25/05/2026
🙏🏻जो शराब पैसे बांटकर वोट ख़रीद रहा है वो कल पंचायत का बजट भी बेचेगा और हम फिर 5 साल पछताएँगे इसलिए अपने वोट का सही उपयोग करें
एक कवाटर के बदले 5 साल की गुलामी - आज 500 रुपये लेने वाले, कल सड़क, नाली, पेंशन के लिए उसी नेता के दरवाजे पर गिड़गिड़ाओगे।
जिसे काम पर भरोसा है वो जनता के बीच जाता है, जेब में नोट लेकर नहीं।
- शराब बांटने वाला स्कूल नहीं बनवाएगा, पैसे बांटने वाला अस्पताल नहीं सुधरवाएगा।
बिकने वाला वोट, बिकने वाला गांव - याद रखना, मुफ्त का माल सबसे महंगा पड़ता है। आपका एक वोट, आपके गांव की तकदीर है।
नारा: "न दारू चाहिए, न नोट चाहिए, गांव को ईमानदार वोट चाहिए