02/09/2026
कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन खारिज होने पर जूली का भाजपा सरकार पर हमला
दो पुलिस वेरिफिकेशन दिखाकर बोले—एक व्यक्ति की दो-दो पुलिस वेरिफिकेशन कैसे, पूरे मामले की हो निष्पक्ष जांच*
जयपुर/अलवर। अलवर नगर निगम चुनाव के बीच वार्ड संख्या 58 से कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन खारिज होने के मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। जूली ने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन खारिज करने के लिए पुलिस वेरिफिकेशन में तथ्यों को लेकर गंभीर विरोधाभास सामने आया है।
प्रेस वार्ता में जूली ने नामांकन और पुलिस वेरिफिकेशन से जुड़े दस्तावेज मीडिया के सामने रखते हुए कहा कि एक ही व्यक्ति की दो अलग-अलग पुलिस वेरिफिकेशन कैसे जारी हो सकती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि पहली वेरिफिकेशन में जिस मुकदमे का उल्लेख किया गया, उसमें प्रत्याशी एसीजेएम कोर्ट से दोषमुक्त हो चुका है, जबकि बाद में जारी दूसरी वेरिफिकेशन में वह मुकदमा दर्ज ही नहीं है।
जूली ने कहा कि 29 तारीख की वेरिफिकेशन में भी प्रत्याशी को दोषमुक्त किए जाने का उल्लेख है, जबकि 2 तारीख को जारी दूसरी वेरिफिकेशन में केवल दुर्घटना से संबंधित मामले का उल्लेख किया गया है।उन्होंने आरोप लगाया कि नामांकन खारिज करने के लिए पुलिस वेरिफिकेशन का इस्तेमाल किया गया।
*रात में मिली नामांकन खारिज होने की जानकारी*
जूली ने कहा कि कांग्रेस को नामांकन खारिज होने की जानकारी रात करीब 9:30 बजे मिली। उनका कहना था कि यदि नामांकन खारिज किया जाना था तो प्रत्याशी को नियमानुसार नोटिस और जानकारी दी जानी चाहिए थी। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कहा कि कांग्रेस इस लड़ाई को अंत तक लड़ेगी।
उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर राजस्थान चुनाव आयोग से संपर्क किया गया है और न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया गया है। जूली ने कहा कि कांग्रेस का प्रयास पहले नामांकन को स्वीकार करवाना है और यदि ऐसा नहीं हुआ तो पार्टी आगे की कानूनी एवं राजनीतिक कार्रवाई करेगी।
*दो मंत्रियों के इशारे पर वेरिफिकेशन का आरोप*
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि दो मंत्रियों के इशारे पर जानबूझकर पुलिस वेरिफिकेशन में ऐसी स्थिति पैदा की गई, जिससे कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन प्रभावित हो। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में जो भी लोग शामिल हैं, उनके खिलाफ जांच और कार्रवाई होनी चाहिए।
जूली ने कहा कि वे इस मामले को पुलिस के उच्च अधिकारियों और निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने मांग की कि पुलिस वेरिफिकेशन तैयार करने की पूरी प्रक्रिया की जांच हो तथा जिम्मेदारी तय की जाए।
जूली ने कहा कि युवाओं को अब गंभीर मुद्दों पर जवाब चाहिए
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश का युवा अब जाति, धर्म और हिंदुस्तान-पाकिस्तान जैसे मुद्दों से आगे बढ़कर रोजगार, शिक्षा, विकास और अन्य गंभीर मुद्दों पर बात करना चाहता है। उन्होंने सरकार से युवाओं के वास्तविक सवालों पर जवाब देने की मांग की।
सरकार पर चुनाव टालने और आचार संहिता उल्लंघन के आरोप
जूली ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पहले नगर निकाय चुनाव टालने का प्रयास कर रही थी और अब चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी सत्ता का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर आचार संहिता के कथित उल्लंघन के मामलों का जिक्र करते हुए निर्वाचन आयोग से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने सरकार पर पिछले तीन वर्षों में भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं का आरोप लगाते हुए विज्ञापन खर्च, सफाई व्यवस्था और सफाई कर्मचारियों की भर्ती सहित विभिन्न मुद्दे उठाए। जूली ने कहा कि प्रदेश की जनता इन तमाम मुद्दों का जवाब नगर निकाय चुनाव में देगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की मजबूती के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी और नामांकन से जुड़े मामले में न्याय मिलने तक कानूनी लड़ाई जारी रखेगी।