Lok Mail Samachar

Lok Mail Samachar Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Lok Mail Samachar, Media/News Company, Chachiyawas, Ajmer.

लोकमेल 31 वर्षों से अजमेर में समाचारों का विश्वसनीय स्रोत रहा है। 1993 से।

भारत सरकार और राजस्थान सरकार दोनों द्वारा मान्यता प्राप्त, लोकमेल भारत सरकार व राजस्थान सरकार के द्वारा विज्ञापनों के लिए मान्यता प्राप्त व अधिकृत है।

09/09/2020
अजमेर में कोरोना के कुल 4 संक्रमित, पोज़िटिव मिले युवक के माता, पिता और भाई  - Lok Mail samachar -
29/03/2020

अजमेर में कोरोना के कुल 4 संक्रमित, पोज़िटिव मिले युवक के माता, पिता और भाई - Lok Mail samachar -

शहर में पहला कोरोना पॉजिटिव केस सामने आने के बाद रोगी के पूरे परिवार को जयपुर के आइसोलेशन में भर्ती किया गया है। यह....

हिंदू के शव को कंधा देने के लिए मुस्लिम पड़ोसी आगे आए, कोरोना के डर से मृतक के घर नहीं पहुंचे रिश्तेदार - Lok Mail samac...
29/03/2020

हिंदू के शव को कंधा देने के लिए मुस्लिम पड़ोसी आगे आए, कोरोना के डर से मृतक के घर नहीं पहुंचे रिश्तेदार - Lok Mail samachar -

मामला उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का है, यहां लाभ डाउन के दौरान एक हिंदू के शव को कंधा देने के लिए मुस्लिम पड़ोसी आगे आ.....

स्कैन और पीडीएफ के लिए कुछ एप्सक्यूमेंट्स को स्कैन करने की जरूरत किसी भी समय पड़ सकती है। जरूरी नहीं कि उस समय आप दफ़्तर...
09/05/2013

स्कैन और पीडीएफ के लिए कुछ एप्स
क्यूमेंट्स को स्कैन करने की जरूरत किसी भी समय पड़ सकती है। जरूरी नहीं कि उस समय आप दफ़्तर में ही हों, जहाँ कोई स्कैनर उपलब्ध हो। ऐसे में कुछ स्मार्टफोन और टैबलेट एप्स आपके काम आ सकते हैं। अपने गैजेट में एप्लीकेशन खोलिए, डॉक्यूमेंट सामने रखिए और गैजेट के कैमरे के जरिए स्कैन कर लीजिए। है न कितना आसान!

मोबाइल डॉक स्कैनर लाइट

किसी भी फाइल या इमेज को तुरंत पीडीएफ डॉक्यूमेंट में कनवर्ट करने वाला यह App पेशेवरों और कारोबारी यूज़र्स के बड़े काम का है, जिन्हें ट्रैवल के दौरान या मीटिंग्स के बीच दूसरों के साथ काम की फाइलें शेयर करनी होती हैं। डॉक्यूमेंट भले ही टेक्स्ट फॉरमैट में हो, इमेज या फिर दोनों, यह उन्हें चुटकियों में पीडीएफ फाइल में बदल देता है। रेडी फाइलों के साथ-साथ अगर आपको किसी पेपर फाइल के पन्ने, अखबार की खबर या फिर कोई जरूरी रसीद स्कैन करके रिकॉर्ड में रखनी है तो वह काम भी यह बखूबी करता है। सोशल नेटवर्किंग और क्लाउड स्टोरेज साइट्स पर फाइल शेयर करना भी आसान है।

ऑपरेटिंग सिस्टमः एंड्रोइड
रेटिंगः 4.3 स्टार
कीमतः फ्री

कैम स्कैनर

एक पॉपुलर App जो न सिर्फ तरह-तरह के डॉक्यूमेंट्स को पलक झपकते ही स्कैन कर इमेज या पीडीएफ फॉरमैट में बदल सकता है बल्कि उन्हें इमेजेज को Edit करने और उनकी क्वालिटी दुरुस्त करने में भी मदद करता है। लेकिन जो एक बात इसे स्पेशल बनाती है, वह यह कि यह आपके पीडीएफ डॉक्यूमेंट्स को ईमेल तो कर ही सकता है, उन्हें फैक्स के जरिए भी दूसरों को भेज सकता है। और हाँ, इसमें मल्टी-पेज डॉक्यूमेंट स्कैन सुविधा भी है। सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर शेयरिंग का विकल्प भी उपलब्ध हैं।

ऑपरेटिंग सिस्टमः एंड्रोइड
रेटिंगः 4.3 स्टार
कीमतः फ्री और पेड दोनों वर्जन उपलब्ध।

11/01/2013

लोकमेल 31 वर्षों से अजमेर में समाचारों का विश्वसनीय स्रोत रहा है। 1993 से।

भारत सरकार और राजस्थान सरकार दोनों द्वारा मान्यता प्राप्त, लोकमेल भारत सरकार व राजस्थान सरकार के द्वारा विज्ञापनों के लिए मान्यता प्राप्त व अधिकृत है।

11/01/2013

विकास के रास्ते पर गाँव, उभरते नए कॅरिअर
आजकल राज्य सरकारें ही नहीं भारत सरकार भी ग्रामीण विकास पर पूरा ध्यान दे रही है। भारत में विश्व बैंक की विभिन्न परियोजनाएं खासतौर पर गांवों के लिए चालू की गई हैं। इसके अलावा गैर सरकारी संगठनों ने भी गांवों में काम करना शुरू कर दिया है। ऐसे में ग्रामीण विकास डिप्लोमा एक बेहतर कॅरियर के रूप में उभरा है। खास बात यह है कि यह पाठ्यक्रम दूरस्थ पद्धति द्वारा संचालित किया जाता है।

ग्रामीण विकास डिप्लोमा पाठ्यक्रम में दाखिला लेने के लिए उम्मीदवार का स्नातक होना अनिवार्य है। लेकिन उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय ने बारहवीं कक्षा में भी इसे मान्यता दी है। वहीं अन्नामलाई विश्वविद्यालय ने स्नातक के साथ−साथ ग्रामीण क्षेत्र में दो वर्ष का कार्य अनुभव भी दाखिले के वक्त अनिवार्य तौर पर रखा है।

ग्रामीण विकास में डिप्लोमा पाठ्यक्रम की अवधि एक वर्ष की है लेकिन उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में एक से तीन वर्ष तक का पाठ्यक्रम है। पाठ्यक्रम का माध्यम केवल हिन्दी और अंग्रेजी ही हैं।

इन संस्थानों से ग्रामीण विकास डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रशिक्षण लिया जा सकता है−

− कर्नाटक स्टेट मुक्त विश्वविद्यालय, मनसागंगोत्री, मैसूर− 570006

− अन्नामलाई विश्वविद्यालय, डायरेक्टरेट ऑफ डिस्टेन्स एजुकेशन, अन्नामलाई नगर− 608002

− ककातीय विश्वविद्यालय, स्कूल ऑफ डिस्टेन्स लर्निग एंड कंटीन्यूईग एजुकेशन, वारंगल− 506009

− इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, मैदान गढ़ी, नई दिल्ली− 110068

− सेंटर फॉर डिस्टेंस एजुकेशन, एमवीपुरम, अनन्तपुर− 5150

रिश्तेदार आला अफसर का रौब गांठ कर वसूलता था मंथली!अजमेर.राजस्थान स्टेट ब्रेवरीज कॉपरेरेशन लिमिटेड के घूसखोर डिपो मैनेजर ...
11/01/2013

रिश्तेदार आला अफसर का रौब गांठ कर वसूलता था मंथली!

अजमेर.राजस्थान स्टेट ब्रेवरीज कॉपरेरेशन लिमिटेड के घूसखोर डिपो मैनेजर राजेंद्र प्रसाद जयसिंघानी राज्य के एक उच्चाधिकारी के नाम का रौब गांठ कर अधिकारियों को डराता-धमकाता था। वह खुद को उच्चाधिकारी का नजदीकी रिश्तेदार बताता। इसी आड़ में करीब सवा सौ शराब की दुकानों से हर माह 12.50 लाख की अवैध वसूली करता था। वह दुकानदारों को इसकी एवज में नियमों के विपरीत सुविधाएं देने के लिए प्रति दुकानदार से 1000 रुपए मंथली लेते था। बताया जा रहा है कि मंथली का यह खेल पिछले दो सालों से चल रहा था। सूत्रों के मुताबिक अजमेर शहर, केकड़ी, बिजयनगर, नसीराबाद, ब्यावर व आसपास के ग्रामीणों क्षेत्रों में कुल 406 देशी शराब के और 63 अंग्रेजी शराब के ठेके हैं। इन 406 में से 217 ऐसे हैं जिन पर अंग्रेजी व देशी दोनों तरह की शराब मिलती है। जिले के इन ठेकों में से करीब 50 प्रतिशत ठेकों पर माखूपुरा स्थित राजस्थान स्टेट ब्रेवरीज कापरेरेशन लिमिटेड से शराब सप्लाई की जाती है। डिपो का काम शराब फैक्ट्रियों से शराब लाकर शराब ठेकेदारों को सप्लाई करना है।
15 प्रतिशत के मार्जन पर सप्लाई की जाती है। परिवहन का खर्चा काटने के बाद 12 प्रतिशत तक का कमीशन बचता है। शराब फैक्ट्री से आने वाली गाड़ियों और डिपो से बाहर निकलने वाली गाड़ियों की एंट्री का काम डिपो मैनेजर की देखरेख में होता है। डिपो मैनेजर का ठेकेदार से सीधा संपर्क नहीं होता। इसके बावजूद सप्लाई की एवज में मंथली वसूल रहा था।
देर रात आवास पर दबिश :
आरोपी जयसिंघानी लेखाकार है। वह प्रतिनियुक्ति पर आरबीसीएल में डिपो मैनेजर था। इससे पहले वह आबकारी सहित अन्य दफ्तरों में लेखाकार रह चुका है। इधर देर रात एसीबी ने सिंधुवाड़ी स्थित पैतृक आवास पर तलाशी लेने के बाद वैशाली नगर स्थित बंगले पर तलाशी भी ली। देर रात तक एसीबी की कार्रवाई जारी थी
'आरोपी डिपो मैनेजर का कॉल रिकार्ड कर आवाज का नमूना लिया है। उसके सेलफोन की कॉल डीटेल रिपोर्ट तैयार की जा रही है।'
भीम सिंह बीका, एएसपी, एसीबी, भीलवाड़ा
मंथली दोगे तो मिलेगी सुविधा
घूसखोर डिपो मैनेजर जयसिंघानी ने मंथली के लालच में नियमों को ताक में रखकर शराब कारोबारियों को सप्लाई दी। मंथली देने वाले ठेकेदारों को देर रात भी शराब सप्लाई की जाती। परिवहन में यदि शराब की बोतलों की टूट-फूट होती तो घूसखोर मैनेजर टूट-फूट को सरकारी खर्च में डालकर ठेकेदारों को राहत पहुंचाता। ज्यादा चलन वाली ब्रांडों की शराब की सप्लाई में मंथली देने वाले ठेकेदारों को प्राथमिकता दी जाती थी। एसीबी आरोपी से बरामद हुए सेलफोन की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) तैयार कर रही है।
कहां गए रिश्वत के 10000? :
जयसिंघानी ने रिश्वत के लिए जो 10000 रुपए लिए थे वो एसीबी की कार्रवाई की भनक लगते ही डिपो में कही फैंक दिए या फिर वहां काम रहे मजदूरों में से किसी को दे दिए। एसीबी टीम ने काफी देर तक डिपो में नोटों की गड्डी को तलाशा लेकिन सफलता नहीं मिली। डिपो में बड़ी संख्या में शराब की पेटियां रखी हैं। माना जा रहा है कि आरोपी ने नोटों की गड्डी इन पेटियों में कहीं छिपा दी। एसीबी की एक टीम डिपो पर निगरानी के लिए छोड़ी गई है। शुक्रवार को डिपो में गड्डी को तलाशा जाएगा।

11/01/2013

पेट के कीड़ों से मुक्ति पाएँ आयुर्वेद के जरिए
ज्यादातर बच्चों में शैशवकाल से लेकर किशोरावस्था तक कृमियों की शिकायत देखने में आती है। आमतौर पर इस अवस्था में बच्चे के माता−पिता यह नहीं तय कर पाते कि बच्चे को क्या बीमारी है और इसलिए वे इसका निदान भी नहीं कर पाते। चूंकि पेट में कृमि के लक्षण खासे भ्रमकारी होते हैं इसलिए इनकी पहचान और फिर निदान मुश्किल हो जाता है। पेट में कीड़ों के कारण बच्चे के पेट में दर्द होता है। कभी बच्चे की भूख मर जाती है कभी उसका पेट साफ नहीं होता। कभी−कभी सर्दी−बुखार और टांसिल्स की शिकायत भी हो जाती है। ऐसे में डॉक्टर भी भ्रमित हो जाता है और वह इन लक्षणों के आधार पर बच्चे को दवा दे देता है जिससे रोग का पूरी तरह शमन नहीं हो पाता।

आयुर्वेद के अंतर्गत पेट में कीड़े होने पर उत्पन्न होने वाले लक्षणों का स्पष्ट वर्णन किया गया है। बुखार होना, शरीर की त्वचा का रंग फीका पड़ना या पीला पड़ जाना, पेट दर्द होना, हृदय में दर्द या चटक उठना, चक्कर आना, जी मिचलाना, भोजन के प्रति अरूचि होना तथा साथ ही बच्चे को दस्त की शिकायत भी हो जाती हैं। इस प्रकार के लक्षण यदि हों तो बच्चे के पेट में कृमि होना निश्चित है।

इसके कई कारण होते हैं जैसे मीठे पदार्थों का अधिक सेवन, विपरीत तासीर वाले खाद्य पदार्थों को एक साथ खाना, अम्ल रस, गुड़, बासी अन्न, दूषित तथा सड़े हुए मांस−मछली आदि का सेवन करना। अधिक चाकलेट, टॉफी खाना, कच्चे हरे चने खाना तथा दूषित जल पीना भी पेट में कृमि उत्पन्न होने के कारण हो सकते हैं।

कृमियों के रहने के स्थान के आधार पर उन्हें दो भागों में बांटा गया है, आंतरिक तथा बाहरी। अमाशय तथा आंतों में जो कृमि रहते हैं उन्हें आंतरिक कृमि कहते हैं। वे कृमि जो त्वचा, बालों और कपड़ों में रहते हैं उन्हें बाहरी कृमि कहते हैं। आयुर्वेद में लगभग 20 प्रकार के कृमि आंतरिक बताए गए हैं जिन्हें तीन श्रेणियों− पुरीषज, कफज तथा रक्तज में बांटा गया है।

प्रमुख रूप से कृमि चार प्रकार के होते हैं जैसे सूत्र कृमि, गंडूपाद कृमि, स्फीत कृमि और अंकुश मुख कृमि।

सूत्र कृमि पतले सूत्र के समान होते हैं। अंग्रेजी में इसे थ्रेड (डोरा) वर्म कहते हैं। ये बहुत छोटे तथा बारीक होते हैं जो झुंड बनाकर गुदा में मलद्वार के पास एकत्रित हो जाते हैं। ये गुदा के अंदर और मलद्वार पर काटते हैं जिससे बच्चा रोता है। विशेष रूप से यह तकलीफ रात को होती है जिस कारण बच्चा सो नहीं पाता। यदि बच्चा सोते समय दांत पीसे या किटकिटाए या शक्कर या गुड़ जैसे मीठे पदार्थ बहुत अधिक खाए, नाक और गुदा खुजाए, पेट के बल सोए, उसका हाजमा खराब हो, उसके मुंह व सांस से दुर्गंध आए तो समझना चाहिए कि पेट में थ्रेड वर्म है।

गंडूपाद कृमि केंचुए जैसा गोल और लंबा होता है। इसकी लम्बाई 4 से 12 इंच तक हो सकती है। कभी−कभी यह कृमि मुंह से बाहर भी निकल आता है। नींद में चौंकना, पेट फूलना, कभी भूख लगना और कभी न लगना, नाक व गुदा में खुजली, कमजोरी तथा मुंह से पानी आदि कुछ ऐसे लक्षण हैं जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि बच्चा गंडूपाद कृमि से पीडि़त है।

स्फीत कृमि फीते की तरह लंबे होते हैं। इसकी लम्बाई 1 से 2 फुट हो सकती है। इन्हें टेप वर्म भी कहते हैं ये कृमि मल के साथ निकलते हैं इनका आकार चपटा और गांठदार होता है इनका रंग सफेद होता है। कभी−कभी इनकी लम्बाई बहुत अधिक हो जाती है।

अंकुश मुख कृमि को हुक वर्म भी कहते हैं। ये आंतों से चिपककर खून चूसते रहते हैं जिससे रोगी कमजोर होने लगता है और उसमें खून की कमी हो जाती है। ये कृमि फटी हुई त्वचा के रास्ते से शरीर में घुस कर छोटी आंत तक पहुंच जाते हैं।

चूंकि बच्चों को कृमि रोग बड़ों के मुकाबले आसानी से होता है इसलिए बच्चों को इससे बचाना बहुत जरूरी है। कृमि रोग से पीडि़त होने पर बच्चे का शौच का समय कभी निश्चित नहीं हो पाता, बच्चा पेट के बल सोता है और नींद में दांत पीसता या किटकिटाता है। कभी वह ठीक से भोजन करता है तो कभी उसका खाने का मन नहीं करता। सोते समय उसके मुख से लार टपकती है मलद्वार तथा नाक में खुजली होती है। बच्चा कमजोर हो जाता है तथा उसके शरीर में खून में कमी हो जाती है। चेहरे तथा अन्य स्थानों पर त्वचा का रंग राख जैसा सफेद हो जाता है। बच्चे को जी मिचलाने तथा पेट दर्द की शिकायत भी हो जाती है। बच्चे की स्मरण शक्ति भी कमजोर हो जाती है।

कृमि चिकित्सा के लिए कृमि कुठार रस की एक−एक रत्ती वजन की एक−एक गोली सुबह−शाम शहद के साथ तीन दिन देकर चौथे दिन एक चम्मच कैस्टर आयल (अरण्डी का तेल) दूध में मिलाकर दें। इससे लाभ होता है। भोजन के बाद बच्चों को एक−एक चम्मच विडंगारिष्ट पानी में मिलाकर देने से भी लाभ होता है। वयस्कों को विडंगारिष्ट की दो−दो चम्मच मात्रा का सेवन करना चाहिए।

थायमल (अजवायन का सत) रात को खाली कैपसूल में डालकर पानी के साथ लेने से भी कृमियों से छुटकारा मिलता है। पीपलमूल के चूर्ण की लगभग 3 ग्राम मात्रा रात को सोते समय गोमूत्र के साथ लेने से भी लाभ होता है। कड़वी तुंबी के बीजों के बारीक पिसे चूर्ण की दो ग्राम मात्रा सुबह छाछ के साथ देने से भी अमाशय के कृमि नष्ट हो जाते हैं।

खजूर के पत्तों को उबालकर, काढ़ा बनाकर 24 घंटे रखकर बासी करके पीने से भी लाभ होता है। कृमि नष्ट करने के लिए वायविडंग के बारीक पिसे चूर्ण की 60 ग्राम मात्रा 250 ग्राम शहद में मिलाकर रखें इस मिश्रण की 1 या 2 चम्मच मात्रा सुबह चाट लें और फिर पानी से कुल्ले करके मुंह साफ कर लें।

आयुर्वेदिक पद्धति के द्वारा कृमियों का उपचार करने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इनका कोई साइड इफैक्ट नहीं होता और ये कृमियों को पूरी तरह नष्ट कर देती हैं।

11/01/2013

नेट पर हँसी-मजाक वाली वेबसाइटों की कमी नहीं
अगर आप भी थोड़ा बहुत मजाक पसंद करते हैं तो आप अकेले नहीं हैं। इंटरनेट पर बहुत सी वेबसाइटें आपके जैसे ही लोगों की पसंद को ध्यान में रखते हुए बनाई गई हैं। चाहे आपका मूड कितना भी बिगड़ा हुआ या अपसेट क्यों न हो, इन्हें एक बार विजिट करके देखिए। अपने चेहरे पर मुस्कुराहट आने से रोक नहीं सकेंगे।

क्रैक्ड (cracked.com): खुद को 1958 से अमेरिका की अकेली मजाकिया वेबसाइट होने का दावा करने वाली क्रैक्ड पर मजेदार कॉमेडी वीडियो, व्यंग्य और लतीफों का खजाना है। आप चाहें तो इसके फोरम में हिस्सा लेकर खुद भी हँसी मजाक से भरे किस्से, वीडियो, तसवीरें वगैरह पेश कर वाहवाही लूट सकते हैं। यहाँ ढेरों कैटेगरीज में दिलचस्प लेख मौजूद हैं, जैसे बदला लेने के पाँच तरीके जो सबसे ज्यादा लोग सोचते हैं, या पाँच लोग जो आपको नरक में जरूर मिलेंगे। यहाँ कई मजेदार वीडियो शो भी चलते हैं।

कॉलेज ह्यूमर (collegehumor.com): यह वेबसाइट 18 से 49 साल की उम्र तक के लोगों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है और उनमें भी फोकस स्टूडेंट्स पर है। होमपेज खोलते ही Page does not exist का नकली मैसेज दिखाई देता है जो इस बात की बानगी देने के लिए काफी है कि यहाँ मजाक को कितनी गंभीरता से लिया जाता है। साइट पर घोड़ों के अलावा दूसरे जानवरों की सवारी करने वाले इंसानों पर एक फोटो फीचर है। किसी को अजगर या मगरमच्छ की सवारी करते देखा है? होटलों के अजीबोगरीब नाम, उल्टी-पुल्टी अंग्रेजी में लिखे नोटिस जैसी तमाम चीजें यहाँ हैं जो आपसे ठहाका लगवा देंगी।

माई लाइफ इज एवरेज (mylifeisaverage.com): इस वेबसाइट पर आम लोगों के दैनिक जीवन में घटने वाली छोटी-छोटी बातें और मजेदार किस्से कहानियाँ पढ़ने को मिलेंगे। मिसाल के तौर पर यह कि आज जब मैं अपने इलेक्ट्रिक शेवर से आधा शेव कर चुका था, तभी पता चला कि बैटरी खत्म हो गई है। खैर.. बाद में मैंने दूसरी बैटरी डाल ली और काम निकाल लिया। एक और देखिए- आज जब मैं आमलेट तैयार करने के लिए अंडे को तोड़ रहा था तो वह उछलकर दूर जा गिरा। मगर मेरे पास दर्जन भर और थे सो मैंने दूसरों को इस्तेमाल कर लिया। बात बहुत छोटी है, मगर आप मुस्कुराए ना।

टेक्स्ट्स फ्रॉम लास्ट नाइट (textsfromlastnight.com): जो लोग मजेदार एसएमएस संदेशों को पढ़ने और फॉरवर्ड करने का शौक रखते हैं उन्हें यहाँ ढेरों दिलचस्प मैसेज मिलेंगे। साइट का नाम बताता है कि यहाँ पिछले दिन के सबसे मजेदार एसएमएस संदेशों का कलेक्शन है। ये संदेश अलग-अलग शहरों और देशों से साइट के यूजर्स भेजते हैं इसलिए वैरायटी की कोई कमी नहीं। आजमाकर देखिए।
एक्सकेसीडी (xkcd.com): यह साइट वेब कॉमिक्स का खजाना है। यहाँ आपको मिलेंगे दिलचस्प कार्टून, पैरोडियाँ और लतीफे जो आपका चेहरा खिला देंगे। दिमाग पर जरा भी जोर डाले बिना फन के लिए लाइट रीडिंग करना चाहते हैं तो यह साइट बहुत सहज लगेगी। खासकर तब जब आपका थोड़ा सा तकनीकी बैकग्राउंड हो या तकनीक में दिलचस्पी हो।

11/01/2013

छात्रों की पढ़ाई में मदद करने वाली वेबसाइटें
अगर आप छात्र हैं तो कई बार ऐसी जानकारी पाने की जरूरत महसूस करते होंगे जिनका जिक्र तो किताबों में है लेकिन उनके बारे में ब्यौरा नहीं मिलता। ऐसे मुद्दों और विषयों पर ज्यादा जानकारी हासिल करने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल किया जा सकता है। कुछ वेबसाइटों पर तथ्यों, आंकड़ों, परिभाषाओं, बैकग्राउंडर्स और दूसरी जानकारी का बहुत अच्छा भंडार उपलब्ध है, जो छात्रों के लिए खास तौर पर उपयोगी है।

Refdesk.com: इसे आप इंटरनेट पर तथ्यों की जाँच करने वाली वेबसाइट के रूप में देख सकते हैं। यही इसका स्लोगन भी है। वास्तव में यहां पर इतनी वैराइटीज के तथ्य और जानकारियां मौजूद हैं कि आपको लगेगा किसी छात्र के लिए इससे बेहतर होमपेज कोई और नहीं हो सकता। गूगल, बिंग और याहू सर्च रेफडेस्क के होम पेज से ही की जा सकती है और इसके साथ-साथ विकीपीडिया, यू-ट्यूब तथा कई डिक्शनरियों तथा एनसाइक्लोपीडिया में भी सर्च की सुविधा मौजूद है। दिन के खास समाचारों, खास तथ्यों, खास लोगों, खास शब्दों, खास घटनाओं और न जाने किन-किन खास चीजों पर सामग्री देखने को मिलेगी, जिसके आर्काइव भी उपलब्ध हैं। एक तरह से सूचनाओं और तथ्यों का समुद्र है यह वेबसाइट। खास बात यह है कि तथ्यों को खोजने के लिए अलग से फैक्ट सर्च सुविधा भी मौजूद है।

Factmonster.com: यह वेबसाइट खुद को ऑनलाइन एलमनॅक, डिक्शनरी, एनसाइक्लोपीडिया और होमवर्क हेल्प पर आधारित रिसोर्स के रूप में पेश करती है। होमपेज पर ही दुनिया, लोग, खेल, विज्ञान, गणित जैसे लिंक्स दिए गए हैं जिनके भीतर जाने पर तथ्यों और जानकारियों का खज़ाना खुल जाता है। ‘टाइमलाइन’ नामक सेक्शन आपको इतिहास की यात्रा करने का मौका देता है तो ‘वर्ड वाइज़’ में आप अपने शब्द-ज्ञान को आजमा सकते हैं और ‘एटलस’ आपको दुनिया की सैर कराता है। डिक्शनरी और एनसाइक्लोपीडिया में मौजूद अथाह सामग्री एक माउस क्लिक पर उपलब्ध है। होमवर्क हेल्प नामक एक अलग सेक्शन में ऐसी सैंकड़ों चीजें मौजूद हैं जो होमवर्क के साथ-साथ चीजों को समझने में भी आपकी मदद करेंगी।

Wolframalpha.com: यह एक अनूठा सर्च इंजन है जो विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए बेहद उपयोगी है। इसे कम्प्यूटेशनल नॉलेज इंजन कहा गया है क्योंकि यह किसी भी विषय पर मांगी गई सामग्री को आपकी जरूरत के हिसाब से दिखाने में सक्षम है। यह सामान्य सर्च नहीं, बल्कि इन्टेलीजेंट सर्च है जो सिर्फ सूचनाएं नहीं खोजती बल्कि उनका विश्लेषण करके नतीजे दिखाने में सक्षम है। मिसाल के तौर पर गूगल में Hindi and Mandarin लिखकर सर्च करने पर ऐसे पेजों को दिखाया जाता है, जिनमें हिंदी और मंदारिन दोनों का जिक्र हो। लेकिन यही सर्च टर्म जब वोलफ्रामएल्फा में डाली जाती है तो वह इन दोनों भाषाओं का तुलनात्मक विश्लेषण दिखाता है। ये दोनों भाषाएं कहाँ-कहाँ बोली जाती हैं, बोलने वालों की संख्या क्या है, उनका इतिहास क्या है, आदि तथ्य पहले पेज पर ही दिखाए जाते हैं। सैंकड़ों तरह की गणनाएं करने में सक्षम है यह सर्च इंजन। आजमाकर देखिए।

Infoplease.com: यहां इतिहास से लेकर वर्तमान तक के बारे में जरूरी तथ्य मिलेंगे। विश्व एवं खबरें, इतिहास, खेल, जीवनियां, कला, मनोरंजन, बिजनेस, हेल्थ एंड साइंसेज, कैलेंडर एंड होलीडेज जैसी कई कैटेगरीज में सूचनाओं का भंडार भरा पड़ा है। होमवर्क हेल्प के लिये यहां पर भी एक सेक्शन है। ज्ञानवर्धक पहेलियां, देशों के प्रोफाइल, कनवर्जन कैलकुलेटर आदि और भी कई सुविधाएं आपको लुभाएंगी।

Wisegeek.com: इस वेबसाइट पर स्टूडेंट्स की जरूरत के विषयों पर अच्छे, स्तरीय लेखों का भंडार है। मिसाल के तौर पर साइंस एंड इंजीनियरिंग से जुड़े विषयों पर कोई साढ़े चार हजार, एडल्ट एजुकेशन एंड ट्रेनिंग पर साढ़े पंद्रह हजार, महान हस्तियों पर तेरह सौ, बिजनेस एंड इकानमी पर सात हजार से ऊपर, जानवरों और पर्यावरण पर कोई चार हजार, टेक्नालाजी और गैजेट्स पर कोई चार हजार लेख मौजूद हैं। और भी दर्जनों विषयों पर छात्रों के मतलब की सामग्री यहाँ संकलित है।

Address

Chachiyawas
Ajmer
305023

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Lok Mail Samachar posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share