08/22/2026
हर जातिवादी व्यक्ति हमारे मोदी जी को हटाने की बात कर रहा है।
मानो मोदी को प्रधानमंत्री इन्होंने अकेले ही बनाया हो, अलग से पार्टी बनाने की बात कर रहा है.. मानो यह PM बनकर आरक्षण को खत्म कर देंगे
किसी को देश से मतलब नहीं, किसी को धर्म से मतलब नहीं। सभी को अपना-अपना हित दिखाई दे रहा है और वही बात सुहाती है। हिंदुत्व के नाम पर बाकी जातियों से वोट लेकर यह लोग अपनी अपनी जाती का एजेंडा सेट करने में लगे है।
BJP को अकेले बहुमत मिला तब यह मोदी मोदी करते फिरते थे अब BJP 240 सीटें ही जीती तो यह मोदी को ही गाली देने लग गए। और BJP से अलग पार्टी बनाने के सपने देखने लग गए
🔥 मोदी ने देश को प्रगति की राह पर आगे बढ़ाया, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 मोदी ने 500 वर्षों बाद अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर बनवाया, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 मोदी सरकार ने कोरोना जैसी महामारी के दौरान देश को संभाला, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 मोदी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 मोदी ने पाकिस्तान के सामने भारत की ताकत का एहसास कराया, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 मोदी सरकार ने महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की ओर बढ़ने के अवसर दिए, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 गरीबों को पक्के मकान दिए, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 देश के हर वर्ग को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने का काम किया, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 आतंकवादी घटनाओं पर लगाम लगी, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 देश तोड़ने की बातें करने वालों पर कार्रवाई हुई, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 हमारे सैनिकों की सुरक्षा और जवाबी कार्रवाई की क्षमता मजबूत हुई, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 सीमाओं की सुरक्षा मजबूत हुई और घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई हुई, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 पड़ोसी देशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों से जुड़े नागरिकता संबंधी मुद्दों पर भी सरकार ने नीतिगत कदम उठाए, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 पिछले वर्षों में शिक्षा, परिवहन, रोजगार और व्यवसाय के क्षेत्र में तेज़ी से विस्तार हुआ, किसी को कोई मतलब नहीं।
🔥 सेना को ‘मेक इन इंडिया’ के माध्यम से स्वदेशी रक्षा उत्पादन से जोड़ने की दिशा में काम हुआ, फिर भी किसी को कोई मतलब नहीं।
कुछ समय पहले जंतर-मंतर पर मोदी-विरोधी लोग मोदी को सत्ता से हटाने की बात कर रहे थे। आज उसी जंतर-मंतर पर हिंदू, ब्राह्मण, ठाकुर और बनिया भी मोदी को हटाने की बात कर रहे हैं।
आज ये लोग आरक्षण के खिलाफ हैं और साथ ही मोदी के खिलाफ भी हो गए हैं, जैसे आरक्षण मोदी ने ही लागू किया हो।
आज भी हिंदू और सवर्ण उस कांग्रेस को वोट देते हैं, जिसकी राजनीति में आरक्षण व्यवस्था का मुद्दा लंबे समय से प्रमुख रहा है।
आज जब नरेंद्र मोदी को हिंदू समाज के समर्थन की आवश्यकता है, तो कई लोग केवल इस उम्मीद में उनका साथ छोड़ रहे हैं कि मोदी आरक्षण हटा दें।
चलो मान लेते हैं कि मोदी आरक्षण हटा भी दें, लेकिन क्या इसकी कोई गारंटी है कि उसके बाद दलित और आदिवासी वर्ग का बड़ा हिस्सा मोदी के खिलाफ नहीं जाएगा? और तब क्या यही जनरल समाज पूरी मजबूती से मोदी के साथ खड़ा रहेगा?
2024 के चुनाव में भाजपा की सीटें 303 से घटकर 240 हुईं। अयोध्या में भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। एक संत और लोकप्रिय नेता योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र में भी भाजपा को झटका लगा। ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि आगे भी क्या हिंदू समाज एकजुट होकर मोदी का साथ देगा?
आज हर व्यक्ति अपनी जाति, अपने समाज और अपने अधिकारों की चिंता कर रहा है। लेकिन उस 76 वर्ष की उम्र में देश के लिए लगातार काम कर रहे नरेंद्र मोदी की चिंता कितने लोग कर रहे हैं?
आज नरेंद्र मोदी को गटर के कॉकरोच भी गालियाँ दे देते है, यहाँ तक कि मोदी जी की माँ को लेकर भी बेहद आपत्तिजनक बातें कही जाती हैं। फिर भी वे बहुत कुछ सुनकर चुप रहते हैं, क्योंकि उन्हें विश्वास है कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
लेकिन मोदी जी को शायद यह भ्रम दूर कर लेना चाहिए कि पूरा देश विशेष करके हिंदू समाज क्या हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा। आज राजनीति में हर वर्ग अपने हित को प्राथमिकता दे रहा है।
मोदी जी ने देश के हर वर्ग के लिए इतना किया है कि उन्हें आजीवन वोट देने के लिए वो पर्याप्त है लेकिन एहसान फरामोश लोगो को यह सब नहीं दिखता