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Ashok Kharat : क्या है उस 'खारे पानी' का राज जो दुष्कर्म से पहले औरतों को पिलाता था अशोक खरात.Ashok Kharat Case Updates:...
03/04/2026

Ashok Kharat : क्या है उस 'खारे पानी' का राज जो दुष्कर्म से पहले औरतों को पिलाता था अशोक खरात.

Ashok Kharat Case Updates: महिलाओं से दुष्कर्म के मामले में नासिक के ज्योतिषी अशोक खरात की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन पड़ताल जारी है और अभी कई अहम पहलुओं पर खुलासे हो सकते हैं।
जांच अधिकारी के मुताबिक, खरात के जब्त किए गए मोबाइल फोन की क्लोन कॉपी का एनालिसिस करना है। इसके लिए डिजिटल एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है। इस प्रॉसेस को खरात की मौजूदगी में ही पूरा किया जाएगा।

जांच में सहयोग नहीं कर रहा आरोपी खरात

सहायक सरकारी वकील शैलेंद्र बागाडे ने कोर्ट को बताया कि SIT कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच कर रही है, लेकिन आरोपी अशोक खरात इस जांच में पूरा सहयोग नहीं कर रहा है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि खरात ने अपने कई अहम संपर्कों के नंबर किसी और नाम या सरनेम से सेव किए हो सकते हैं। इसलिए उसकी मौजूदगी में ही मोबाइल डेटा की जांच करना बेहद जरूरी है।

पीड़िता का बयान: 'कड़वा पानी' पिलाने का आरोप

सरकारी वकील के अनुसार, जिस केस में खरात को गिरफ्तार किया गया, उसमें उसने पीड़िता को पीने के लिए "खारा और कड़वा पानी" दिया था। यह पानी पीने के बाद पीड़िता को चक्कर आने लगे, जिसके बाद आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। अब SIT इस बात की जांच कर रही है कि उस पानी में आखिर ऐसा क्या मिलाया गया था और उसका सोर्स क्या था।

रूपाली चाकणकर कनेक्शन: SIT ने क्या कहा

इस मामले में रूपाली चाकणकर का नाम भी सामने आया है। वह खरात के चैरिटेबल ट्रस्ट से ट्रस्टी के रूप में जुड़ी हुई थीं। इस केस को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस भी हो चुकी है।

संपत्ति की जांच: बेनामी संपत्ति का शक

जांच एजेंसियां खरात की चल और अचल संपत्तियों की भी जांच कर रही हैं। उन्हें शक है कि उसने कई संपत्तियां अपने नाम या अन्य लोगों के नाम पर हासिल की हो सकती हैं। इसी बीच ये भी पता चला है कि अशोक खरात महिलाओं का यौन शोषण करने के साथ ही कई बिजनेसमैन को भी ठग चुका है। यहां तक कि अशोक खरात का नाम 100 से ज्यादा बैंक खातों में बतौर नॉमिनी दर्ज है। इससे साफ है कि लोगों के वित्तीय मामलों में उसकी काफी दखलंदाजी होती थी। कहा तो ये भी जा रहा है कि अशोक खरात का एक बैंक खाता रूपाली चाकणकर की बहन के नाम पर भी है।

योगी आदित्यनाथ की सरकार में योग्यता की बेक़द्री से आहत होकर इस्तीफा देने को मजबूर हुए IAS रिंकू राही के बारे में पढ़िए।इ...
03/04/2026

योगी आदित्यनाथ की सरकार में योग्यता की बेक़द्री से आहत होकर इस्तीफा देने को मजबूर हुए IAS रिंकू राही के बारे में पढ़िए।
इस सिस्टम ने न जाने कितने लोगों के साथ हर जगह अन्याय किया है, कुछ विशेष को आगे बढ़ाने के चक्कर में पूरे देश को खोखला कर दिया गया है।
PCS पद पर रहते हुए रिंकू राही ने करोड़ो रुपये की छात्रवृत्ति घोटाले का पर्दाफाश किया था।

इससे नाराज माफियाओं ने रिंकू को 7 गोलियां मारी थी।

जिंदगी और मौत से जूझते हुए उनकी जिंदगी तो बच गई लेकिन एक आंख की रोशनी चली गई और एक कान काम नहीं करता है।

वहीं एक गोली अभी भी सिर में फंसी हुई है।

जिस ईमानदार और सुयोग्य अधिकारी को माफियाओं की गोलियाँ न हरा सकीं,

उसे इस सरकार के सड़े गले सिस्टम ने हरा दिया।

बंगाल में SIR अफसरों को बंधक बनाने को लेकर SC फटकार पर टूटी ममता की नींद, जानें क्या है रिएक्शन.West Bengal Elections 20...
03/04/2026

बंगाल में SIR अफसरों को बंधक बनाने को लेकर SC फटकार पर टूटी ममता की नींद, जानें क्या है रिएक्शन.

West Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में सियासी हलचल काफी तेज है. इस बीच राज्य के मालदा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहण पुनरीक्षण (SIR) करने गए अफसरों को बंधक बनाने की घटना पर देश की सर्वोच्च अदालत ने बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को जोरदार फटकार लगाई है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह घटना न सिर्फ न्यायिक अधिकारियों को डराने की एक कोशिश है, बल्कि इस अदालत के अधिकारों को भी चुनौती देती है.

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार (2 अप्रैल, 2026) को इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि उन्हें यह पता ही नहीं था कि मालदा जिले में सात न्यायिक अधिकारियों को रात भर बंधक बनाकर रखा गया था. उन्होंने इस बात की शिकायत की कि इस महीने राज्य में होने वाले चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने प्रशासन में शीर्ष स्तर के बदलाव लागू किए, इससे अब उन्हें ऐसा लग रहा है कि राज्य की प्रशासनिक मशीनरी उनके काबू में नहीं है.
सुप्रीम कोर्ट की फटकार पर ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार (2 अप्रैल, 2026) को मुर्शिदाबाद जिले के सागरदिग्घी में आयोजित चुनावी रैली को संबोधित करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी. बनर्जी ने कहा, 'मुझे नहीं पता इसके लिए कौन जिम्मेदार है. किसी ने मुझे इस बात की जानकारी नहीं दी. प्रशासन मेरे हाथ में नहीं है. राज्य में कानून-व्यवस्था को चुनाव आयोग कंट्रोल कर रहा है और वो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बात सुनता है.' उन्होंने कहा, 'सब कुछ बदल दिया गया है. मेरी शक्तियां चुनाव आयोग को दे दी गई है. यह सुपर राष्ट्रपति शासन जैसा है.'ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग राज्य में कानून व्यवस्था को संभालने में पूरी तरह से विफल रहा है और मेरी सारी शक्तियां छीन ली गई हैं. उन्होंने कहा कि मुझे (बंधक बनाए गए अफसरों के बारे में) आधी रात में एक पत्रकार से इस बात की जानकारी मिली. उन्होंने SIR एक्सरसाइज को लेकर असंतोष जताते हुए यह भी कहा कि वे समझती हैं कि लोग क्यों नाराज हैं.

मालदा में हुई घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

देश की सर्वोच्च अदालत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत ने कहा कि यह घटना सुप्रीम कोर्ट के अधिकारों को चुनौती देने की एक सोची-समझी और उकसावे वाली कोशिश है और इसकी जांच सीबीआई या एनआईए जैसी किसी केंद्रीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए.

उन्होंने कहा, 'यह घटना न सिर्फ न्यायिक अधिकारियों को डराने की कोशिश है, बल्कि इस कोर्ट के अधिकारों को भी चुनौती देती है. यह एक सोची-समझी और मोटिवेटेड कार्रवाई दिखाई पड़ती है, जिसका उद्देश्य न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराना और आपत्तियों के निपटारे को रोकना है.'

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