14/09/2024
संभोग के प्रति औरत तब और अधिक उतारू हो जाती है जब उसका पति उसे समझने वाला मिलता है
एक औरत की शारीरिक जरूरतों से ज्यादा जरूरी उसकी मानसिक जरूरतें है, यदि वो मन से आप को अपना रही है तो अपना शरीर आप को सौंपने में उसे थोड़ा भी लज्जा नहीं आएगी
लेकिन अब समय बदल गया है आज कल की औरतों को। मानसिक जरूरत पूरा करने वाला लड़का नही चाहिए बल्कि ऐसा लड़का चाहिए को उसकी फिजिकल जरूरतों को भी पूरा कर सके और फिजिकल जरूरत से मेरा मतलब शरिरक संभोग से नही है
बल्कि ये वो जरूरतें हैं जिसे दुनिया को इसे दिखानी है
बड़े शहर के बड़े कॉलेज में पढ़ने वाली लिबरल सोच रखने वाली लड़की थी मैं हर हफ्ते एक नई ड्रेस चाहिए थी,
हर 2 महीने पर के डेस्टिनेशन पर जाना होता था,
महीने में 4 बार बाहर खाना होता था, मेरे पति कोशिश तो करते थे, लेकिन मेरे खर्चे उसने संभाले नहीं जाते थे
उन्होंने कभी कुछ बोला नहीं लेकिन उनके भाव से लगता।था की वो अंदर से नही चाहते की मैं इतने खर्च को करूं
जब मुझे लगने लगा की अब ये मेरी जरुरते पूरी नही कर रहे तो मुझे बहुत से ऐसे लोग मिले पार्टी में या किसी टूर इवेंट pe
जो मेरी जरूरतों को पूरी करते थे, कोई मुझे दोस्ती के नाम पर शॉपिंग करवाता
कोई नई जगह घूमने का ऑफर करता
किसी के पास कुछ भी ना रहता तो वो मेरे लिए हमेशा मेरी बात सुनने के लिए उपलब्ध रहता था, लेकिन इन सब के बीच में भी होते हुए एक परिवार वाली फीलिंग नहीं आतीं थी मुझे
समय के साथ पति से भी दूरियां बढ़ने लगी थी, मेरी सारी जरुरते पूरी तो हो रहीं थी लेकिन मन खाली होता जा रहा था
मैं कुछ दिन के लिए मायके चली गई मेरे मां बाप काफी उम्र के हैं मैने देखा आज भी मम्मी पापा का पूरा ध्यान रखती हैं कम पेंशन में भी खर्चा आसानी से चलता है
मैने मां से बोला की तुम अपने ऊपर खर्चा क्यों नहीं करती हो, क्या तुम्हे मन नही होता है अच्छा दिखने का, नए नए कपड़े पहनने का
मां ने बोला किसे दिखाना है अच्छा ???
तुम्हारे पापा को ? उन्हें अब कोई फर्क नही पड़ता है
मां का जवाब बहुत छोटा सा था, लेकिन भावार्थ बहुत गहरा था
और मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया, मैने इतने खर्च करती हूं अच्छे कपड़े पहनती हूं, सोशल मीडिया पर डालने के लिए, लेकिन बदले में क्या मिल रहा है मुझे ??
बस मेरे पति के साथ दूरी, मेरे पास तो बहुत लड़के हैं जो हर जरूरत पूरी करते हैं लेकिन उस जरूरत के पीछे उनकी भोगविलास की जरूरत साफ दिखाई देती है ?
मुझे परेशान देख कर मां ने पूछा क्या हुआ ??
मैने जवाब से बात घूमाते हुए कहा, मेरे पति मेरे साथ समय कम बिताते हैं
मां ने बोला क्या हुआ, बेटा वो समय कम बीतता है पर जितना समय उसके पास है तुम्हारे लिए उसमे भरपूर उसका ध्यान रखो
वो लड़का है जब वो पैदा हुआ होगा तो घर में खुशी की लहर दौड़ गई होगी
जैसे जैसे वो बड़ा हुआ होगा उसे एहसास दिलाया गया होगा की तुम्हे रोना नहीं है, क्यों की तुम लड़के हो
और बड़ा हुआ तो ये बताया गया होगा की परिवार चलाना तुम्हारी जिम्मेदारी है
इस बीच वो ये भूल गया की उसकी अपनी भी जिंदगी है तुम्हारे शौख पूरे करना परिवार पालना ही उसकी जिंदगी हो गई होगी इसी लिए बस ध्यान नहीं दे पा रहा, पास बैठ के बात करो उससे ।
मां की ये बात मुझे सोचने पर मजबूर कर दी
और मुझे खुद से घृणा होने लगी, की वो इंसान बिना कुछ सोचे मेरे लिए दिन रात मेहनत करता था
और मैं अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए गैर मर्दों के साथ टहलती थी ये जानते हुए की उन्हें सिर्फ मेरे शरीर की चाहत है और किसी चीज की नही
इस बात को समझते हुए मैं वापस अपने पति के पास आई और सबसे पहले बाहरी लोगो से रिश्ता तोड़ा
अपनी जरुरते सीमित की हर वो खर्च जिसकी जरूरत नहीं है उसे खत्म कर दिया,
हर वो चीज जो सिर्फ एक बाहरी दिखावा है उसे खत्म किया
आज शादी को पूरे 7 साल हो गए हैं, मैं और मेरे पति हम दोनो का खर्च बेहद कम है पर कमाई कहीं ज्यादा
क्यों की भविष्य सुरक्षित रखने के लिए कई जगह निवेश है स्वास्थ्य बीमा है
घर का बना खाना खाने से हमारा स्वास्थ्य ठीक है
इस लिए किसी भी अन्य चीज की टेंशन नहीं है हमे
और मैं सच बोल रही हूं कम जरूरत में ही जिंदगी खूबसूरत होती है सुकून भरी होती है
आजकल की लड़किया शादी करने जाती हैं तो वो ऐसा लड़का ढूंढती हैं जो उनकी हर जरूरत पूरी कर दे
क्यों की मैं भी आज कल की लड़की ही थी
पर आप की जरूरत हमेशा और की चाहत रखती है जो अनंत है, आपको ऐसा लड़का मिल भी जाएगा
लेकिन आप को जरूरत और फिजूल खर्ची आप को और आप के परिवार को ही अंदर से खोखला करेंगी
इस लिए अपने पति को ये कहने की बजाए की वो जरूरतें पूरी नही कर रहे
आप अपनी जरूरतों को सीमित कीजिए
धन्यवाद अपना सुझाव जरूर दीजियेगा