15/09/2022
#अपील..
हे सज्जनों.. !! आपके उदर पोषण करने वाली गौमाता को आज आपकी सेवा की आवश्यकता है..!! एक रोटी हल्दी-गुड़ के साथ गौमाता को प्रतिदिन दें । पित्र पक्ष के दिन हैं सादे पानी की जगह फिटकरी का पानी गौवंश के चरणों मे अर्पित करें..!!
*लम्पी बीमारी से गौवंश के उपचार की आयुर्वेदिक विधि..::*
कृपया आजमायें..👇🏼
पहली विधिसामग्री- 10 पान के पत्ते, 10 ग्राम कालीमिर्च, 10 ग्राम नमक और गुड़ आवश्यकतानुसार।
इस पूरी सामग्री को पीसकर एक पेस्ट बना लें और इसमें आवश्यकतानुसार गुड़ मिला लें.. इस मिश्रण को पशु को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पशु को खिलाएं.. पहले दिन इसकी एक खुराक हर तीन घंटे पर पशु को दें.. दूसरे दिन से दूसरे सप्ताह तक दिन में 3 खुराक ही खिलाएं.. प्रत्येक खुराक ताजा तैयार करें.
दूसरी विधि
घाव पर लगाए जाने वाला मिश्रण ऐसे तैयार करें.
सामग्री- कुम्पी का पत्ता 1 मुठ्ठी, लहसुन 10 कली, नीम का पत्ता 1 मुठ्ठी, मेहंदी का पत्ता 1 मुठ्ठी, नारियल या तिल का तेज 500 मिलीलीटर, हल्दी पाउडर 20 ग्राम, तुलसी के पत्ते 1 मुठ्ठी बनाने की विधि-पूरी सामग्री को पीसकर इसका पेस्ट बना लें. इसके बाद इसमें नारियल या तिल का तेल मिलाकर उबाल लें और ठंडा कर लें.ऐसे करें उपयोग- अब गाय के घाव को अच्छी तरह साफ करने के बाद इस ठंडे मिश्रण को सीधे घाव पर लगाएं। वहीं अगर घाव में कीड़े दिखाई दें तो सबसे पहले नारियल के तेल में कपूर मिलाकर लगाएं। या फिर सीताफल की पत्तियों को पीसकर उसका पेस्ट बना लें और घाव पर लगा दें।
*एक औऱ उपाय..::* 5:00 बजे उठकर सबसे पहले गायों को कुछ चारा देना हैं। उसके बाद हल्दी और दलिया से बनाई रोटी के टुकड़े खिलाने हैं। गायों को दिन में तीन बार फिटकरी से नहलाते हैं। मच्छर-मक्खियां नहीं आएं इसके लिए नीम स्प्रे भी करते हैं। इसके अलावा नीम के पत्तों का धुंआ देते हैं।