08/06/2026
अक्सर लोग पाचन की समस्या से परेशान रहते हैं और सोचते हैं कि कुछ बेहतरीन योग होता तो कितना अच्छा होता....?
यदि बार बार गैस, अफारा, कब्ज, भोजन न पचना, पेट भारी रहना या आंतों में कमजोरी महसूस होती हो, तो यह आयुर्वेदिक रसायन योग लाभकारी माना जाता है।
आंतों को मजबूत करने, पाचन सुधारने और “आम” दोष कम करने हेतु यह पारंपरिक आयुर्वेदिक योग बहुत ही उपयोगी है।
🌿🌿 आंतों की कमजोरी में सहायक विशेष योग
👉 बेलगिरी चूर्ण – 100 ग्राम
👉 छोटी हरड़ चूर्ण – 50 ग्राम
👉 सौंफ चूर्ण – 50 ग्राम
👉 जीरा चूर्ण – 50 ग्राम
👉 इसबगोल भूसी – 100 ग्राम
👉 मुलेठी चूर्ण – 25 ग्राम
👉 शतावरी चूर्ण – 50 ग्राम
👉सभी औषधियों को अच्छी तरह कूट पीसकर मिलाकर किसी सूखे साफ सुथरे पात्र में सुरक्षित रखें।
सेवन विधि
रात को सोते समय 1–2 छोटा चम्मच चूर्ण गुनगुने दूध या हल्के गुनगुने पानी के साथ सेवन करें।
यदि कब्ज अधिक रहती हो तो एक चम्मच देसी घी मिलाकर लें।
🌿 लाभ
✅ यह आंतों की सूजन व कमजोरी में सहायक है।
✅ कब्ज, गैस व अफारा कम करने में सहायक है।
✅ मल को सामान्य बनाने में पाचन अग्नि को संतुलित करने में सहायक है।
✅ आंतों की अंदरूनी परत को पोषण देता है।
✅ शरीर में शक्ति व स्थिरता बढ़ाने में सहायक है।
☑️सुबह खाली पेट 👉चम्मच घी + गुनगुना पानी लेना चाहिए।
☑️ जीरा + धनिया + सौंफ का हल्का काढ़ा दिन में 1–2 बार लिया जा सकता है।
इससे भी आंतों को बल मिलता है और पाचन सुव्यवस्थित होता है।
#पथ्य
मूंग की हल्की खिचड़ी,पुराना चावल,ताजा दही/छाछ (दिन में), पका केला, बेल का शरबत, हल्दी व थोड़ा घी भोजन में शामिल करें।
#अपथ्य
❌ बहुत तीखा, मैदा, कोल्ड ड्रिंक, बार-बार चाय और फास्ट फूड कम करें।
♦️ ध्यान रखें
स्वस्थ आंतें 👉 मजबूत पाचन 👉बेहतर स्वास्थ्य
स्पष्ट है कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए अच्छे पाचन का होना बहुत जरूरी है।
🛑 जनहित में जारी