10/06/2026
अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद में नया मोड़, पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह का सनसनीखेज दावा, बताया कैसे होता था खेल
अयोध्या राम मंदिर में आए चढ़ावे में कथित वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब राम मंदिर के पूर्व लेखा प्रभारी और राजस्थान के पूर्व बैंक अधिकारी महिपाल सिंह ने यूट्यूब चैनलों को दिए इंटरव्यू में दान राशि की चोरी को लेकर कई सनसनीखेज दावे किए हैं। जनवरी 2021 से अप्रैल 2022 तक मंदिर का लेखा-जोखा संभालने वाले महिपाल सिंह ने आरोप लगाया है कि सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद कुछ लोगों की मिलीभगत से दान के पैसों में बड़ा खेल हो रहा था।
महिपाल सिंह के मुताबिक, नोटों की गिनती के दौरान दो बैंक कर्मियों और ट्रस्ट के 14 कर्मचारियों द्वारा नोटों की छंटाई की जाती थी। गिनती के बाद जब 10-10 गड्डियों के बंडल बनाए जाते थे, तो वाउचर में 10 गड्डियां दिखाकर असल में 12 या 13 गड्डियां रख दी जाती थीं। इस हेराफेरी को सीसीटीवी की नजरों से छिपाकर अंजाम दिया जाता था। उन्होंने दावा किया कि एक बार संदेह होने पर बॉक्स खुलवाने पर 5 लाख रुपये अतिरिक्त मिले थे, जिसे रोज बाहर ले जाकर आपस में बांट लिया जाता था। उनका आरोप है कि जब उन्होंने इसकी शिकायत ट्रस्ट के पदाधिकारियों से की, तो दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय खुद उन्हें ही पद से हटा दिया गया और हटाने से पहले पिछले 7-8 महीनों के सीसीटीवी फुटेज भी डिलीट कर दिए गए।
इसके अलावा महिपाल सिंह ने श्रद्धालुओं द्वारा दान किए जाने वाले सोने-चांदी और अन्य धातुओं के प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दान-पात्रों से निकलने वाली इन कीमती सामग्रियों का कोई पुख्ता हिसाब-किताब या आंतरिक रसीद नहीं बनाई जाती थी, बल्कि सिर्फ फोटो खींचकर भेजने का निर्देश था। हालांकि, कार्यालय में सीधे जमा होने वाले दान की रसीद दी जाती थी। पूर्व लेखा प्रभारी ने कहा है कि यदि इस मामले की कोई जांच होती है तो वह पूरे सबूतों के साथ सहयोग करने को तैयार हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही संबंधित पक्षों की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान आया है।