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Good morning my all friends ,
24/03/2026

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07/03/2026

Holi ke din mere bete ka gussa

होली तो खत्म हो गई पर होली की यादें अभी भी है,🌿🌈
07/03/2026

होली तो खत्म हो गई पर होली की यादें अभी भी है,🌿🌈

🔮 ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण क्या है?ज्योतिष के अनुसार जब राहु और केतु की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण ...
03/03/2026

🔮 ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण क्या है?

ज्योतिष के अनुसार जब राहु और केतु की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण होता है। यह घटना पूर्णिमा के दिन होती है।
चंद्रमा मन, भावनाओं और माता का कारक माना जाता है, इसलिए इसका प्रभाव व्यक्ति की मानसिक स्थिति और भावनाओं पर पड़ता है।

🌙 चंद्र ग्रहण का ज्योतिषीय प्रभाव

मानसिक अस्थिरता – मन में बेचैनी, चिंता या भ्रम की स्थिति बन सकती है।
राशियों पर प्रभाव – जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो, उन पर इसका असर अधिक होता है।
गर्भवती महिलाओं के लिए सावधानी – ज्योतिष अनुसार उन्हें ग्रहण के समय बाहर नहीं निकलना चाहिए।
नकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि – इस समय शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।

🕉️ ग्रहण के समय क्या करें?

भगवान का नाम जप करें, खासकर Lord Shiva और Chandra Dev का स्मरण।
महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
ग्रहण के बाद स्नान करके दान-पुण्य करें।
घर में गंगाजल का छिड़काव करें।

🚫 ग्रहण के समय क्या न करें?

खाना न पकाएं और न ही ग्रहण के दौरान भोजन करें।
सोना और बाल/नाखून काटना वर्जित माना जाता है।

किसी भी प्रकार का शुभ कार्य (जैसे शादी, गृह प्रवेश) न करें।

✨ निष्कर्ष
ज्योतिष के अनुसार चंद्र ग्रहण एक संवेदनशील समय होता है, जिसमें मन और ऊर्जा प्रभावित होती है। इस समय ध्यान, जप और सकारात्मक सोच रखना लाभकारी माना जाता है।

शादी में जाते ही मम्मियों का पहला मिशन 😄 —“बच्चा सुरक्षित जगह पार्क करो… फिर फुल एंजॉय करो!” 😂कभी दादी के पास,कभी नानी क...
02/03/2026

शादी में जाते ही मम्मियों का पहला मिशन 😄 —
“बच्चा सुरक्षित जगह पार्क करो… फिर फुल एंजॉय करो!” 😂
कभी दादी के पास,
कभी नानी के पास,
और कभी बेचारे पापा ड्यूटी पर लगा दिए जाते हैं 🤭
अब सच-सच बताइए —
आप शादी में अपने बच्चे को किसके पास छोड़कर फ्री हो जाते हैं? Comment mein bataiye 😜👇
aadiVibes

02/03/2026

Chhote Kadam, Bade Sapne🥳 📚













रंगभरी एकादशी हिन्दू धर्म का एक बहुत ही विशेष और शुभ पर्व है। यह त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती से जुड़ा हुआ है और खा...
27/02/2026

रंगभरी एकादशी हिन्दू धर्म का एक बहुत ही विशेष और शुभ पर्व है। यह त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती से जुड़ा हुआ है और खास तौर पर काशी विश्वनाथ मंदिर (वाराणसी) में बड़े उत्साह से मनाया जाता है।
🌸 रंगभरी एकादशी क्या है?
रंगभरी एकादशी फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को आती है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव माता पार्वती से विवाह के बाद पहली बार काशी (वाराणसी) आए थे। उनके स्वागत में भक्तों ने गुलाल और रंगों से उनका अभिनंदन किया, तभी से इस दिन को “रंगभरी” एकादशी कहा जाने लगा।
🌼 धार्मिक महत्व
इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा की जाती है।
भक्त व्रत रखते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
माना जाता है कि इस दिन पूजा करने से दांपत्य जीवन में प्रेम और खुशहाली आती है।
यह पर्व होली के उत्सव की शुरुआत का संकेत भी माना जाता है।
🎨 कैसे मनाई जाती है?
मंदिरों में भगवान शिव को गुलाल और रंग अर्पित किए जाते हैं।
भजन-कीर्तन और शोभायात्रा निकाली जाती है।
वाराणसी में बाबा विश्वनाथ की पालकी यात्रा विशेष आकर्षण होती है।
भक्त एक-दूसरे को रंग लगाकर खुशी मनाते हैं।
🙏 आध्यात्मिक संदेश
रंगभरी एकादशी प्रेम, आनंद और जीवन में रंग भरने का प्रतीक है। यह त्योहार हमें आपसी प्रेम, सौहार्द और भक्ति की भावना बढ़ाने का संदेश देता है। #रंगभरीएकादशी

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Jai shree Ram ❤️🌼प्राचीन समय में हनुमान जी अपनी शक्ति, बुद्धि और भक्ति के लिए प्रसिद्ध थे। वे भगवान राम के परम भक्त थे। ...
24/02/2026

Jai shree Ram ❤️🌼

प्राचीन समय में हनुमान जी अपनी शक्ति, बुद्धि और भक्ति के लिए प्रसिद्ध थे। वे भगवान राम के परम भक्त थे। एक बार जब रावण ने माता सीता का हरण कर लिया, तब राम जी बहुत चिंतित हुए। हनुमान जी ने समुद्र पार करके लंका जाने का निश्चय किया।

वे पर्वत की चोटी पर चढ़े और पूरे विश्वास के साथ विशाल छलांग लगाकर समुद्र पार कर गए। लंका पहुँचकर उन्होंने सीता माता को अशोक वाटिका में खोज लिया और उन्हें राम जी का संदेश दिया। सीता माता को विश्वास दिलाने के लिए उन्होंने अपनी अंगूठी दिखाई।

जब रावण की सेना ने उन्हें पकड़ना चाहा, तब हनुमान जी ने अपनी पूँछ में आग लगवाकर पूरी लंका को जला डाला, लेकिन सीता माता को कोई हानि नहीं होने दी। बाद में वे सुरक्षित लौटकर राम जी को सारी खबर सुनाई।

हनुमान जी की अटूट भक्ति, साहस और निस्वार्थ सेवा हमें सिखाती है कि सच्ची श्रद्धा और हिम्मत से हर कठिनाई को पार किया जा सकता है।

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