27/05/2026
सर्वोच्च वीरता पुरस्कार विक्टोरिया क्रॉस विजेता श्री कमलराम गुर्जर जिला करौली की स्मृति में इटली में आज भव्य स्मारक उद्घाटन
मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि आज दिनांक 26 मई 2026 को भारतीय दूतावास द्वारा इटली के मोंटे कैसिनो में सर्वोच्च वीरता पुरस्कार विक्टोरिया क्रॉस विजेता श्री कमलराम गुर्जर जी, जिला करौली, के भव्य स्मारक का उद्घाटन किया गया है, जहाँ उन्होंने वीरतापूर्वक युद्ध लड़ा था।
यह उनकी वीरता, साहस एवं ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने वाला अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है। यह स्मारक उनकी देशभक्ति और शौर्य की अमर याद के रूप में सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
मेरे प्रिय मित्र एवं हमारे आदर्श, समाज के गौरव श्री अमराराम गुर्जर साहब जी, तत्कालीन उप राजदूत रोम, के अथक प्रयासों एवं समर्पण के परिणामस्वरूप देश के वीर सपूत, विक्टोरिया क्रॉस सम्मानित शहीद कमलराम जी, जिला करौली की गौरवशाली स्मृति में आज यह भव्य स्मारक विदेश की धरती पर, उस स्थान पर स्थापित हो पाया है जहाँ उन्होंने वीरता और साहस से युद्ध लड़ते हुए दुश्मन को आत्मसमर्पण करने पर मजबूर कर दिया था।
यह स्मारक वास्तव में अत्यंत प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण प्रतीत हो रहा है। स्मारक पर अंकित “SEPOY KAMAL RAM – VICTORIA CROSS” शब्द स्वयं उनके अद्वितीय साहस और बलिदान की गाथा को अमर बना रहे हैं। इटली की धरती पर, उसी ऐतिहासिक स्थान पर स्थापित यह स्मारक केवल एक निर्माण नहीं, बल्कि उनके अद्वितीय साहस, वीरता एवं सर्वोच्च बलिदान का अमर प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा।
इस ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण अवसर पर शहीद कमलराम गुर्जर जी के परिवार की ओर से श्री धर्मेंद्र गुर्जर जी एवं पौत्र श्री प्रदीप गुर्जर जी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस भावुक एवं गर्व के क्षण को आत्मीयता के साथ साझा किया।
यह उद्घाटन पूर्व में जनवरी माह में प्रस्तावित था, किन्तु कुछ कारणोंवश आज संपन्न हो पाया। विगत लगभग एक वर्ष से इस संपूर्ण विषय पर केवल श्री अमराराम गुर्जर जी और मेरे बीच निरंतर संवाद एवं प्रयास जारी रहे, जब तक कि यह स्मारक स्थापित नहीं हो गया। स्मारक स्थापित होने के पश्चात ही मेरे द्वारा शहीद कमलराम जी के परिजनों को इसकी जानकारी दी गई तथा उनकी अमराराम साहब से बात भी करवाई गई।
यह स्मारक उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि सिद्ध होगा। राजस्थान में भी उनकी स्मृति को चिरस्थाई बनाने के लिए कुछ अन्य प्रयास भी किए जा रहे हैं। जय हिंद।