06/08/2026
श्री कृष्ण का यह दिव्य और अलौकिक मुखमंडल भक्तों के हृदय में प्रेम की गंगा बहा देता है। उनके नयनों की चमक और होठों की यह मंद मुस्कान संसार के समस्त संतापों को हरने वाली है। जब हम अपनी अंतरात्मा से गोविंद को पुकारते हैं, तो वे अपनी कृपा की वर्षा करने में क्षण भर की भी देरी नहीं करते। जय श्री राधे।