23/03/2026
#कलमसत्यकी ✍️©️
-----------------------------------------------
सेवा-संकल्प और अटूट विश्वास के 25 वर्ष
-------------------------------------------------------
यूँ ही नहीं कोई नरेंद्र मोदी कहलाता है,
बिना रुके-बिना थके सालों-साल चलता चला जाता है,
यूँ ही नहीं कोई नरेंद्र मोदी कहलाता है।
हिमालय की गोद में रहकर तपस्या कर तेज लाया है,
देश की मिट्टी को जिसने अपने माथे से लगाया है,
रातों की नींद तज कर जो सपनों को जगाता है,
यूँ ही नहीं कोई नरेंद्र मोदी कहलाता है।
डिजिटल क्रांति हो या जन-धन का सहारा,
चांद के दक्षिणी ध्रुव पर भी चमका तिरंगा हमारा,
जो अंतरिक्ष से पाताल तक नया कीर्तिमान बनाता हैं,
यूँ ही नहीं कोई नरेंद्र मोदी कहलाता है।
कठिन राह पर भी जो निर्भीक मुस्कुराता है,
विरोध के सैलाब से भी जो नहीं डगमगाता है,
असंभव को भी संभव करने का जो हुनर दिखाता है,
यूँ ही नहीं कोई नरेंद्र मोदी कहलाता है।
थक हार के बैठना जिनकी फितरत नहीं,
विश्राम शब्द जिसके जीवन पुस्तक में नहीं,
कर्तव्य को ही जो अपना आराध्य बताता है,
यूँ ही नहीं कोई नरेंद्र मोदी कहलाता है ।
एक हाथ में विकास दूजे विरासत की डोरी है,
नया भारत बनाने की जिद जिसने कभी न छोड़ी है,
कोटि-कोटि भारतीयों में विश्वास की लौ जलता है,
यूँ ही नहीं कोई नरेंद्र मोदी कहलाता है।
जो काशी का वैभव और अयोध्या-धाम सजाता है,
जो बिखरे हुए भारत को फिर एक सूत्र में पिरोता है,
जो आधुनिकता के संग विरासत का शंख बजाता है,
यूँ ही नहीं कोई नरेंद्र मोदी कहलाता है।
दुनिया के मंचों पर अब भारत की हुंकार अलग है,
दुश्मन भी जान गया है भारत की रफ़्तार अलग है,
जो विश्व गुरु बनने का सपना युवा आंखों में सजाता है,
यूँ ही नहीं कोई नरेंद्र मोदी कहलाता है ।।
-----------------
कृत:
सत्येंद्र कुमार शर्मा।
स्वच्छता दूत
संस्थापक- मेरा देश मेरा दायित्व
वृद्धजनों की सेवा पर्यावरण सुरक्षा।