05/01/2026
निर्णायक भूमिका में बैठे लोगों की जब आत्मा मर जाती है तो अराजकता,अपराध ये बढ़ना स्वाभाविक हो जाता है,मेरा सिर्फ ये कहना है कि जब अंकिता भंडारी और पुष्प दीप की चैट में VIP को एक्स्ट्रा सर्विस देने की बात हो रही है, यानि की VIP कोई तो था ही,अब कौन था ये तो रिजॉर्ट कर्मी अंकित बताएगा जो अंकिता से ये बात कह रहा था,इसके लिए दबाव बना रहा था,और अगर अंकित इस बात को नही बता रहा कि कौन VIP आने वाला था तो उसको फांसी क्यों नही दी गई इस बात के लिए कि उसके दबाव की वजह से ही अंकिता की हत्या हुई,
दूसरी बात VIP कौन था दोषी कौन है इसके लिए पुलकित आर्य और अन्य स्टाफ की सीडीआर सार्वजनिक क्यों नही कर पा रही है SIT?
रिजॉर्ट तोड़ने को किसने कहा या क्यों कहा इसकी पूछताछ रिजॉर्ट तोड़ने वालों से क्यों नही की गई ? और की गई तो उसे सार्वजनिक क्यों नही किया गया?
18 सितंबर 2022 को अंकिता भंडारी के गुम होने की खबर जब सामने आई तो 16 सितंबर से लेकर 19 सितंबर तक रिजॉर्ट में आने जाने वालों की और पुलकित सहित रिजॉर्ट स्टाफ की लोकेशन और कॉल डिटेल क्यों नहीं सार्वजनिक कर दी गई ?
सवाल बहुत सारे हैं मेरे मन में,क्योंकि VIP का जिक्र हुआ है अंकिता और पुष्पदीप के बीच हुई वार्ता में ये भी लिखा था कि अंकित नाम के कर्मी ने उसे ये कहा कि अगर तू नही एक्स्ट्रा सर्विस दे सकती तो कोई जानने वाली लड़की हो तो बता दो 10k मिलेंगे,ये बात संशय तो पैदा करेगी ही,जब तक लोगों को किलियर नही होगा,ये कोई छोटी घटना नही थी देवभूमि के लिए,इसको इस तरह इगनोर नही किया जा सकता इसलिए मेरा तब भी कहना था कि अंकित नामक रिजॉर्ट कर्मी किस VIP के बारे में बात कर रहा था जिसे एक्स्ट्रा सर्विस देने या दिलवाने के लिए वो अंकिता भंडारी को कह रहा था ? वो भी बख्शा नही जाना चाहिए और दोषी चाहे कोई भी हो उसे फांसी होनी चाहिए !
अब निर्णायक भूमिका पर प्रश्न उठने तो स्वाभाविक हैं जब उत्तर स्पष्ट नही हैं तो,मै ये दावा नही कर सकती थी बीते दिनों वायरल हुई ऑडियो में लिए गए नाम दोषी हैं या निर्दोष,लेकिन ये सवाल मेरे मन में भी उत्तराखंड की आम नागरिक होने के नाते हमेशा रहा कि वो कौन था जिसकी वजह से अंकिता को जान गंवानी पड़ी,आखिर दोषियों को फांसी क्यों नही हुई ?? कुल मिलाकर जिस दिन VIP का नाम क्लियर हो जाएगा उसको भी सजा हो जाएगी तो संशय स्वयं ही समाप्त हो जाएगा, और यदि सरकार और तत्कालीन SIT का कहना है कि VIP कोई था ही नहीं तो सीबीआई जांच क्यों नही हो सकती ? जब नकलचियों को पकड़ने के लिए सीबीआई जांच हो सकती है तो रेपिस्टों और हत्यारों को पकड़ने के लिए तो होनी ही चाहिए !!
अब मुझे एक और बात समझ नही आ रही है कि खुलासा करने वाली महिला के साथ जब पूरा उत्तराखंड है तो उसको खतरा किस बात का ? वो भाग क्यों रही ? लेकिन मैं उसको तीन सालों से जानती हूं वो कभी भी मुकर सकती है,कभी भी गायब हो सकती है अपने निजी स्वार्थों के सिद्ध होते ही,उसने ये बातें सिर्फ अपने स्वार्थ मात्र सिद्ध करने के लिए की हैं,और मुझे अंदेशा है ये महिला बाद में मुकर जाएगी !और एक बार फिर अंकिता भंडारी के VIP तक उत्तराखंड की जनता नही पहुंच पाएगी, हम पहले भी ठगे रह गए थे और आज भी ठगे ना रह जाएं मुझे इस बात का भय है !