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नाम : दिव्या (बदला हुआ नाम)जाति : राजपूतउम्र : 15 वर्षछात्रा : कक्षा 10जिला : सारण(छपरा),बिहारदिनांक 11 मार्च 2026 को रा...
14/03/2026

नाम : दिव्या (बदला हुआ नाम)
जाति : राजपूत
उम्र : 15 वर्ष
छात्रा : कक्षा 10
जिला : सारण(छपरा),बिहार

दिनांक 11 मार्च 2026 को राजपूत समाज की नाबालिग बच्ची का दुसाध यानी पासवान (दलित) जाति के पाँच लड़कों ने अपहरण किया और बाथरूम में ले जाकर उसके साथ बारी-बारी से जबरन सामूहिक बलात्कार किया.... ऐसी घटना की हिमाकत वो पहले भी कर चुके हैँ... किन्तु प्रशाशन मौन रही थी....

बलात्कार करने के बाद नाबालिग बच्ची की माँ के सामने ही बच्ची को घसीटते हुए घटना स्थल से 10 मीटर दूर पास के ही एक कुएँ में फेंक दिया गया....
कुएँ में पानी था,जिसके बाद पेट में पानी भरने से नाबालिग बच्ची की मौत हो गई

अब आप थोड़ा सा स्थिति को बदलकर सोचिए

पांच राजपूत लड़के होते और एक दलित लड़की होती है तो आज वहां कैसा माहौल होता... शायद पूरा भारत हिल गया होता....

किन्तु इधर किसी नेता किसी सामाजिक कार्यकर्ता औरतों और अपने स्वजातीय 24 विधायकों को भी इस बच्ची के साथ घटी घटना पर कोई प्रतिक्रिया देना उचित नहीं लगा! आखिर लगेगा भी कैसे ?लड़की सवर्ण जो है

Nitish Kumar

आजमगढ़ प्रशासन में आश्वासन दिया आगे का अपडेट आजमगढ़ के लोग शेयर अवश्य करिएगा यह घटना किसी के भी साथ हो सकती है या होती भ...
14/03/2026

आजमगढ़ प्रशासन में आश्वासन दिया आगे का अपडेट आजमगढ़ के लोग शेयर अवश्य करिएगा यह घटना किसी के भी साथ हो सकती है या होती भी होगी लोग डर के मारे बोल नहीं पाते या प्रशासन के द्वारा दबा दिया जाता है।

8 मार्च को हुए सवर्ण समाज समन्वयन समिति S4 के तत्वावधान में रामलीला मैदान एवं जंतर मंतर पर   को लेकर आवाहन किए गए धरना प...
10/03/2026

8 मार्च को हुए सवर्ण समाज समन्वयन समिति S4 के तत्वावधान में रामलीला मैदान एवं जंतर मंतर पर को लेकर आवाहन किए गए धरना प्रदर्शन में देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे लाखों सवर्ण समाज के सिपाही...



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सिंगल मदर अविवाहित भोजपुरी लोकगायिका देवी बनीं मां.. इसका असर समाज और सामाजिक व्यवस्था पर क्या पड़ेगा यह तो आने वाला वक्...
11/09/2025

सिंगल मदर अविवाहित भोजपुरी लोकगायिका देवी बनीं मां.. इसका असर समाज और सामाजिक व्यवस्था पर क्या पड़ेगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन इसका असर समाज पर सही नहीं पड़ेगा।

आप क्या सोचते हैं...?

संस्कृति संस्कार विहीन समाज की एक और दृश्य..😑बनारस के प्रसिद्ध लेखक SN खंडेलवाल जी बोले तो श्रीनाथ खंडेलवाल जी, इनका कल ...
31/12/2024

संस्कृति संस्कार विहीन समाज की एक और दृश्य..😑

बनारस के प्रसिद्ध लेखक SN खंडेलवाल जी बोले तो श्रीनाथ खंडेलवाल जी, इनका कल 82 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

इनके अंतिम संस्कार में न बेटा आया और न बेटी आई..! निधन भी इनके अपने आवास में न हुआ था, बल्कि एक वृद्धाश्रम में हुआ। वहीं के कुछ लोगों ने बेटे की भूमिका (अमन कबीर) निभाते हुए इनका अंतिम संस्कार किया।

आगे बढ़ने से पहले बता दें कि खंडेलवाल जी 400 से अधिक पुस्तकें लिख चुके हैं.. जिस जमाने में इंटरनेट या ऑनलाइन जैसे प्लेटफॉर्म नहीं थे तब से इनकी किताबें बिक रही है अच्छे डिमांड के साथ.. अब जब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं तो यहां भी इनकी किताबें बिक रही है।

इन्होंने 15 वर्ष की आयु में पहली किताब लिखी थी, यहीं से उनका किताबों को लिखना शुरु हो गया था.. पद्मपुराण लिखा, मत्स्य पुराण 2000 पन्नों का लिखा था.. तंत्र पर करीब 300 पन्नों की किताबें लिखी थी.. कुछ अभी छप रही हैं.. शिवपुराण का 5 खंडों में अनुवाद किया है.. आसामी और बांग्ला भाषाओं में अधिक अनुवाद किया था..।

अभी तक 21 या 22 उपपुराण और 16 महापुराणों का अनुवाद किया है. किताब लिखने के लिए कंप्यूटर का प्रयोग नहीं करते थे। शुरू से ही हाथ से लिखते थे। वर्तमान में वो नरसिंह पुराण लिख रहे थे लेकिन पूरा होने से पहले ही वो धरा को अलविदा कह गए।

अपने लेखन के कारण ही ये करोड़ों के मालिक थे.. कुल 80 करोड़ इनकी संपत्ति थी/है। लेकिन इनके बेटे और बेटी ने इनसे सारी जायदाद अपने नाम करा लिया और इन्हें घर स बेदखल कर दिया। एक बार ये बीमार पड़े तो इनके बेटे ने ये तक कह दिया कि गर ये मर जाये तो बाहर किसी नाले में फेंक देना। इससे क्षुब्ध होकर ये घर से निकल गए और वृद्धाश्रम चले गए। वहीं इनकी कल मृत्यु हो गई।

अंतिम संस्कार के लिए जब इनके बेटे को फोन किया गया तो वो बनारस से बाहर है बोल के आने में अपनी असमर्थता जता दिए। बेटी को कई बार कॉल किया गया लेकिन बेटी ने फोन उठाया ही नहीं।

बेटा अनूप खंडेलवाल बनारस का जाना माना बिजनेसमेन है.. लाखों करोड़ों की संपत्ति है। बेटी और दामाद दोनों सुप्रीम कोर्ट में वकील है।

बेटी जब डॉक्टरेट कर रही थी तो स्वयं खंडेलवाल जी इनका थीसिस लिखते थे।
लेकिन एडवोकेट और डॉक्टर होते ही बिटिया 80 करोड़ की संपत्ति को अपना बनाने में लग गई और सफल भी हुई।
इनके पोता-पोती नाती-नतिनी सब कोई अच्छे-अच्छे पोस्ट में कार्यरत है। लेकिन जीवन के अंतिम समय में कोई साथ नहीं.. यहाँ तक कि मुखाग्नि देने के लिए भी कोई नहीं।

कितना कुछ विवश करता है ये सब सोचने के लिए। बेटा-बेटी को जब अच्छे-अच्छे स्कूल में पढ़ा रहे होंगे,उनके पीछे इन्वेस्ट कर रहे होंगे तब ये क्या सोच के कर रहे होंगे ?? बिटिया की थीसिस जब ये अपने हाथों से लिख रहे होंगे तब क्या सोच रहे होंगे ये ? अपनी करोड़ों की संपत्ति भी जमा कर रहे होंगे तब ये क्या सोच के जमा कर रहे होंगे ? किनके लिए कर रहे होंगे ??

क्या आज की शिक्षा ये होती है ?? बस नौकरी और जॉब सम्मत ?? पैसा कमाओ और दबा के कमाओ लेकिन माँ-बाप के लिए पैसा नहीं, उन्हें लात मार के घर से बाहर निकाल दो ??
यहाँ और एक बात है.. इनका और एक बेटा था जो शादी नहीं किया था.. लेकिन खंडेलवाल जी का बहुत खयाल रखता था.. लेकिन वो दिवंगत हो गए।

वाया - ये बनारस है

04/11/2024

आप सभी छठ व्रतियों माता बहिन लोगन के लोक आस्था पवित्रता एवं सूर्य उपासना के महापर्व "छठ पूजा" के प्रथम दिन "नहाय-खाय" की हार्दिक मंगलकामनाएं एवं बहुत-बहुत बधाई प्रणाम!

जय छठी मईया 🚩🕉️🌺🙏🪔🌼

प्रयागराज - लोकतंत्र के चौथे स्पतंभ कहें जाने वालें पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा अधिकार न्याय एवं राष्ट्र...
28/10/2024

प्रयागराज - लोकतंत्र के चौथे स्पतंभ कहें जाने वालें पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा अधिकार न्याय एवं राष्ट्रीय मीडिया अधिकर आयोग का गठन हो अन्य 13 मांगों को लेकर भारतीय मीडिया फाउंडेशन प्रतिनिधि मंडल द्वारा 28 अक्टूबर को ज्ञापन सौंपा गया यह क्रम भारत के विभिन्न राज्य के जनपदों से अनवरत जारी है।

बजरंग पांडेय ने पेरिस इंटरनेशनल युथ ओलिंपिक में 100 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया। उत्तर प्रदेश क...
09/10/2024

बजरंग पांडेय ने पेरिस इंटरनेशनल युथ ओलिंपिक में 100 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के सिहपुर गाँव के रहने वाले बजरंग की इस उपलब्धि से पूरा देश गर्व महसूस कर रहा है। उनके गाँव में जश्न का माहौल है और बजरंग की कड़ी मेहनत और समर्पण ने पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।

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09/10/2024
|| तीसरा नवरात्र-मां चंद्रघंटा ||आज तीसरा नवरात्र है 'मां चंद्रघंटा' की पूजा- उपासना होगी। 🔸चंद्रघंटा मां का स्वरूप-: मा...
05/10/2024

|| तीसरा नवरात्र-मां चंद्रघंटा ||

आज तीसरा नवरात्र है 'मां चंद्रघंटा' की पूजा- उपासना होगी।

🔸चंद्रघंटा मां का स्वरूप-:

मां दुर्गाजी की तीसरी शक्ति का नाम चंद्रघंटा है। नवरात्रि उपासना में तीसरे दिन इन्हीं के विग्रह का पूजन-अर्चन किया जाता है। इनका यह स्वरुप परम शान्तिदायक और कल्याणकारी है। बाघ पर सवार मां चंद्रघंटा के शरीर का रंग स्वर्ण के समान चमकीला है। इनके मस्तक में घंटे के आकार का अर्धचंद्र विराजमान है, इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। दस भुजाओं वाली देवी के हर हाथ में अलग-अलग शस्त्र विभूषित है। इनके गले में सफेद फूलों की माला सुशोभित रहती हैं। इनकी मुद्रा युद्ध के लिए उद्धत रहने वाली होती है। इनके घंटे की तरह भयानक ध्वनि से अत्याचारी दानव, दैत्य और राक्षस सदैव प्रकम्पित रहते है। दुष्टों का दमन और विनाश करने में सदैव तत्पर रहने के बाद भी इनका स्वरुप दर्शक और आराधक के लिए अत्यंत सौम्यता और शांति से परिपूर्ण रहता है। अतः भक्तों के कष्टों का निवारण ये शीघ्र ही कर देती हैं। इनका वाहन सिंह है अतः इनका उपासक सिंह की तरह पराक्रमी और निर्भय हो जाता है।

इनके घंटे की ध्वनि सदा अपने भक्तों की शत्रु व प्रेत-बाधादि से रक्षा करती है। इनका ध्यान करते ही शरणागत की रक्षा के लिए इस घंटे की ध्वनि निनादित हो उठती है। इस दिन साधक का मन 'मणिपुर चक्र' में प्रविष्ट होता है और मां चंद्रघंटा की कृपा से उसे आलोकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं। मां चंद्रघंटा के भक्त और उपासक जहां भी जाते है लोग उन्हें देखकर शांति का अनुभव करते है। इनके साधक के शरीर से दिव्य प्रकाश युक्त परमाणुओं का अदृश्य विकिरण होता है। यह दिव्य क्रिया साधारण चक्षुओं से दिखाई नहीं देती, किंतु साधक व उसके संपर्क में आने वाले लोग इस बात का अनुभव करते हैं//

🔸पूजा का फल-:
इनकी आराधना से साधकों को चिरायु, आरोग्य, सुखी और संपन्न होने का वरदान प्राप्त होता है। मां चंद्रघंटा की कृपा से साधक के समस्त पाप और बाधाएं नष्ट हो जाती है। इनकी आराधना से प्राप्त होने वाला एक बहुत बड़ा सद्गुण यह भी है कि साधक में वीरता और निर्भयता के साथ ही सौम्यता एवं विनम्रता का भी विकास होता है। उसके मुख, नेत्र तथा सम्पूर्ण काया में कांति वृद्धि होती है एवं स्वर में दिव्य- अलौकिक माधुर्य का समावेश हो जाता है। क्रोधी, छोटी-छोटी बातों से विचलित हो जाने और तनाव लेने वाले तथा पित्त प्रकृति के लोगों को मां चंद्रघंटा की विशेष भक्ति करनी चाहिए//

🔸देवी की पूजा विधि एवं आराधना मंत्र-:
मां को शुद्ध जल और पंचामृत से स्नान कराएं। अलग-अलग तरह के फूल,अक्षत, कुमकुम, सिन्दूर,अर्पित करें। माता के भोग प्रसाद में मिश्री, केले का फल, दूध से बनी मिठाइयों या 'खीर का भोग' लगाएं। मां को सफेद कमल,लाल गुडहल और गुलाब इत्यादि की माला अर्पण करें और प्रार्थना करते हुए मंत्र जप करें-:

"या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमो नमः।"

जय माता दी
🕉️🌼🚩🔱🙏

01/10/2024

कृपया सोशल मीडिया की खबर से हमेशा सावधान रहें कॉपी पेस्ट से बचें श्री राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महाराज जी अभी पूर्ण स्वस्थ हैं।

तिरुपति प्रसाद विवाद की जांच के लिए 9 सदस्यीय SIT टीम का गठन किया गया है गठित SIT टीम का सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी के नेतृत्व...
27/09/2024

तिरुपति प्रसाद विवाद की जांच के लिए 9 सदस्यीय SIT टीम का गठन किया गया है गठित SIT टीम का सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी के नेतृत्व में मामले की जांच करेगी...

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