Bankebihari vrindavan wale

Bankebihari vrindavan wale Shri Krishna

13/07/2026
भगवान श्रीकृष्ण Vishnu के 24 अवतारों में से एक थे और उनकी प्रेमिका Radha लक्ष्मी का स्वरूप थीं, ये बात लगभग सभी लोग जानत...
06/07/2026

भगवान श्रीकृष्ण Vishnu के 24 अवतारों में से एक थे और उनकी प्रेमिका Radha लक्ष्मी का स्वरूप थीं, ये बात लगभग सभी लोग जानते हैं। अनेक पुराणों में ये बात बताई गई हैं। लेकिन देवी पुराण में इस विषय पर बहुत सी ऐसी बात बताई गई है, जो बहुत कम लोग जानते हैं।

1. देवी पुराण के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण, विष्णु के नहीं बल्कि मां काली के अवतार थे। वहीं उनकी प्रेमिका राधा, देवी लक्ष्मी का स्वरूप नहीं अपितु महादेव का अवतार थीं। इस पुराण के अनुसार पृथ्वी का भार समाप्त करने से लिए द्वापर के अंत में महादेव की इच्छा से मायापुरुष का रूप धारण कर देवकी के गर्भ से पृथ्वीलोक में अवतार लिया था।

2. देवीपुराण के अनुसार भगवान महादेव वृषभानुपुत्री राधा के रूप में जन्में। साथ ही श्रीकृष्ण की आठ पटरानियां रुक्मिणी, सत्यभामा आदि भी महादेव का ही अंश थीं। पार्वती की जया-विजया नामक सखियां श्रीदाम और वसुदाम नामक गोप के रूप अवतरित हुईं।

3. देवी पुराण के अनुसार भगवान विष्णु ने बलराम तथा अर्जुन के रूप में अवतार लिया। पांडव जब वनवास के दौरान कामाख्य शक्तिपीठ पहुंचे तो वहां उन्होंने तप किया, इससे प्रसन्न होकर माता प्रकट हुई और उन्होंने पांडवों से कहा कि मैं श्रीकृष्ण के रूप में तुम्हारी सहायता करूंगी तथा कौरवों का विनाश करूंगी।

4. जब कौरवों और पांडवों में युद्ध होने वाला था तब भी पांडवों से सबसे पहले मां भगवती का पूजन किया था जिससे प्रसन्न होकर माता ने उन्हें विजयश्री का आशीर्वाद दिया था। देवीपुराण के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने कंस का वध मां काली के रूप में ही किया था।

5. महाभारत के युद्ध के बाद भगवान श्रीकृष्ण के रूप में अवतरित मां काली ने पुन: अपने धाम जाने का विचार किया। तब श्रीकृष्ण समुद्र के किनारे पहुंचे, इसी समय वहां नंदी, सिंह द्वारा खींचा जाने वाला रत्नजटित रथ लेकर अंतरिक्ष से वहां आ गए।

6. समुद्र के तट पर आए हुए श्रीकृष्ण को देखकर देवताओं ने प्रसन्नचित्त होकर पुष्प वर्षा की। तभी भगवान श्रीकृष्ण अचानक काली का रूप धारण कर सिंह के द्वारा खींचे जाने वाले रथ पर चढ़ कर कैलाश की ओर चले गए और महादेव का अंश स्वरूप रुक्मिणी आदि पटरानियां भी अपने लोक को चली गईं।


05/07/2026

बांके बिहारी जी के दर्शन

03/07/2026
महाभारत युद्ध से पहले, श्री कृष्ण हस्तिनापुर गए और शांतिदूत बनकर पांडवों के लिए केवल पाँच गाँव ही माँगे थे। दुर्योधन ने ...
03/07/2026

महाभारत युद्ध से पहले, श्री कृष्ण हस्तिनापुर गए और शांतिदूत बनकर पांडवों के लिए केवल पाँच गाँव ही माँगे थे। दुर्योधन ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और सुई की नोक के बराबर ज़मीन देने से भी इनकार कर दिया। जब शांति के सभी रास्ते बंद हो गए, तब कृष्ण ने यह स्पष्ट किया कि धर्म की स्थापना करना ही एकमात्र विकल्प है। इसलिए श्री कृष्ण ने महाभारत का युद्ध करवाया ताकि अधर्म, अत्याचार और अहंकार का विनाश करके धर्म की पुनः स्थापना की जा सके। श्रीकृष्ण ने स्वयं गीता में कहा है कि जब-जब धर्म की हानि होती है, वे अधर्म का नाश करने के लिए अवतरित होते हैं।🔥

02/07/2026

#बांकेबिहारीवृंदावनवाले
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत ।अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ॥परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्‌ ।धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे ॥

हिंदी अर्थश्लोक १ का अर्थ: "हे अर्जुन! जब-जब धर्म (कर्तव्य और नैतिकता) की हानि होती है और अधर्म (अन्याय, पाप) बढ़ने लगता है, तब-तब मैं स्वयं (अवतार के रूप में) प्रकट होता हूँ।"

श्लोक का मुख्य भाव (Summary)यह श्लोक हमें सिखाता है कि जब भी दुनिया में अहंकार, अत्याचार और अधर्म चरम सीमा पर पहुँचता है, तब सत्य और अच्छाई की रक्षा के लिए कोई न कोई दिव्य शक्ति या मार्गदर्शक अवश्य उत्पन्न होता है। यह हमें बुराई पर अच्छाई की जीत का भरोसा दिलाता है।

बहुत ही सुंदर भजन और आवाज  #बांकेबिहारीवृंदावनवाले
02/07/2026

बहुत ही सुंदर भजन और आवाज
#बांकेबिहारीवृंदावनवाले

जय बृज जन कुल पाल लाल गोवर्धन धारी ,रक्षा करो गुपाल लाल गोवर्धन धारी llजय उदार कमलेश सुदामाहि सर्वस दीन्हों ,अर्जुन वश ह...
02/07/2026

जय बृज जन कुल पाल लाल गोवर्धन धारी ,
रक्षा करो गुपाल लाल गोवर्धन धारी ll
जय उदार कमलेश सुदामाहि सर्वस दीन्हों ,
अर्जुन वश है सखा भाव सारथि पन कीन्होंll
ब्रह्म अस्त्र सों जरी जरी उत्तरा पुकारी ,
भूप परीक्षित गर्भ ज़रन नहिं दियो मुरारी l
महाभारत भारईबाल ढके गज घंटा टारी ll
रक्षा करो ................
राखी द्रोपदि लाज लक्षगृह पाण्ड बचाये ,
तप्त तेल में भक्त सुधन्वा जरन न पाये l
अवा उबारे बिल्लीसुत प्रहलाद सो ,
राख गरल गिरि अनल सर्प सों जान जगत सो l
धरि नरहरि बपु हाल असुर उर दियो बिदारी ll
रक्षा करो .........
कहा संकट नहिं सह्यौ तुम्हन शरनागत कारन ,
ऊखल बँधे सुजन कुबेर पुत्रन निस्तारन l
राखी भीषण टेक भूप नृप कूप उवारन,
निज चरनाम्बुज भक्ति देहु प्रभु पतित उधारन l
मेंटहु भव जंजाल "शांत" सेवक बलिहारी ll
रक्षा करो गुपाल लाल गोवर्धन धारी llराधे -राधे...🙏🌹💫💢💖💦🌾

श्री धाम वृंदावन के सबसे प्रिय सप्त ठाकुर सप्त निधि के आज के दिव्य दर्शन...🙏🌹💫💖✨

🙏 एक बार कमेंट में लिखिए — राधे राधे 🙏राधा के प्रेम में कृष्ण ने क्या-क्या नहीं किया…कहते हैं प्रेम जब सच्चा हो तो भगवान...
02/07/2026

🙏 एक बार कमेंट में लिखिए — राधे राधे 🙏

राधा के प्रेम में कृष्ण ने क्या-क्या नहीं किया…

कहते हैं प्रेम जब सच्चा हो तो भगवान भी अपने भक्त और अपने प्रेम के लिए अपना रूप बदल लेते हैं।

एक बार श्रीकृष्ण ने राधा रानी के प्रेम की परीक्षा लेने के लिए नहीं, बल्कि उनके प्रेम की गहराई को दुनिया को दिखाने के लिए एक अनोखी लीला रची।

कृष्ण एक साधारण चूड़ी बेचने वाले का रूप धारण करके बरसाने की गलियों में पहुँच गए। हाथों में सुंदर-सुंदर चूड़ियाँ थीं और आवाज लगा रहे थे —
"चूड़ी ले लो… सुंदर चूड़ी ले लो…"

जब राधा रानी ने उन्हें देखा तो पहचान तो नहीं पाईं, लेकिन उनके हृदय ने उस प्रेम को पहचान लिया जो शब्दों से परे था।

राधा ने पूछा — "चूड़ी वाले, इन चूड़ियों की कीमत क्या है?"

कृष्ण मुस्कुराए और बोले —
"इनकी कीमत धन नहीं है राधे… बस अपना प्रेम दे दो।"

राधा रानी के चेहरे पर मुस्कान आ गई, क्योंकि प्रेम तो पहले ही कृष्ण के नाम कर चुकी थीं।

कहते हैं उस पल कृष्ण ने समझाया कि
जो प्रेम राधा के लिए था, वही प्रेम संसार के लिए भक्ति का मार्ग बन गया।

भगवान कृष्ण द्वारिका के राजा थे, लेकिन राधा के प्रेम में वही कृष्ण कभी मुरली वाले बने, कभी ग्वाले बने और कभी चूड़ी बेचने वाले।

क्योंकि प्रेम में पद नहीं देखा जाता…
प्रेम में सिर्फ समर्पण देखा जाता है। ❤️

राधा नाम ही वो शक्ति है, जिसके आगे कृष्ण भी प्रेम से झुक जाते हैं। 🌸

🙏 राधे राधे 🙏

Baba Yash✍️

Address

Vrindavan

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Bankebihari vrindavan wale posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share