Theth Bharat - ठेठ भारत

Theth Bharat - ठेठ भारत "राष्ट्रवाद का उदय" धर्मों रक्षति रक्षितः
(1)

मुसलमान अल्लाह के अलावा किसी से नहीं डरताअगर डरता है तो वो सिर्फ योगी जी से 🔥🔥कैसे वो दरअसल ऐसे 👇
01/01/2026

मुसलमान अल्लाह के अलावा किसी से नहीं डरता

अगर डरता है तो वो सिर्फ योगी जी से 🔥🔥

कैसे वो दरअसल ऐसे 👇

" 1 जनवरी की इस बेरहम, ठिठुरती खामोशी में, तुम्हारी यादों की अलाव तापते हुए।"मेरी जान,बाहर दिसंबर अपनी पूरी हेकड़ी के सा...
01/01/2026

" 1 जनवरी की इस बेरहम, ठिठुरती खामोशी में, तुम्हारी यादों की अलाव तापते हुए।"

मेरी जान,

बाहर दिसंबर अपनी पूरी हेकड़ी के साथ खड़ा है। हवाएं ऐसे चल रही हैं जैसे किसी पुराने दुश्मन ने बदला लेने की कसम खा ली हो। शहर ने कोहरे की एक मटमैली चादर ओढ़ रखी है, ठीक वैसे ही जैसे उदासी मेरे मन को ओढ़े रहती है जब तुम पास नहीं होती। खिड़की के शीशे पर जमा हुई धुंध उस झीनी सी उम्मीद की तरह लग रही है, जिसके पार देखने की मैं हर रोज़ कोशिश करता हूँ–कि शायद तुम उस मोड़ से आती दिखाई दे जाओ।

तुम्हें पता है? ठंड महज़ तापमान का गिरना नहीं है। यह एक अवस्था है–अकेलेपन की, इंतज़ार की, और उस सिहरन की जो स्वेटर की तीन परतों को भेदकर सीधे रूह को छू जाती है। आज की सुबह सूरज भी ऐसे उगा है जैसे कोई सरकारी मुलाज़िम बेमन से दफ्तर आया हो। उसकी धूप में वो तपिश नहीं है, वो तो बस एक रस्म अदायगी है। ठीक वैसे ही, जैसे तुम्हारे बिना मेरी ज़िंदगी की तमाम खुशियाँ–महज़ रस्म अदायगी भर हैं।

मैं यहाँ अपने कमरे में बैठा हूँ। रजाई की गर्माहट भी अब एक छलावा लगने लगी है। मुझे लगता है कि सर्दी हड्डियों में नहीं, बल्कि उन खाली जगहों में घुस गई है जो तुम्हारे जाने के बाद मेरे वजूद में बन गई हैं। लोग कहते हैं कि अलाव जला लो, हीटर चला लो। उन्हें कौन समझाए कि यादों की नमी से भीगी हुई लकड़ियाँ कभी जलती नहीं, बस सुलगती रहती हैं, धुआं देती हैं। और मैं, उसी धुएं में अपनी आँखें मलते हुए तुम्हें खत लिख रहा हूँ।

यह मौसम बड़ा ज़ालिम है, प्रिये। यह हमें मजबूर करता है कि हम अपनी बांहें सिकोड़ लें, खुद को समेट लें। तुम्हारे होने का एहसास, उस अदरक वाली चाय के पहले घूंट जैसा है जो हलक से नीचे उतरते ही, मुर्दा पड़ी नसों में जान फूंक देता है। पर अफ़सोस, आज चाय भी ठंडी हो गई है और तुम... तुम तो खैर दूर हो ही।

सर्दियों की रातें लंबी नहीं होतीं, वो अनंत होती हैं। ऐसा लगता है कि समय ने अपने पैरों में भारी बूट पहन लिए हैं और वो चल नहीं रहा, बस घिसट रहा है। सन्नाटा इतना गहरा है कि मुझे अपनी धड़कनें किसी घड़ी की टिक-टिक की तरह सुनाई देती हैं, एक-एक पल का हिसाब मांगती हुई। हर धड़कन गवाही देती है कि इस कड़कड़ाती ठंड में, मुझे किसी ऊनी लिबास की नहीं, तुम्हारे लफ़्ज़ों की, तुम्हारी सांसों की आंच की ज़रूरत है।

तुम्हें याद है वो पिछली सर्दी? जब हम साथ थे। तब ठंड, ठंड नहीं लगती थी, बल्कि एक बहाना लगती थी,करीब आने का। तब ये कोहरा डरावना नहीं लगता था, बल्कि एक पर्दा लगता था जिसने दुनिया की नज़रों से हमें छिपा रखा हो। लेकिन आज? आज वही कोहरा एक दीवार है। एक ऐसी दीवार जिसे न मैं लांघ सकता हूँ, न तोड़ सकता हूँ। बस इस पार खड़ा होकर, उस पार तुम्हारी आहट महसूस करने की नाकाम कोशिश कर सकता हूँ।

मैंने सुना है कि ठंड में चीज़ें सिकुड़ जाती हैं। सड़कें सूनी हो जाती हैं, दिन छोटे हो जाते हैं। मगर अजीब विरोधाभास है न? मेरे अंदर तुम्हारा प्रेम, तुम्हारा विरह इस ठंड में सिकुड़ने की बजाय और फैलता जा रहा है। जैसे पानी बर्फ बनकर ज्यादा जगह घेर लेता है, वैसे ही तुम्हारी यादें मेरे ज़हन के हर कोने को जमा चुकी हैं। मैं एक चलता-फिरता हिमयुग बन गया हूँ, जिसके पिघलने की शर्त सिर्फ तुम्हारा स्पर्श है।

आजकल मैं बादलों को बहुत गौर से देखता हूँ। वो भी तो मेरी तरह हैं। भारी, बोझिल, और बरसने को बेताब, लेकिन ठंड ने उन्हें भी जमा दिया है। मेरी स्थिति उन पक्षियों जैसी है जो इस उम्मीद में पलायन नहीं करते कि शायद मौसम बदल जाए, शायद कोई चमत्कार हो जाए। मैं अपनी जगह पर जमा हुआ हूँ, तुम्हारी प्रतीक्षा में। यह प्रतीक्षा ही अब मेरा एकमात्र मौसम है।

तुम्हें लिखते हुए मेरी उंगलियां सुन्न हो रही हैं, लेकिन दिल... दिल अजीब तरह से जल रहा है। विरह की आग भी बड़ी विचित्र होती है, जान। ये जलाती नहीं, बस पिघलाती है, धीरे-धीरे, कतरा-कतरा। जैसे मोमबत्ती का वजूद खत्म होता है रोशनी देते हुए, वैसे ही मैं भी खर्च हो रहा हूँ तुम्हारे इंतज़ार में।

जब तुम यह खत पढ़ोगी, शायद वहाँ भी मौसम सर्द हो। शायद तुम भी अपनी हथेलियों को रगड़कर गर्म करने की कोशिश कर रही हो। बस एक गुज़ारिश है, जब हवा का कोई झोंका तुम्हारे बालों को छेड़े, तो उसे हवा मत समझना। वो मेरी भेजी हुई एक अदृश्य छुअन होगी, जो मीलों का सफर तय करके, सिर्फ यह बताने आई होगी कि यहाँ कोई है, जो अपनी हर सांस को गिरवी रखकर तुम्हारे लौटने की राह देख रहा है।

जल्दी आना। इससे पहले कि यह ठंड मुझे पूरी तरह पत्थर बना दे। इससे पहले कि कोहरा मेरी आँखों में हमेशा के लिए बस जाए। आ जाओ, कि हम मिलकर इस दिसंबर को हरा सकें।

🚨🚨 पेरुमल कोविलपट्टी सहित डिंडीगुल ज़िले के कई गांवों में हिंदू समुदाय अपनी धार्मिक प्रथाओं के लिए वर्षों से संघर्ष कर र...
25/12/2025

🚨🚨 पेरुमल कोविलपट्टी सहित डिंडीगुल ज़िले के कई गांवों में हिंदू समुदाय अपनी धार्मिक प्रथाओं के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहा है। स्थानीय रिकॉर्ड बताते हैं कि 1985 में सरकार ने हिंदुओं को 12.5 सेंट भूमि धार्मिक उपयोग के लिए दी, जबकि उसी दिन चर्च निर्माण हेतु ईसाई समुदाय को 22 सेंट भूमि आवंटित की गई। आरोप है कि चर्च पक्ष द्वारा निर्धारित सीमा से बाहर अतिक्रमण हुआ, जिसमें अतिरिक्त दीवारें, सड़कों का बंद होना और सरकारी भूमि पर कुओं का निर्माण शामिल है।

हिंदुओं का कहना है कि उन्होंने केवल आवंटित भूमि के भीतर ही पूजा-पाठ किया है। इसके बावजूद, मंदिर प्रवेश पर दीप प्रज्वलन जैसी परंपराओं के लिए बार-बार अनुमति रोक दी गई। मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच के आदेश के बाद भी दीप प्रज्वलन में बाधा की शिकायतें सामने आई हैं।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सीमांकन पत्थर हटाए गए और पुलिस की मौजूदगी में हमले हुए, पर गिरफ्तारियां नहीं हुईं। यह मामला केवल भूमि का नहीं, बल्कि अल्पसंख्यक स्थिति में रह रहे हिंदुओं के संवैधानिक धार्मिक अधिकारों का है, जिनकी रक्षा अब भी अधूरी दिखती है।

🚨 Bangladesh another Hindu mob lynching...झिनाइदह ज़िले में एक हिंदू रिक्शा चालक गोविंदा बिस्वास पर भीड़ द्वारा हमले का ...
25/12/2025

🚨 Bangladesh another Hindu mob lynching...

झिनाइदह ज़िले में एक हिंदू रिक्शा चालक गोविंदा बिस्वास पर भीड़ द्वारा हमले का मामला सामने आया है।

गोविंदा की कलाई में बंधे "कलावा" से अफ़वाह फैलाई गई कि वह भारत की खुफिया एजेंसी से जुड़ा है। इसी अफ़वाह के बाद बांग्लादेशी मुल्लों ने एकत्र होकर भेड़िए की तरह हमला किया । हमले में उसके गले और छाती में चोटें आई है ।

मारपीट के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस हिरासत में ले जाते समय गोविंदा ने खुद को साधारण रिक्शा चालक बताते हुए छोड़ने की गुहार लगाई, लेकिन उसे झिनाइदह सदर थाने में रखा गया। पुलिस अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच जारी है और कथित संपर्कों की पड़ताल की जा रही है।

यह घटना हाल के दिनों में सामने आए उन मामलों की कड़ी मानी जा रही है, जिनमें धार्मिक पहचान के आधार पर अफ़वाहों से हिंसा भड़की है ।

बांग्लादेशी घुसपैठियों भारत छोड़ो मेरे तरफ से YES आप अपना जवाब दीजिये...
24/12/2025

बांग्लादेशी घुसपैठियों भारत छोड़ो मेरे तरफ से YES आप अपना जवाब दीजिये...

23/12/2025
17/12/2025

बहुत बड़ी खबर :

दिल्ली यूपी में लगभग 2 करोड़ की चोरियाँ करने वाले फिरोज,, फरदीन,, सलीम,, दानिश,, गिरफ्तार-🔥

रैलियों धार्मिक आयोजनों में जाकर “हाँथ में कलावा” बाँध लेते थे, पार्टियों का गमछा डाल लेते थे।

बांस नहीं अब लौकी देंगे बाबा जी देशद्रोहियों को 🔥🔥
12/12/2025

बांस नहीं अब लौकी देंगे बाबा जी देशद्रोहियों को 🔥🔥

आज ही शाम की घटना है मित्रों....नोएडा उत्तर प्रदेश से जहां मै अपने मन्ना भैया के यहां कुछ दिनों से रुका हुआ था...छत से अ...
11/12/2025

आज ही शाम की घटना है मित्रों....नोएडा उत्तर प्रदेश से जहां मै अपने मन्ना भैया के यहां कुछ दिनों से रुका हुआ था...

छत से अचानक चीखें आ रही थी मुझे लगा कोई बड़ी अनहोनी हो गई है। भागकर गया और देखा तो पत्नी पति को ऐसे पीट रही थी जैसे कोई पुराना हिसाब बराबर कर रही हो🤣 हैरानी तो यह थी कि पास खड़े लोग छुड़ाने के बजाय मोबाइल ताने वीडियो बना रहे थे 😲😲

यह दृश्य इतना विचलित करने वाला था कि मैं दौड़ पड़ा और बड़ी मशक्कत से दोनों को अलग किया और पति को पत्नी के वार से बचा लिया । मन ही मन प्रसन्न हो रहा था कि अब ये लोग मुझे शुक्रिया तो करेंगे ही....

पर अगला ही पल पूरा झुंड मेरी तरफ लपक पड़ा और मुझे ही मारने को दौड़ा लिया। जान बचाकर भागा तो पता चला कि यह सब असली नहीं था। वे रील बना रहे थे।

और वह महिला, जो अभी पति को धुन रही थी, गर्व से चिल्ला रही थी कि उसने बड़ी मेहनत से ‘इंस्टाग्राम’ पर ‘स्टार’ बनने का सफर तय किया है।

वो लोग हमे ढूंढ रहे कौन था, मै चुप चाप करेंट में ट्रेन की टिकट बुक किया निकल आया अपने गांव को अपने घर, जान बची लाखों पाएं 🙏🙏

कभी-कभी लगता है हम इंसानों की दुनिया से ज़्यादा रीलों की दुनिया में जीने लगे हैं। और ये दास्तान मैं ट्रेन की शीट पर बैठ कर लिख रहा हूं और आप सभी को जागरूक भी करने का प्रयास कर रहा हूं 🫡

चित्र केवल प्रतीकात्मक है असल दृश्य तो इससे भी कहीं ज्यादा भयानक था मित्रों 🙏

11/12/2025

बिहार के बेतिया जिला में आमजन को परेशान करने वाले पुलिस को जनता ने सिखाया ड्यूटी कैसे किया जाता हैं।

11/12/2025

मेरे दोस्त बनो तो वक़्त
जैसे बनो

कदर न करने वालों को
दोबारा न मिलो!
राधे राधे 🙏🏻

Har Har Mahadev ❤️
10/12/2025

Har Har Mahadev ❤️

Address

Gomti Nagar
Vrindavan
226011

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Theth Bharat - ठेठ भारत posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Category