11/10/2025
वो स्टेशन पर खड़ी थी... और मैं वर्दी में जा रहा था सरहद की ओर।”
उसकी आँखों में आँसू थे... पर होंठों पर मुस्कान।”
“कहती है — जल्दी लौट आना, मैं इंतज़ार करूँगी…”
मैं मुस्कुराया, बोला — ‘देश पहले, फिर तू।’
और चल दिया, बिना पीछे देखे…”
दिन, महीने, साल बीत गए…
सरहद पर गोलियों की आवाज़ें थीं, पर उसके खामोश खत ज़्यादा चुभते थे।”
हर रात जब आसमान में चाँद निकलता,
मैं उसी चाँद से पूछता — ‘कहीं वो तुझे देखकर मुस्कुराती तो नहीं?’” 🌙
फिर एक दिन एक खबर आई...
दुश्मनों की गोली से मैं घायल था…”
“अस्पताल में आँखें बंद थीं, पर दिल अब भी उसी के नाम धड़क रहा था।”
जब होश आया तो पास कोई नहीं था,
बस उसकी वो पुरानी तस्वीर थी, जो अब भी मेरे सीने में थी।”
शायद किस्मत को हमारी मुलाकात मंज़ूर नहीं थी,
पर मोहब्बत तो फौजी की थी —
जो मरकर भी वफ़ा निभा गया…” ❤️
👉 “कुछ मोहब्बतें पूरी नहीं होतीं,
पर उनकी कहानी अमर हो जाती है।” 🇮🇳
❤️ 🇮🇳