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22/11/2025

"हर धागे में बसी है एक अनकही कहानी…"
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21/11/2025

"हर धागे में बसी है एक अनकही कहानी…"
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27/08/2024
Screening of The Art of Clay Documentary Film in Bennett University ❤️❤️
21/06/2024

Screening of The Art of Clay Documentary Film in Bennett University ❤️❤️

मणिरत्नम ने अपनी फिल्मों को जिन आँखों से कैद किया और दुनिया तक पहुँचाया, वो आँखें किसी और की नहीं बल्कि उन्हीं संतोष सिव...
17/06/2024

मणिरत्नम ने अपनी फिल्मों को जिन आँखों से कैद किया और दुनिया तक पहुँचाया, वो आँखें किसी और की नहीं बल्कि उन्हीं संतोष सिवान की हैं, जिन्होंने जब ऐश्वर्या राय को पानी में भीगते हुए अपने कैमरे में कैद किया तो ऐसा लगा मानो कई सालों का मानसून एक साथ पर्दे पर बरस गया हो।

वही संतोष सिवान, जिन्होंने अपना करियर तो बतौर फोटोग्राफर शुरू किया, लेकिन भारतीय सिनेमा में बतौर सिनेमेटोग्राफर इंट्रोड्यूस होने के बाद, उनके एक-एक फ्रेम ने इंडियन सिनेमा को ग्लोबल पर्दे तक पहुँचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

आज हम संतोष सिवान के बारे में इसलिए बात कर रहे हैं क्योंकि बीते दिनों कान्स फिल्म फेस्टिवल में उन्हें वर्ल्ड सिनेमा में अपनी सिनेमेटोग्राफी से बेहतरीन योगदान देने के लिए प्रतिष्ठित Pierre Angénieux Tribute Award दिया गया।

संतोष सिवान यह अवार्ड जीतने वाले पहले भारतीय ही नहीं, बल्कि पहले एशियाई सिनेमेटोग्राफर भी हैं।

अरुंधति रॉय ने कहा था, "कश्मीर भारत का अभिन्न अंग नहीं है, और यह कभी नहीं था।"इस पर आपका क्या सोचना है?
15/06/2024

अरुंधति रॉय ने कहा था, "कश्मीर भारत का अभिन्न अंग नहीं है, और यह कभी नहीं था।"

इस पर आपका क्या सोचना है?

Screening of The Dying Profession a documentary short film in Bhopal ❤️🌻
14/06/2024

Screening of The Dying Profession a documentary short film in Bhopal ❤️🌻

मांगणियार, जिन्हें भारतीय संगीत का एक अनोखा ट्रिविया कहा जा सकता है, क्यूंकि सालों तक यह कम्युनिटी और इसका संगीत जितना अ...
08/06/2024

मांगणियार, जिन्हें भारतीय संगीत का एक अनोखा ट्रिविया कहा जा सकता है, क्यूंकि सालों तक यह कम्युनिटी और इसका संगीत जितना अंधेरे में रहा, उतना ही हमारी भारतीय संगीत परंपरा के लिए बहुमूल्य होता गया। जिस वजह से आज इस कम्युनिटी को किसी पहचान की ज़रूरत नहीं है।

लेकिन जब आप किसी मांगणियार की संगीत साधना और उसके लिए संगीत के मूल्यों को समझने की कोशिश करते हैं, तो बहुत सी ऐसी कहानियां मरुधर की उस रेतीली ज़मीन में भी हरे पौधे की तरह उग आती है जहां आप हरियाली की कल्पना बामुश्किल ही करते हैं। उन कहानियों को देखकर आपको आश्चर्य, अविश्वास और प्रेम तीनों एक साथ महसूस होते हैं। जो शायद हर संगीत प्रेमी के लिए महसूस करना ज़रूरी है।

इन्हीं तीनों अनुभवों को एक साथ महसूस करने और लोगों तक पहुंचाने के लिए, हमारी टीम ने मांगणियार समाज और उनके संगीत पर एक म्यूज़िकल डॉक्यूमेंट्री बनाई है। यह हमारी पहली म्यूज़िकल डॉक्यूमेंट्री के साथ ही हमारी पहली फीचर लेंथ डॉक्यूमेंट्री भी है, जिसे बनाने में बहुत से लोगों ने हमारा साथ दिया है, जिन्हें हम फिल्म के ज़रिए ही धन्यवाद करेंगे।

फिलहाल, फिल्म का पोस्टर आप सबके साथ साझा कर रहे हैं। फिल्म भी जल्द ही आपके बीच होगी।

A short documentary  on Photographers of Banaras: The Dying Profession Explore the poignant story of traditional photogr...
31/05/2024

A short documentary on Photographers of Banaras: The Dying Profession

Explore the poignant story of traditional photographers on the ghats of Banaras.

Link is in the story and in bio.

Short Documentary Announcement 📢 क्या होता अगर हमारे पास कहानियां नहीं होतीं? शायद हम एक स्मृतिविहीन जंगल में सदा के लिए...
14/05/2024

Short Documentary Announcement 📢
क्या होता अगर हमारे पास कहानियां नहीं होतीं?

शायद हम एक स्मृतिविहीन जंगल में सदा के लिए बनैले पशु होते और अपने दंभ में कैद रहते।

लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हमारी आंखों और मस्तिष्क की करस्तानी में स्मृतियों के पैचवर्क से कहानियों ने जन्म लिया। और हमारे पास मनुष्य होने की श्रेष्ठता आई।

और इसी श्रेष्ठता को भौतिक आकार मिला कैमरे की शक्ल में जिसकी खोज और कैमरे के प्रति लोगों के पागलपन ने आज लगभग पूरी दुनिया को ही डॉक्यूमेंट कर लिया है। लेकिन कुछ लोगों ने इसी कैमरे को लोगों की जरूरी स्मृतियां कैद करने का प्रोफेशन बना लिया है। जो आज भी देश के कई पर्यटक स्थलों पर दौड़ते-भागते हुए दिख जाया करते हैं।

लेकिन क्या आज भी इनकी कोई जरूरत है? क्या आज भी ये लोगों की स्मृतियां कैद करके, अपना घर चला सकते हैं? यह सवाल का जवाब शायद सभी को पता है? लेकिन उसे टीम ढिबरी ने अपने अंदाज से कैद करने की कोशिश की है। जिसमें बनारस के अस्सी घाट पर लोगों की चिताओं की तस्वीर खींचने वाले कुछ फोटोग्राफर्स से हमने ये समझने की कोशिश की कि कैसे एक प्रोफेशन जो लोगों की स्मृतियां बनाया करता था, वह आज खुद लोगों की स्मृति में जा चुका है।

दोस्तों, पोस्टर में लिखे Coming Soon ने आज की तारीख़ (24 जनवरी) का रूप ले लिया है। इसीलिए आज शाम 7 बजे, ढिबरी के YouTube...
24/01/2024

दोस्तों, पोस्टर में लिखे Coming Soon ने आज की तारीख़ (24 जनवरी) का रूप ले लिया है। इसीलिए आज शाम 7 बजे, ढिबरी के YouTube channel पर हमारी अगली पेशकश, "क़ालीनसाज़" रीलीज होगी।

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