31/07/2026
संस्कृत के श्लोकों से जीवन के संस्कार सिखाने वाले मेरे पहले गुरु..."
घर में पिता और कक्षा में गुरु..." जिन्होंने न केवल मुझे बल्कि हज़ारों छात्रों को ज्ञान और अच्छे संस्कार दिए, आज मेरे पूज्य पिता जी संस्कृत शिक्षक के रूप में अपनी लंबी और प्रेरणादायक यात्रा पूरी करके सेवानिवृत्त हुए हैं। आपके इस सफर पर मुझे गर्व है, पापा! ❤️🎓