्नाकर जंगल से गुजरने वाले लोगों से लूट-पाट करता था
* वरुण का एक नाम प्रचेत भी है, इसलिये इन्हें प्राचेतस् नाम से उल्लेखित किया जाता है
* उपनिषद के विवरण के अनुसार ये भी अपने भाई भृगु की भांति परम ज्ञानी थे
* एक बार ध्यान में बैठे हुए वरुण-पुत्र के शरीर को दीमकों ने अपना ढूह (बाँबी) बनाकर ढक लिया था साधना पूरी करके जब ये दीमक-ढूह से जिसे वाल्मीकि कहते हैं, बाहर निकले तो लोग इन्हें वाल्मीकि कहने लगे
* तमसा नदी के तट पर व्याध द्वारा क्रौंच पक्षी के जोड़े में से एक को मार डालने पर वाल्मीकि के मुंह से व्याध के लिए शाप के जो उद्गार निकले वे लौकिक छंद में एक श्लोक के रूप में थे
* इसी छंद में उन्होंने नारद से सुनी राम की कथा के आधार पर रामायण की रचना की
* कुछ लोगों का अनुमान है कि हो सकता है, महाभारत की भांति रामायण भी समय-समय पर कई व्यक्तियों ने लिखी हो और अतिम रूप किसी एक ने दिया हो और वह वाल्मीकि की शिष्य परंपरा का ही हो
● जिस वाल्मीकि के डाकू का जीवन बिताने का उल्लेख मिलता है, उसे रामायण के रचयिता से भिन्न माना जाता है
* पौराणिक विवरण के अनुसार यह रत्नाकर नाम का दस्यु था और यात्रियों को मारकर उनके धन से अपना परिवार पालता था
* एक दिन नारदजी भी इनके चक्कर में पड़ गए। जब रत्नाकर ने उन्हें भी मारना चाहा तो नारद ने पूछा-जिस परिवार के लिए तुम इतने अपराध करते हो, क्या वह तुम्हारे पापों का भागीदार बनने को तैयार है ?
* रत्नाकर नारद को पेड़ से बांधकर इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए घर गया वह यह जानकर स्तब्ध रह गया कि परिवार का कोई भी व्यक्ति उसके पाप का भागीदार बनने को तैयार नहीं है
* लौटकर उसने नारद के चरण पकड़ लिए और डाकू का जीवन छोड़कर तपस्या करने लगा। इसी में उसके शरीर को दीमकों ने अपना घर बनाकर ढक लिया, जिसके कारण यह भी वाल्मीकि के नाम से प्रसिद्ध हुआ
● एक अन्य विवरण के अनुसार इनका नाम अग्निशर्मा था और इन्हें हर बात उलटकर कहने में रस आता था इसलिए ऋषियों ने डाकू जीवन में इन्हें 'मरा' शब्द का जाप करने की राय दी
* तेरह वर्ष तक मरा रटते-रटते यही 'राम' हो गया। बिहार के चंपारन ज़िले का भैंसा लोटन गांव वाल्मीकि का आश्रम था जो अब वाल्मीकि नगर कहलाता है
● महर्षि वाल्मीकि पहले का नाम रत्नाकर था इनका जन्म पवित्र ब्राह्मण कुल में हुआ था, किन्तु डाकुओं के संसर्ग में रहने के कारण ये लूट-पाट और हत्याएँ करने लगे और यही इनकी आजीविका का साधन बन गया
* इन्हें जो भी मार्ग में मिल जाता, ये उसकी सम्पत्ति लूट लिया करते थे एक दिन इनकी मुलाक़ात देवर्षि नारद से हुई
* इन्होंने नारद जी से कहा कि 'तुम्हारे पास जो कुछ है, उसे निकालकर रख दो! नहीं तो जीवन से हाथ धोना पड़ेगा।' देवर्षि नारद ने कहा- 'मेरे पास इस वीणा और वस्त्र के अतिरिक्त है ही क्या? तुम लेना चाहो तो इन्हें ले सकते हो, लेकिन तुम यह क्रूर कर्म करके भयंकर पाप क्यों करते हो?
* देवर्षि की कोमल वाणी सुनकर वाल्मीकि का कठोर हृदय कुछ द्रवित हुआ। इन्होंने कहा- भगवान्! मेरी आजीविका का यही साधन है इसके द्वारा मैं अपने परिवार का भरण-पोषण करता हूँ।'
* देवर्षि बोले- 'तुम जाकर पहले अपने परिवार वालों से पूछकर आओं कि वे तुम्हारे द्वारा केवल भरण-पोषण के अधिकारी हैं या तुम्हारे पाप-कर्मों में भी हिस्सा बटायेंगे। तुम्हारे लौटने तक हम कहीं नहीं जायँगे। यदि तुम्हें विश्वास न हो तो मुझे इस पेड़ से बाँध दो।' देवर्षि को पेड़ से बाँध कर ये अपने घर गये
* इन्होंने बारी-बारी से अपने कुटुम्बियों से पूछा कि 'तुम लोग मेरे पापों में भी हिस्सा लोगे या मुझ से केवल भरण-पोषण ही चाहते हो।' सभी ने एक स्वर में कहा कि 'हमारा भरण-पोषण तुम्हारा कर्तव्य है। तुम कैसे धन लाते हो, यह तुम्हारे सोचने का विषय है। हम तुम्हारे पापों के हिस्सेदार नहीं बनेंगे।'
* अपने कुटुम्बियों की बात सुनकर वाल्मीकि के हृदय में आघात लगा उनके ज्ञान नेत्र खुल गये
* उन्होंने जल्दी से जंगल में जाकर देवर्षि के बन्धन खोले और विलाप करते हुए उनके चरणों में पड़ गये
* नारद जी ने उन्हें धैर्य बँधाया और राम-नाम के जप का उपदेश दिया, किन्तु पूर्वकृत भयंकर पापों के कारण उनसे राम-नाम का उच्चारण नहीं हो पाया
* तदनन्तर नारद जी ने सोच-समझकर उनसे मरा-मरा जपने के लिये कहा
● भगवान्नाम का निरन्तर जप करते-करते वाल्मीकि अब ऋषि हो गये। उनके पहले की क्रूरता अब प्राणिमात्र के प्रति दया में बदल गयी
* एक दिन इनके सामने एक व्याध ने क्रौंच पक्षी के एक जोड़े में से एक को मार दिया, तब दयालु ऋषि के मुख से व्याध को शाप देते हुए एक श्लोक निकला। वह संस्कृत भाषा में लौकिक छन्दों में प्रथम अनुष्टुप छन्द का श्लोक था
* उसी छन्द के कारण वाल्मीकि आदिकवि हुए। इन्होंने ही रामायण रूपी आदिकाव्य की रचना की
* वनवास के समय भगवान श्री राम ने स्वयं इन्हें दर्शन देकर कृतार्थ किया। सीता जी ने अपने वनवास का अन्तिम काल इनके आश्रम पर व्यतीत किया
* वहीं पर लव और कुश का जन्म हुआ। वाल्मीकि जी ने उन्हें रामायण का गान सिखाया
* इस प्रकार नाम-जप और सत्संग के प्रभाव से वाल्मीकि डाकू से ब्रह्मर्षि हो गये
* महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित महाकाव्य रामायण को दुनिया का सबसे प्राचीन काव्य का दर्जा प्राप्त है

नूडल्स* नूडल्स एक ऐसा फूड आइटम है, जिसे लगभग हर किसी ने कभी न कभी खाया ही होगा। कम समय के चलते या सिर्फ क्रेविंग शांत कर...
06/10/2025

नूडल्स
* नूडल्स एक ऐसा फूड आइटम है, जिसे लगभग हर किसी ने कभी न कभी खाया ही होगा। कम समय के चलते या सिर्फ क्रेविंग शांत करने के लिए इंस्टेंट नूडल्स खूब पसंद किए जाते हैं। इसलिए ये कहना गलत नहीं होगा कि नूडल्स दुनियाभर में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले फूड्स में से एक है।
* नूडल्स से दुनियाभर में कई तरह की डिशेज बनाई जाती हैं, जिनकी अपनी-अपनी खासियत और स्वाद है।
* माना जाता है कि नूडल्स का सफर चीन से शुरू हुआ था। वहां से दूसरे एशियाई देशों में पहुंचे।
* दूसरी सदी में लिखी गई चीन के हान साम्राज्य की एक किताब में इसका लिखित रिकॉर्ड मिलता है। उस दौर में नूडल्स को गेहूं के आटे से तैयार किया जाता था।
* सबसे पुराने नूडल्स चीन की यलो रिवर के पास पाए गए, जोकि करीब 4000 साल पुराने हैं।
* नूडल्स डे हर साल 6 अक्टूबर को मनाया जाता है, जो नूडल्स की लोकप्रियता और सांस्कृतिक महत्व का सम्मान करता है। यह दिन लोगों को अपनी पसंदीदा नूडल डिश बनाने या किसी रेस्तरां में खाने के लिए प्रोत्साहित करता है, और इसे मूल रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में शुरू किया गया था, लेकिन अब इसे दुनिया भर के नूडल प्रेमी मनाते हैं।
* नूडल्स 4,000 से अधिक वर्षों से मानव आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं, और यह दिन उस लंबी परंपरा का जश्न मनाता है।
* भारत में करीब 38% लोग ब्रेकफास्ट में इंस्टेंट नूडल्स खाते हैं। ईवनिंग स्नैक हो या नाइट डिनर, कोरोनाकाल में भी नूडल्स की खूब डिमांड बढ़ी है।
* इंटेलिजेंस एजेंसी Mintel के शोध की मानें तो 20% भारतीय नूडल्स को खाने के साथ स्नैक में लेते हैं, जबकि 64% नॉर्मली सेवन करते हैं। इसमें ये बात भी सामने आई कि 18-34 आयु वर्ग के 41% लोग समय बचाने के चक्कर में इंस्टेंट नूडल्स खाते हैं, जबकि 28% पैकेज्ड ब्रेकफास्ट के विकल्प पसंद करते हैं।
* इंस्टेट नूडल्स एक स्टडी की मानें तो 10,700 महिलाएं जो हफ्ते में दो बार नूडल्स खाती थीं, उनमें हार्ट रिस्क बढ़ गया। वहीं, अमरीका में नेशनल टॉक्सिकोलॉजी प्रोग्राम के तहत हुए शोध में शोधकर्ताओं ने पाया कि सप्ताह में दो बार से ज्यादा नूडल्स खाने वाली महिलाओं में मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से मेटाबॉलिक सिंड्रोम का रिस्क बना रहता है। साथ ही हार्ट रिस्क और डायबिटीज की आशंका को बढ़ाता है।
* नूडल्स से हो सकते हैं ये खतरे
> लिवर, किडनी और हार्ट अटैक
> मोटापा
> हाई ब्लड प्रेशर और हड्डियों के रोग
> सिर में दर्द या एलर्जी
> कैंसर
> बच्चों के विकास में बाधा
> मिसकैरेज का रिस्क
> मेमोरी लॉस
> किडनी को नुकसान
> न्यूरोलॉजी डिसऑर्डर

दुनिया के कुछ फेमस नूडल्स
* रामन एक जापानी नूडल सूप है जिसने अपने खास स्वाद के कारण दुनियाभर में अपना नाम बनाया हुआ है। इसकी पहचान इसके शानदार, गाढ़े और दिल को सुकून देने वाले ब्रोथ से होती है, जो अक्सर पोर्क, चिकन या सोया सॉस के बेस पर बनाया जाता है। इसमें पतले नूडल्स का इस्तेमाल होता है।
* चाऊमीन चीन की सबसे लोकप्रिय डिश है, जिसका चलन भारत में भी खूब है। इसे अक्सर तेज आंच पर तेल में नूडल्स को सब्जियों, चिकन या बीफ या झींगा और सोया सॉस जैसी चीजों के साथ तला जाता है।
* फो वियतनाम की नेशनल डिश है। यह एक राइस नूडल सूप है, जो आमतौर पर बीफ या चिकन से बनाया जाता है। इसके ब्रोथ को बनाने में घंटों लगते हैं, जिसमें कई खूशबूदार मसाले उबाले जाते हैं।
* पैड थाई एक स्टर फ्राइड राइस नूडल डिश है, जो थाईलैंड का मशहूर स्ट्रीट फूड है। इसे बनाने में पतले चावल के नूडल्स, अंडे, टोफू या श्रिंप, मूंगफली, और बीन स्प्राउट्स का इस्तेमाल होता है। पैड थाई नूडल्स कई थाइ डिशेज में इस्तेमाल किया जाता है।
* स्पेगेटी कार्बोनारा हालांकि एशियाई नूडल नहीं है, लेकिन यह एक क्लासिक इटैलियन पास्ता डिश है जो नूडल्स की ही श्रेणी में आता है। इसे भी दुनियाभर में काफी पसंद किया जाता है।

सर क्रीक* रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विजयदशमी के अवसर पर भुज एयरबेस से पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि...
04/10/2025

सर क्रीक
* रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विजयदशमी के अवसर पर भुज एयरबेस से पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान ने सर क्रीक इलाके में कोई हिमाकत की, तो उसे ऐसा करारा जवाब मिलेगा कि ‘इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएंगे.’
* यहां उन्होंने शस्त्र पूजा की. इस दौरान रक्षा मंत्री ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान को यह नहीं भूलना चाहिए कि कराची तक जाने का रास्ता क्रीक से होकर गुजरता है. उन्होंने कहा, ‘1965 की जंग में भारत की सेना ने लाहौर तक पहुंचने का सामर्थ्य दिखाया था. आज 2025 में पाकिस्तान को याद रखना चाहिए कि कराची का एक रास्ता क्रीक से होकर गुजरता है.’
* वैसे पहली नजर में हमें सर क्रीक गुजरात और सिंध के बीच 96 किलोमीटर की कीचड़ से सनी निर्जन दलदली जमीन से अधिक नहीं लगती. इसके बावजूद यह संकीर्ण ज्वारीय मुहाना दशकों से भारत और पाकिस्तान के बीच सबसे जटिल सीमा विवादों में से एक के केंद्र में रहा है. दोनों देश समुद्री सीमा की अलग-अलग व्याख्या करते हैं और इस कारण इसे एक विवादित क्षेत्र माना जाता है.
* अगर इसकी जियोग्रॉफी की बात करें तो सर क्रीक भारत के गुजरात राज्य को पाकिस्तान के सिंध प्रांत से अलग करते हुए अरब सागर में मिलती (मुहाना) है
* सर क्रीक कच्छ की खाड़ी में स्थित लगभग 96 किलोमीटर लंबी संकरी जलधारा है, जो भारत के गुजरात राज्य के कच्छ क्षेत्र और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच स्थित है.
* यह भारत और पाकिस्तान के बीच समुद्री सीमा से संबंधित है. 1947 में बंटवारे के बाद सिंध पाकिस्तान का हिस्सा बन गया और गुजरात भारत में रहा.
* यह ज्वारीय क्षेत्र समुद्री और जमीनी सीमाओं को जोड़ता है और सामरिक दृष्टि से बेहद अहम है.
* 1968 में, एक अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण (इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल) ने कच्छ के रण के अधिकांश सीमा मुद्दे को सुलझा लिया, लेकिन कई दौर की बातचीत के बावजूद सर क्रीक अनसुलझा रहा. भारत चाहता है कि पहले समुद्री सीमा का सीमांकन किया जाए, जबकि पाकिस्तान का कहना है कि विवाद को उससे पहले ही सुलझा लिया जाना चाहिए.
* इस विवाद की जड़ 1914 के मुंबई प्रेजिडेंसी और सिंध के बीच हुए समझौते में है. उस समय सर क्रीक के पूर्वी तट को सीमा माना गया था, लेकिन पाकिस्तान का दावा है कि सीमा पश्चिमी तट से गुजरती है. भारत कहता है कि ऐतिहासिक दस्तावेजों के मुताबिक सीमा मध्य रेखा पर तय है.
* सर क्रीक क्षेत्र के महत्व के पीछे दो बड़े कारण हैं. यह इलाका अरब सागर के नजदीक है और यहां से पाकिस्तान के कराची पोर्ट तक पहुंचने का मार्ग है.
* वहीं सर क्रीक के आसपास के समुद्री इलाकों में हाइड्रोकार्बन और प्राकृतिक गैस के भंडार होने की संभावना है. यही वजह है कि सीमा की सही रेखा तय न हो पाने के कारण दोनों देशों में दशकों से विवाद चलता रहा है.

02/10/2025

गांधी जयंती
* हर वर्ष 2 अक्टूबर को गांधी जयंती मनाया जाता है
* भारत के राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी जिन्हें बापू या महात्मा गांधी के नाम से भी जाना जाता है, के जन्म दिन 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है
* महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था
* गांधी जयंती भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है
* इस दिन को विश्व अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है
* 15 जून 2007 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में 2 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस स्थापित करने के लिए महासभा के सभी सदस्यों ने 2 अक्टूबर को इस रूप में स्वीकार किया
* इस सिलसिले में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के रखे गए प्रस्ताव को व्यापक समर्थन मिला था महासभा के कुल 191 सदस्य देशों में से 140 से भी ज़्यादा देशों ने इस प्रस्ताव को सह-प्रायोजित किया था
* अफ़गानिस्तान, नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, भूटान जैसे भारत के पड़ोसी देशों के अलावा अफ़्रीका और अमरीका महाद्वीप के कई देश शामिल थे जिन्होंने भारत का समर्थन किया था
* मौजूदा विश्व व्यवस्था में अहिंसा की सार्थकता को मानते हुए बिना मतदान के ही सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को पारित कर दिया गया था
* सम्पूर्ण विश्व में शांति स्थापित करना और अहिंसा का मार्ग अपनाना इस दिवस का मुख्य उद्देश्य है
* वस्तुतः गांधीजी विश्व भर में उनके अहिंसात्मक आंदोलन के लिए जाने जाते हैं और यह दिवस उनके प्रति वैश्विक स्तर पर सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है
* राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने भारत की स्वतंत्रता के लिए लम्बी लड़ाई लड़ी थी उन्होंने सत्य और अहिंसा के आदर्शों पर चलकर भारत को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराया था
* गांधी जयंती के रूप में उनके जन्मदिन मनाकर देश राष्ट्रपिता को श्रद्धासुमन अर्पित करता हैं
* आज के विद्यार्थियों एवं युवा पीढ़ी बापू के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाए तथा देश हित के लिए अपना योगदान दे इसी उद्देश्य से गांधी जयंती का आयोजन किया जाता हैं

विजयादशमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
02/10/2025

विजयादशमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

विजयदशमी (दशहरा)
* विजयदशमी को दशहरा के नाम से भी जाना जाता है
* विजयदशमी हिंदुओं का एक प्रमुख त्यौहार है
* विजयदशमी एक राष्ट्रीय त्यौहार है
* विजयदशमी हर्ष उल्लास पर विजय का पर्व है
* विजयदशमी आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है
* यह पर्व नवरात्र के दसवें दिन मनाया जाता है
* यह पर्व क्षत्रियों का माना जाता है
* माना जाता है कि भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था
* मान्यता है कि मां दुर्गा ने इसी दिन महिषासुर पर विजय प्राप्त किया था
* इस पर्व को असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है
* इस दिन लोग शस्त्र की पूजा करते हैं और नया कार्य प्रारंभ करते हैं
* ऐसा विश्वास है कि इस दिन जो कार्य आरंभ किया जाता है उसमें विजय मिलती है
* दशहरा वर्ष की तीन अत्यंत शुभ तिथियों में से एक है अन्य दो हैं चैत्र शुक्ल एवं कार्तिक शुक्ल
* प्राचीन काल में राजा लोग इसकी दिन विजय की प्रार्थना कर रण यात्रा के लिए प्रस्थान करते थे
* इस दिन जगह-जगह मेले का आयोजन होता है
* रामलीला के आयोजन में इस दिन रावण का विशाल पुतला जलाया जाता है
* भारतीय संस्कृति वीरता का पूजा का शौर्य की उपासक है व्यक्ति और समाज के रक्त में वीरता प्रकट हो इसलिए दशहरा का उत्सव मनाया जाता है
* दशहरा का पर्व 10 प्रकार के पापों काम, क्रोध, लोभ, मोह मद, मत्सर, अहंकार, आलस्य, हिंसा, चोरी के परित्याग की सदप्रेरणा प्रदान करता है
* इस दिन नीलकंठ का दर्शन करना शुभ माना जाता है
* ब्रज के मंदिरों में इस दिन विशेष दर्शन होता है
* कहीं-कहीं इस दिन भैंस या बकरे की बलि दी जाती है
* मराठा रत्न शिवाजी ने इसी दिन औरंगजेब के विरुद्ध प्रस्थान कर के हिंदू धर्म की रक्षण किया था
* इस पर्व को भगवती के विजय नाम पर भी विजयादशमी कहते हैं
* इस दिन दो विशेष वनस्पतियों की पूजन का महत्व है एक शमी का वृक्ष दूसरा अपराजिता
* भारत में यह पर्व विभिन्न प्रदेशों में विभिन्न प्रकार से मनाया जाता है
> महाराष्ट्र में इस अवसर पर सिलंगण के नाम से सामाजिक महत्व के रुप में मनाया जाता है
> हिमाचल का कुल्लू दशहरा बहुत प्रसिद्ध है
> पंजाब में यह पर्व नवरात्रि के 9 दिन उपवास रख कर मनाया जाता है
> बस्तर में लोग मां दंतेश्वरी की आराधना को समर्पित यह पर्व मनाते हैं
> बंगाल उड़ीसा और असम में यह पर्व दुर्गा पूजा के रूप में ही मनाया जाता है
> तमिलनाडु आंध्र प्रदेश कर्नाटक में दशहरा 9 दिन तक चलता है जिसमें 3 देवियों लक्ष्मी सरस्वती दुर्गा की पूजा की जाती है
> गुजरात में गरबा नृत्य इस पर्व की शान है
> कर्नाटक के मैसूर का दशहरा पूरे भारत में प्रसिद्ध है

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल
01/10/2025

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)
* RSS विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संस्थान और एक हिंदू संगठन है
* RSS की स्थापना 27 सितंबर 1925 को विजयादशमी के दिन डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी
* RSS का मुख्यालय महाराष्ट्र के नागपुर में है
* RSS की पहली शाखा में सिर्फ 5 लोग शामिल थे पर आज इसकी देशभर में 60000 से अधिक शाखा है और हर शाखा में 100 से अधिक लोग शामिल है
* RSS की पत्रिकाएं देश भर में लाखो लोग पढ़ते हैं
* RSS का दुनिया भर में 55 अनुसांगिक संगठन है
* RSS भारत समेत दुनिया के 40 देशों में है
* सेवा भारती, विद्या भारती, संस्कार भारती, मजदूर संघ, बजरंग दल और राष्ट्रीय सिख संगत RSS के ही घटक है
* RSS संसार का अकेला ऐसा संगठन है जिसमें आज तक भ्रष्टाचार या अनैतिकता की स्थिति नहीं आई है
* संघ विचार परिवार द्वारा देश के 30 प्रांतों में 11498 स्थानों पर 25028 सेवा प्रकल्प चलाए जा रहे हैं
* 30 जनवरी 1948 को जब नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या की तब कहा गया की गोडसे RSS का ही सदस्य है जबकि गोडसे 1930 में ही RSS छोड़ दिए थे
* गांधी की हत्या के बाद पूरी दुनिया को पता चला कि भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नाम का कोई संगठन भी है
* गांधी की हत्या के बाद सरदार पटेल ने RSS पर बैन लगा दिया था जिसे नेहरु पूरी तरह से हमेशा के लिए बैन चाहते थे पर सबूतों के अभाव में पटेल ने ऐसा करने से मना कर दिया
* 1949 में RSS से बैन हटा लिया गया था
* RSS अक्टूबर 1947 से ही कश्मीर सीमा पर पाकिस्तानी सेना की गतिविधियों पर बगैर किसी प्रशिक्षण के नजर रखी हुई थी
* जब विभाजन के दंगे भड़कने पर नेहरू परेशान थे तब संघ ने पाकिस्तान से जान बचाकर आए शरणार्थियों के लिए 3000 राहत शिविर लगाए थे
* 1962 के युद्ध में सेना की मदद के लिए देशभर से संघ के स्वयंसेवक जिस उत्साह से सीमा पर पहुंचे थे उसे पूरी देश ने देखा और सराहा भी था
* RSS की देशभक्ति को देखकर ही नेहरु ने 1963 के 26 जनवरी परेड में RSS को भी शामिल किया था
* कश्मीर विलय हेतु सरदार पटेल ने संघ संचालक गुरु गोलवलकर से मदद मांगी तब गुरू श्रीनगर पहुंचे और महाराजा से मिले जिसके बाद महाराजा ने भारत विलय हेतु प्रस्ताव दिल्ली भेजा था
* 1965 के युद्ध मे शास्त्री जी ने संघ से दिल्ली यातायात नियंत्रण को अपने हाथ में लेने को कहा ताकि इसमें लगे पुलिसकर्मियों को सेना के मदद को भेजा जा सके
* युद्ध के समय घायल जवानों के लिए रक्तदान करने वाले सबसे पहले संघ स्वयंसेवक होते थे
* जमीदारी प्रथा खत्म कराने और गोवा को भारत में मिलाने में संघ की अहम भूमिका रही
* आपातकाल मे संघ ने जनता पार्टी का गठन करवया
* RSS के सदस्य ज्यादातर काम खुद करते हैं जैसे कपड़े धोना भोजन बनाना आदि
* RSS का अपना झंडा है जो भगवा रंग का है
* RSS में महिलाएं नहीं है
* RSS में मुस्लिम भी हैं
* BJP के कई बड़े नेता वाजपेयी, आडवाणी, मोदी RSS के प्रचारक रह चुके हैं
* RSS की क्लास शाखा के रुप में लगती है

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर विशेष
23/08/2025

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर विशेष

अंतरिक्ष (Space)
* अंतरिक्ष में आप रो नहीं सकते क्योंकि आंसू नीचे ही नहीं गिरेंगे
* अंतरिक्ष सूट को बनाने में 12 मिलियन डॉलर खर्च होता है
* अंतरिक्ष में यदि दो धातु के टुकड़े को आपस में स्पर्श करें तो वह स्थाई रूप से जुड़ जाते हैं
* किसी अंतरिक्ष यान को वायुमंडल से बाहर निकलने के लिए कम से कम 7 मील प्रति सेकंड की गति चाहिए ऐसा क्यों ज्ञात नहीं है
* अंतरिक्ष में रीढ़ की हड्डी पर खिंचाव ना होने के कारण यात्रियों की लंबाई 2.25 इंच बढ़ जाता है
* अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण के ना होने के कारण कमजोरी आता है जो 2 से 3 दिन बाद ठीक होता है
* 1962 में अमेरिका ने अंतरिक्ष में हाइड्रोजन बम विस्फोट किया था जो हिरोशिमा से सौ गुना शक्तिशाली था
* अंतरिक्ष में पहली सेल्फी 1966 में बज एल्ड्रिन द्वारा खींची गई जिसकी कीमत 600000 रूपया है
* Space में गुरुत्वाकर्षण न होने के कारण Space यात्री भोजन पर नमक या मिर्च नहीं छिड़क सकते. और वे भोजन भी द्रव्य के रूप में लेते है, ऐसा इसलिए है क्योकीं सूखे भोजन हवा में तैरने लगेगें और इधर उधर टकराने के साथ ही Space यात्री की आंख में भी घुस जाएगा
* 12 अप्रैल 1961 को सोवियत संघ ने पहला इंसान यूरी गैगरीन को अंतरिक्ष में भेजा
* Space यान में सोना काफी चुनौती भरा होता है। अंतरिक्ष यात्री को सोने के लिए काफी मेहनत करनी होती है। उन्हें आंखों पर पट्टी बांध कर एक बंक में सोना होता है ताकि वह तैरने और इधर-उधर टकाराने से बच सके.
* पृथ्वी से आसमान नीला दिखाई देता है और सूर्य लाल पर पर अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष से काला दिखाई देता है
* अंतरिक्ष यात्रियों की माने तो, Space में वैल्डिंग के धुएँ और गर्म धातु जैसी बदबू आती हैं
* NASA अंतरिक्ष यात्रियो के लिए 3D पिज्जा विकसित कर रहा हैं
* Space में जाने वाले एस्ट्रोनॉट वहां पाद नहीं सकते, क्योंकि वहां गुरुत्व नहीं है, जो पेट में द्रव्य को गैस से अलग कर सके
* Space में यदि आप किसी के सामने खड़े रहकर भी तेज चिल्लाएंगे तो भी वह आपकी आवाज नहीं सुन पायेगा क्योकि वहां पर आपकी आवाज को एक स्थान से दुसरे स्थान तक पहुचाने का कोई माध्यम नहीं हैं
* अगर आप Space में जाते है तो आप गला घुटने की बजाए शरीर के फटने से पहले मर जाएगें क्योंकि वहाँ पर हवा का दबाब नही हैं
* ‘The Great Wall Of China‘ अंतरिक्ष से देखने पर नजर नही आती क्योकीं चीन में वायु प्रदूषण बहुत ज्यादा हैं
* आप स्पेस सूट को पहनकर सीटी नही मार सकते. क्योकिं इसमें हवा का Pressure बहुत कम होता हैं
* अगर मनुष्य को बिना किसी सुरक्षा उपाय के स्पेस में छोड़ दिया जाए तो वह केवल 2:00 मिनट तक ही जीवित रहेगा
* International Space Station का आकार फुटबॉल के मैदान जितना है
* 1984 में अमेरिकी एस्ट्रोनॉट ब्रूस मैक्कैंड्लेस यान से निकलकर अंतरिक्ष में विचरण करने वाले पहले मानव बने
* 23 अप्रैल, 1967 को व्लादिमीर कोमारोव अंतरिक्ष मे मरने वाले पहले व्यक्ति हैं

आने वाले यातायात को प्राथमिकता (priority for oncoming traffic)* आने वाले यातायात को प्राथमिकता सड़क चिन्ह, जैसा कि नाम...
20/08/2025

आने वाले यातायात को प्राथमिकता  (priority for oncoming traffic)
* आने वाले यातायात को प्राथमिकता सड़क चिन्ह, जैसा कि नाम से पता चलता है, एक ऐसा चिन्ह है जो यह दर्शाता है कि आपकी ओर आ रहे यातायात को आप पर प्राथमिकता है।
* इसका मतलब है कि आपको अपनी लेन में प्रवेश करने से पहले आने वाले यातायात को रास्ता देना होगा।
* यह चिन्ह आमतौर पर एक लाल बॉर्डर और सफेद पृष्ठभूमि के साथ एक गोल आकार में होता है।
* यह चिन्ह सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करता है, खासकर उन जगहों पर जहां सड़क संकरी होती है या जहां दो दिशाओं से आने वाले यातायात को एक साथ गुजरना मुश्किल होता है।
* यातायात का सुचारू प्रवाह: यह चिन्ह यातायात को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है, जिससे भीड़भाड़ और दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।
* उदाहरण: यह चिन्ह अक्सर उन संकीर्ण सड़कों पर लगाया जाता है जहां दो वाहन एक साथ नहीं गुजर सकते।
* यह पुलों और सुरंगों के पास भी लगाया जाता है, जहां सड़क की चौड़ाई सीमित होती है।

अन्य संबंधित संकेत:
* आने वाले यातायात को रास्ता दें: यह चिन्ह दर्शाता है कि आपको आने वाले यातायात को रास्ता देना होगा, लेकिन यह आवश्यक नहीं है कि आप अपनी लेन में प्रवेश करने से पहले पूरी तरह से रुक जाएं।
* रुको: यह चिन्ह दर्शाता है कि आपको पूरी तरह से रुकना होगा और आने वाले यातायात को रास्ता देना होगा।
* इन संकेतों का पालन करना सड़क सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

बी सुदर्शन रेड्डी* बी सुदर्शन रेड्डी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए INDIA ब्लॉक की ओर से उम्मीदवार होंगे. * जस्टिस बी सुदर्शन...
19/08/2025

बी सुदर्शन रेड्डी
* बी सुदर्शन रेड्डी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए INDIA ब्लॉक की ओर से उम्मीदवार होंगे.
* जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज रह चुके हैं.
* कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को बी सुदर्शन रेड्डी के नाम की घोषणा की. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उपराष्ट्रपति पद के लिए बी सुदर्शन रेड्डी के नाम पर सभी विपक्षी दल एकमत हैं.
* NDA ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए सीपी राधाकृष्णन का नाम घोषित कर द्रविड पार्टियों के लिए धर्मसंकट की स्थिति पैदा करने की कोशिश की थी. क्योंकि दक्षिण की पार्टी होकर दक्षिण के कैंडिडेट का विरोध करना उनके लिए राजनीतिक रूप से मुफीद नहीं हो सकता था. लेकिन बी सुदर्शन रेड्डी का नाम पेश कर INDIA ब्लॉक ने एनडीए की इस चाल को मात दे दी है.
* बी. सुदर्शन रेड्डी का जन्म 8 जुलाई, 1946 को हुआ था. उन्होंने बीए और एलएलबी की पढ़ाई की है.
* बी. सुदर्शन रेड्डी का न्यायशास्त्र में समृद्ध करियर रहा है.
* 27 दिसंबर, 1971 को वे हैदराबाद में आंध्र प्रदेश बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकृत हुए.
* उन्होंने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में रिट और सिविल मामलों में प्रैक्टिस की है.
* बी. सुदर्शन रेड्डी ने 1988-90 के दौरान उच्च न्यायालय में सरकारी वकील के रूप में काम किया.
* उन्होंने 1990 के दौरान 6 महीने की अवधि के लिए केंद्र सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील के रूप में भी काम किया.
* उन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय के लिए कानूनी सलाहकार और स्थायी वकील के रूप में काम किया.
* 2 मई, 1995 को उन्हें आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया।.
* उन्हें 05.12.2005 को गुवाहाटी उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया.
* सुप्रीम कोर्ट में बतौर न्यायाधीश उनका करियर 12 जनवरी 2007 को शुरू हुआ. यहां से वह 8 जुलाई 2011 को रिटायर हुए.
* तेलंगाना की सोशल इंजीनियरिंग में बी. सुदर्शन रेड्डी का बड़ा रोल रहा है. तेलंगाना सरकार ने 2023 के विधानसभा चुनावों में किए गए वादे के तहत सामाजिक-आर्थिक, शैक्षिक, रोजगार, राजनीतिक और जातिगत सर्वेक्षण (SEEEPC) शुरू किया था. इस सर्वेक्षण के आंकड़ों का विश्लेषण करने और इसकी सटीकता सुनिश्चित करने के लिए एक विशेषज्ञ पैनल का गठन किया गया जिसकी अध्यक्षता बी. सुदर्शन रेड्डी ने की.
* इस पैनल का मुख्य उद्देश्य था कि सर्वेक्षण में एकत्र किए गए डेटा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो. इसके अलावा इस पैनल की यह भी जिम्मेदारी थी कि वह यह सुनिश्चित करे कि आंकड़े विश्वसनीय, पारदर्शी और नीति निर्माण के लिए उपयोगी हों.
* दरअसल इंडिया ब्लॉक उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए किसी ऐसे चेहरे पर दांव लगाना चाहता था जिनकी विश्वसनीयता और साख सवालों से परे हो और साथ ही साथ वो गैर राजनीतिक व्यक्ति हो. रेड्डी इस मानक पर खरे उतर रहे थे.
* इंडिया ब्लॉक का कहना है कि एनडीए अपने कैंडिडेट को संघ से लेकर आई है जबकि हम सुप्रीम कोर्ट से लेकर आए हैं.
* बी सुदर्शन रेड्डी का नाम विपक्ष में शामिल सभी दलों की मांग को पूरा करता है.
* डीएमके उपराष्ट्रपति पद के लिए दक्षिण भारत से किसी का नाम चाहता था. वहीं तृणमूल कांग्रेस गैर राजनीतिक व्यक्ति का नाम चाहता था. सुदर्शन रेड्डी के नाम से उनकी ये अभिलाषा पूरी हो गई है.
* आम आदमी पार्टी ने भी बी सुदर्शन रेड्डी को अपना समर्थन देने की घोषणा की है.

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