13/07/2026
शत्रुनाशकरं स्तोत्रं ज्ञानविज्ञानदायकम् ।सर्वपापं शमं याति दत्तात्रेय नमोऽस्तुते |
श्लोक
शत्रुनाशकरं स्तोत्रं ज्ञानविज्ञानदायकम् ।
सर्वपापं शमं याति दत्तात्रेय नमोऽस्तुते ॥
श्लोक का अर्थ:
"यह स्तोत्र शत्रुओं (बाहरी और आंतरिक जैसे काम, क्रोध, लोभ आदि) का नाश करने वाला है। यह ज्ञान और विज्ञान प्रदान करता है। इसके प्रभाव से सभी पाप शांत (नष्ट) हो जाते हैं। हे दत्तात्रेय भगवान, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है।"