11/06/2026
. जब राजा परीक्षित को सात दिनों में मृत्यु का श्राप मिला, तो उनका प्रतिशोध क्या था? क्या उन्होंने क्रोध किया या फिर किसी और मार्ग को अपनाया? पूज्य श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज इस मार्मिक घटना के पीछे का रहस्य और राजा परीक्षित का दिव्य दृष्टिकोण साझा कर रहे हैं। जानिए कि कैसे एक महान राजा ने श्राप मिलने पर भी धर्म और धैर्य का मार्ग नहीं छोड़ा।
भक्ति, आध्यात्मिकता और जीवन के गहरे सत्यों को समझने के लिए महाराज जी के इन अनमोल वचनों को अवश्य सुनें।