18/09/2026
बंगाल में हुआ खेला, ममता के उम्मीदवार ने CM शुभेंदु से मिलकर छोड़ा मैदान
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- वांग्देन लामा
- संपादक " सोच जागरूक डुवर्स "
- उत्तर बंगाल(भारत)
बंगाल के सबसे हॉट सीट नंदीग्राम में उपचुनाव से पहले सियासी भूचाल। वोट पड़ने से पहले ही ममता ब्रिगेड को बड़ा झटका लगा है। ममता बनर्जी गुट की अधिकृत प्रत्याशी संचिता प्रधान डे ने चुनावी अखाड़े से अपने कदम वापस खींच लिए हैं।
यह सनसनीखेज वापसी उस मुलाकात के चंद घंटों बाद हुई है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी थी।
नबन्ना में आशीर्वाद, फिर नाम वापसी का ऐलान ...
बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग की स्क्रूटनी के बाद जब संचिता को नया चुनाव चिह्न 'फुटबॉल खिलाड़ी' आवंटित हुआ, तो वह सीधे राज्य सचिवालय नबन्ना पहुंच गईं। वहां उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से बंद कमरे में मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, संचिता ने सीएम से आशीर्वाद भी लिया।
तब इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया, लेकिन अब नाम वापसी के बाद यह मुलाकात सियासत के नए समीकरणों की ओर इशारा कर रही है। आखिर ऐसी क्या वजह रही कि प्रत्याशी ने पर्चा वैध होने के बाद भी मैदान छोड़ दिया? आधिकारिक कारण अभी भी पर्दे के पीछे है।
दो तृणमूल, दो निशान के बीच बिखरता कुनबा ...
यह पूरा ड्रामा चुनाव आयोग के उस ऐतिहासिक फैसले के बाद का है, जिसमें 28 साल पुराने 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'जोड़ाफूल' निशान को फ्रीज कर दिया गया था।
आयोग ने ममता गुट को 'Mamata All India Trinamool Congress' नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' चिह्न दिया है, जबकि अरूप रॉय/ऋतब्रत गुट को 'Democratic Trinamool Congress' और 'लिफाफा' चिह्न आवंटित किया है।
ममता गुट ने 13 सितंबर को संचिता प्रधान डे को नंदीग्राम से अपना चेहरा बनाया था। उनके सामने बीजेपी ने शुभेंदु के करीबी रहे पूर्व PA चंद्रनाथ रथ की मां 'हसीरानी रथ' को उतारा है, जबकि दूसरे तृणमूल गुट से मोहम्मद एतेशामुल हक ताल ठोक रहे हैं। कांग्रेस ने मिलन प्रधान को मैदान में उतारा है।
6 अक्टूबर को वोट, 9 को फैसला ...
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों पर जीत दर्ज की थी, बाद में उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ी, जिससे यह उपचुनाव हो रहा है। वहीं रेजीनगर सीट AJUP नेता हुमायूं कबीर के इस्तीफे से खाली हुई है। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी।
नंदीग्राम में ममता की उम्मीदवार का यूं मैदान छोड़ना, इस हाई-प्रोफाइल जंग में बीजेपी कैंप के हौसले को और बुलंद कर गया है।
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