04/08/2025
SSC Mismanagement 2025: शिक्षकों और छात्रों की ललकार दिल्ली की सड़कों पर Jantar Mantar पर उठा युवा आक्रोश का सैलाब
SSC Mismanagement 2025: भारतीय शिक्षा जगत में एक बड़े स्तर पर संकट उत्पन्न हो गया, जब SSC Selection Post Phase‑13 भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर लाखों परीक्षार्थियों और शिक्षकों ने विरोध शुरू किया।"Delhi Chalo" अभियान के अंतर्गत दिल्ली के Jantar Mantar और CGO Complex पर प्रदर्शन हुए। इस आंदोलन का नेतृत्व कई लोकप्रिय ऑनलाइन शिक्षक जैसे Neetu Ma’am, Rakesh Sir और Abhinav Sir ने भी किया।
SSC Mismanagement 2025: विरोध का कारण क्या है ?
1. अचानक परीक्षा रद्दीकरण
Phase‑13 परीक्षा 24 जुलाई से शुरू होकर 1 अगस्त, 2025 को समाप्त होने वाली थी। लेकिन कई केंद्रों पर परीक्षा अचानक रद्द कर दी गई, बिना किसी पूर्व सूचना के। कुछ उम्मीदवारों ने बताया कि वे दूर‑दराज के शहरों से घूम यात्रा करके परीक्षा‑स्थल पहुँचे, लेकिन वहाँ पता चला कि परीक्षा निरस्त है।
2. तकनीकी गड़बड़ियाँ और सर्वर क्रैश
बहुत से परीक्षा केंद्रों में सर्वर क्रैश, सिस्टम हैंग होना, ई‑माउस न चलना जैसी तकनीकी परेशानियाँ देखने को मिलीं। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि सिस्टम बंद हो जाने की वजह से परीक्षा अधूरी रह गई।
3. परीक्षा केंद्रों का गलत आवंटन
कुछ अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र उनके घर से 500 किमी दूर निर्धारित किए गए। यह लोग दिन भर की यात्रा के बाद परीक्षा‑स्थल पहुंचे और तब उन्हें बताया गया कि परीक्षा रद्द कर दी गई है।
4. पेपर लीक और परीक्षा संचालन एजेंसी पर सवाल
आयोग पर आरोप थे कि एक blacklisted एजेंसी (Eduquity) को परीक्षा संचालन का ठेका दिया गया, जिसकी विश्वसनीयता अत्यंत संदिग्ध थी। परीक्षा के दौरान पेपर लीक की खबरें सामने आईं। इसके चलते सोशल मीडिया पर , , और जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
प्रदर्शन की रूपरेखा कुछ इस प्रकार थी।
“Delhi Chalo” – प्रदर्शन की शुरुआत
31 जुलाई 2025 को छात्रों और शिक्षकों ने “Delhi Chalo” की मुहिम के अंतर्गत राजधानी की ओर मार्च शुरू किया। Jantar Mantar और CGO Complex प्रमुख स्थल बने, जहाँ सोशल मीडिया पर ज़ोरदार समर्थन के साथ हजारों लोग एकत्रित हुए।
प्रमुख नेताओं और शिक्षकों की भागीदारी
लोकप्रिय शिक्षक जैसे Neetu Ma’am और Rakesh Sir ने नेतृत्व संभाला। Neetu Ma’am ने पुलिस द्वारा कथित शारीरिक प्रताड़ना का वीडियो साझा किया जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें पुलिस ने डिब्बों में बंद कर घंटों घूमाया और बाथरूम तक जाने नहीं दिया।
दूसरी ओर, AAP नेता अरविन्द केजरीवाल ने भी प्रदर्शनकारियों को समर्थन देते हुए पुलिस की कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने छात्रों और शिक्षकों पर लाठीचार्ज किया।
पुलिस का जवाब
दिल्ली पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण थे, और केवल 8–10 लोगों को संसद की ओर मार्च करने की कोशिश करने के कारण थोड़ी देर के लिए हिरासत में रखा गया। प्रदर्शन से पहले और बाद में किसी भारी गिरफ़्तारी की जानकारी नहीं थी। पुलिस ने दो FIR दर्ज किए—एक CGO Complex तथा दूसरा Parliament अप्रोच करने की कोशिश पर।
लाठीचार्ज और प्रत्याशित हिंसा
31 जुलाई को हिंसा की आंशका बढ़ी। कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसमें छात्रों—कुछ डिफरेंटली‑एबल्ड भी—को लाठीचार्ज में चोटिल होता दिखाया गया। हाथ टूटने, अल्पसंख्यक विकलांग छात्रों को भी चोटें लगने के समाचार चले।
विरोध की माँगें क्या है ?
प्रमुख मांगें
SSC द्वारा Phase‑13 परीक्षा की पारदर्शिता आवश्यकता
परीक्षा संचालन एजेंसी (vendor) की जवाबदेही
परीक्षा रद्दीकरण और तकनीकी गड़बड़ियों की जाँच
दोषी मुख्यदोषियों पर कड़ी कार्रवाई
शैक्षिक गरिमा की रक्षा
Protesters में शिक्षकों का कहना था कि यह केवल परीक्षा की शिकायत नहीं, उनकी गरिमा और सम्मान की लड़ाई थी। एक शिक्षक ने कहा: “यह केवल नौकरी नहीं, सम्मान की लड़ाई है”।
युवा और छात्र समुदाय की भागीदारी
राष्ट्रीय छात्र संघ NSUI ने प्रदर्शन को समर्थन दिया। NSUI अध्यक्ष वरुण चौधरी ने कहा: “यह सिर्फ परीक्षा की गड़बड़ी की बात नहीं है, बल्कि वह युवा जो न्याय मांग रहे हैं उन्हें दबाने की कोशिश हो रही है.” उन्होंने SSC व Ministry के खिलाफ उच्च‑स्तरीय जाँच की मांग की।
प्रदर्शन का बाद क्या ?
गिरफ्तारी और रिहाई
प्रदर्शकों को गिरफ्तार किया गया लेकिन देर रात रिहा कर दिया गया। कुछ शिक्षकों ने बताया कि उन्हें बिना बताये दूसरे शहरों में बस में घुमाया गया और बाथरूम तक नहीं जाने दिया गया।
विरोध जारी रहा
1 अगस्त को प्रदर्शन जारी रहा। लगभग 100 से अधिक शिक्षक और छात्र Jantar Mantar पर एकत्र हुए, इनमें Neetu Ma’am भी शामिल थीं। ये लोग SSC और DoPT से सीधे बातचीत और जवाबदेही की माँग कर रहे थे।
SSC Mismanagement 2025: निष्कर्ष और भविष्य की राह
SSC‑Mismanagement के तहत ये विरोध केवल एक नरम आंदोलन नहीं रहे। यह शैक्षिक अधिकार, निष्पक्षता और सिस्टम से जवाबदेही की मांग को लेकर जन‑आंदोलन बन गया। इसने सवाल उठाया कि जब सरकारी भर्ती प्रक्रिया में ही गड़बड़ियाँ हों, तो लाखों युवाओं की आशाएं कैसे बच सकती हैं?
सरकार और SSC पर अब दो विकल्प हैं:
समझौते और जाँच‑पड़ताल द्वारा सिस्टम सुधार; या
पेशावरों की उम्मीदों का खून करना
अगर सरकार लचीली न बनी, तो छात्र‑शिक्षक अगली रणनीति (सतत अनशन, व्यापक विरोध, CBI probe, न्यायालय जाने इत्यादि) अपनाने को तैयार हैं।
पहलू
विवरण
कब
परीक्षा अवधि: 24 जुलाई – 1 अगस्त 2025; विरोध: 31 जुलाई – 1 अगस्त, Jantar Mantar
क्यों
परीक्षा रद्दीकरण, तकनीकी गड़बड़ियाँ, पेपर लीक, एजेंसी फ़ेल्योर
कौन
SSC aspirants, लोकप्रिय शिक्षक (Neetu Ma’am, Rakesh Sir), छात्र संगठन जैसे NSUI
क्या हुआ
Jantar Mantar और CGO Complex में प्रदर्शन; पुलिस ने कथित लाठी चार्ज किया; गिरफ्तारी और रिहाई हुई
मांगें
SSC परीक्षा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही; vendor जांच; विद्यार्थियों और शिक्षकों के सम्मान की सुरक्षा
SSC Mismanagement 2025: भारतीय शिक्षा जगत में एक बड़े स्तर पर संकट उत्पन्न हो गया, जब SSC Selection Post Phase‑13 भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियो...