15/10/2025
शिक्षिका की पिटाई से छात्रा की मौत: गढ़वा जिले में आक्रोश, न्याय की मांग
गढ़वा विद्यालय को शिक्षा का मंदिर और शिक्षक को इसका पुजारी कहा जाता है, लेकिन जब यही शिक्षक क्रूरता की हद पार कर दे तो समाज को हिला देने वाली घटनाएँ घटित हो जाती हैं। ऐसी ही एक दिल दहलाने वाली घटना गढ़वा जिले से सामने आई है, जहाँ परियोजना प्लस टू उच्च विद्यालय, बर्गर की शिक्षिका द्रोपती मिंज की कथित पिटाई के कारण एक छात्रा की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है और लोग न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं।
*चप्पल पहनकर आने पर पिटाई, छात्रा की मौत*
जानकारी के अनुसार, कक्षा 10 की छात्रा दिव्या कुमारी स्कूल में जूते की जगह चप्पल पहनकर आ गई थी। यह बात शिक्षिका द्रोपती मिंज को इतनी नागवार गुज़री कि उन्होंने कथित तौर पर दिव्या को सबके सामने बुरी तरह से पीट दिया। इस अत्यधिक शारीरिक दंड के कारण दिव्या गंभीर रूप से घायल हो गई और कोमा में चली गई।
परिजनों ने दिव्या को बड़े अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया, लेकिन दुर्भाग्यवश रविवार को वह अपनी जान नहीं बचा पाई। दिव्या की मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया।
परिजनों और ग्रामीणों का प्रदर्शन, सड़क जाम
जैसे ही मौत की खबर फैली, गांव वाले और परिजन आक्रोशित हो गए। न्याय की मांग करते हुए, उन्होंने शव के साथ सड़क को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाए और कहा, "हमें सिर्फ न्याय चाहिए और कुछ नहीं।"
मृतक छात्रा के परिजनों का दर्द छलक उठा। उन्होंने कहा, "हमने अपनी बेटी को पढ़ाई के लिए भेजा था, लेकिन इन लोगों ने तो हमारी बेटी की हत्या कर दी। आखिर उसकी गलती क्या थी? क्या एक चप्पल पहनना इतना बड़ा अपराध था?"
यह घटना समाज में शिक्षा और अनुशासन के नाम पर होने वाली शारीरिक दंड की क्रूरता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आक्रोशित परिजन और ग्रामीण शिक्षिका के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रशासन से जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित करने की अपेक्षा की जा रही है।