28/12/2025
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना दिवस की शुभकामनाएं। नमन है राष्ट्र योद्धाओं को
"भारत आज़ाद नहीं हो सकता, क्योंकि यह राष्ट्र नहीं है, भारत राष्ट्र सिर्फ एक भौगोलिक शब्दावली है,यहाँ हजारों जातियां,अलग-अलग धर्मों और भाषाओं के लोग निवास करते हैं"
हमारे पूर्वजों ने कभी इस परिभाषा का खंडन नहीं किया बस इतना कहा कि भारत एक बनता हुआ राष्ट्र है।
मन में द्वंद्व,अनेक अंतरविरोध, जाति, भाषा, धर्म, क्षेत्रीयता, अशिक्षा, महामारी, अकाल, हर कदम पर चुनौतियां थीं, इन सबको परास्त करने, इन सबको चुनौती देने, निकल पड़े भारत प्रेमी और 28 दिसम्बर 1885 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना हुई।
उद्देश्य निर्मल था, लक्ष्य एक सशक्त भारत राष्ट्र था। समस्त मतभेद, चुनौतियां और विविधताओं को इस एक बिंदु पर एकजुट होना पड़ा कि "हिमालय उत्तुंग शिखर से समुद्र पर्यन्त फैली यह भारत भूमि एक राष्ट्र है"
1885 के बाद कांग्रेस ने राष्ट्रनिर्माण का शंखनाद किया, पहली पीढ़ी के नेतृत्वकर्ता मॉडरेट कहलाये, गोपाल कृष्ण गोखले, रानाडे, फिरोजशाह मेहता, दादाभाई नौरोजी अग्रणी रहे।
दूसरी पीढ़ी उग्रवादियों की थी जिसका नेतृत्व लाला लाजपतराय बाल गंगाधर तिलक विपिनचन्द्र पाल और अरविंद घोष ने किया कांग्रेस की इस पीढ़ी ने लाट साहब की कुर्सियां हिला दी।
तीसरी पीढ़ी का नेतृत्व महात्मा गांधी ने किया और इस पीढ़ी में पीछे की दो पीढ़ियों के विचारों का भी मिश्रण था।
जब गांधी आये तो का कांग्रेस हर घर पहुंची जन जन तक पहुंची और वह स्वर्णिम दिन भी आया जब भारत एक स्वतंत्र संप्रभु सत्ता के रूप में विश्व मानचित्र पर स्थापित हुआ।