UDAN

UDAN welcome to my page ,
hindi movie, Hollywood movie
short movie, entertainmen videos,
story post, motivational story, Love story,

अतीत के घाव, भविष्य की आस​एक समय की बात है, एक छोटे से शहर में एक लड़की रहती थी, जिसका नाम था आर्या। आर्या एक बहुत ही शा...
28/08/2025

अतीत के घाव, भविष्य की आस
​एक समय की बात है, एक छोटे से शहर में एक लड़की रहती थी, जिसका नाम था आर्या। आर्या एक बहुत ही शांत और संस्कारी लड़की थी, जिसे संगीत से बहुत प्यार था। उसकी आवाज़ में एक अजीब सा जादू था, जो भी सुनता, बस उसमें खो जाता। लेकिन उसकी ज़िंदगी में एक ऐसा तूफान आया, जिसने उसके दिल को गहरे घाव दिए।😭
​कॉलेज में उसकी मुलाकात राघव से हुई। राघव एक बहुत ही हंसमुख और जिंदादिल लड़का था। दोनों में दोस्ती हुई, फिर धीरे-धीरे प्यार हो गया। उनके प्यार की कहानी बहुत ही खूबसूरत थी। घंटों बातें करना, साथ में चाय पीना, और एक-दूसरे के साथ भविष्य के सपने बुनना, ये सब उनकी ज़िंदगी का हिस्सा बन गया था।❤️
​लेकिन कहते हैं ना, कुछ रिश्ते अधूरे ही अच्छे लगते हैं। राघव को पढ़ाई के लिए विदेश जाना पड़ा। पहले तो दोनों ने फैसला किया था कि वे एक-दूसरे से दूर रहकर भी अपने रिश्ते को निभाएंगे। लेकिन दूरी ने उनके रिश्ते में दरार डाल दी। धीरे-धीरे बातों का सिलसिला कम होता गया, और एक दिन तो यह पूरी तरह से टूट गया।😘
​राघव के जाने के बाद आर्या बहुत अकेली हो गई। उसका दिल पूरी तरह से टूट गया था। उसे ऐसा लगा कि उसके जीवन के सारे रंग फीके पड़ गए हैं। वो हर पल राघव को याद करती रहती थी। उसकी आँखों से आँसू रुकने का नाम नहीं लेते थे। लेकिन एक दिन उसकी माँ ने उसे समझाया, "आर्या, जीवन में हमेशा एक ही दरवाजा बंद नहीं होता, कई और दरवाजे खुल जाते हैं। तुम्हें बस अपनी हिम्मत को बनाए रखना है।"❤️
​माँ की बातें सुनकर आर्या को कुछ हिम्मत मिली। उसने अपने आप को संभाला और अपने संगीत के प्रति फिर से ध्यान लगाना शुरू कर दिया। उसने ठान लिया कि वह अपनी ज़िंदगी को पूरी तरह से बदल देगी। उसने एक संगीत स्कूल खोला और बच्चों को संगीत सिखाने लगी। उसकी ज़िंदगी में एक नया मोड़ आया। बच्चों की मासूमियत और संगीत की मिठास ने उसके जीवन को फिर से रंगीन बना दिया।
​एक दिन उसकी मुलाकात एक और लड़के से हुई, जिसका नाम था आदित्य। आदित्य एक बहुत ही अच्छा इंसान था, जो आर्या को उसके संगीत के लिए बहुत सम्मान देता था। धीरे-धीरे आदित्य और आर्या की दोस्ती हुई और फिर प्यार में बदल गई। आदित्य ने आर्या को फिर से ज़िंदगी जीने का सलीका सिखाया। उसने उसके घावों को भरने में मदद की और उसके दिल में फिर से प्यार का दीपक जलाया।👍 #
​आर्या को एहसास हुआ कि कुछ घाव कभी पूरी तरह से भरते नहीं हैं, लेकिन उन घावों को देखकर रोना नहीं चाहिए। उसने यह भी सीखा कि कुछ रिश्ते अधूरे रह जाते हैं, लेकिन उन रिश्तों के लिए हमें अपनी ज़िंदगी को बर्बाद नहीं करना चाहिए। जीवन में बहुत सारी चीज़ें हैं, जो हमारे लिए इंतजार कर रही हैं। # हमें बस अपनी हिम्मत को बनाए रखना है और आगे बढ़ते रहना है। #
​आर्या और आदित्य ने शादी कर ली और खुशी-खुशी रहने लगे। आर्या ने अपने संगीत स्कूल को और भी बड़ा बना दिया और हजारों बच्चों को संगीत सिखाया। उसने अपने जीवन में बहुत सारे सुख देखे, लेकिन उसने कभी भी अपने अतीत को नहीं भुलाया। उसने बस इतना सीखा कि अतीत को भूलने की जरूरत नहीं है, बल्कि उससे सीखकर आगे बढ़ना चाहिए। #
​अंत में, आर्या ने अपने दिल से कहा, #"जख्म इतने मिले फिर सिले ही नहीं, दीप ऐसे जले कि फिर जले ही नहीं, व्यर्थ किस्मत पर रोने से क्या फायदा, सोच लेना कि हम-तुम मिले ही नहीं। #🙏🙏👍👍
https://www.youtube.com/-jg9om 👍

रिया अपनी बालकनी में बैठी,  #सामने डूबते सूरज को देख रही थी। नारंगी और बैंगनी रंग की किरणें आसमान में एक खूबसूरत पेंटिंग...
25/08/2025

रिया अपनी बालकनी में बैठी, #सामने डूबते सूरज को देख रही थी। नारंगी और बैंगनी रंग की किरणें आसमान में एक खूबसूरत पेंटिंग बना रही थीं। पर रिया का मन कहीं और था। # उसे अचानक अपने बचपन का दोस्त, आकाश, याद आ गया। # #
​रिया और आकाश बचपन से दोस्त थे। #उनका रिश्ता बिल्कुल अनोखा था। वे कभी साथ हँसते, कभी लड़ते, और कभी बिना कुछ कहे घंटों एक-दूसरे के साथ बैठे रहते थे। जब रिया को कोई परेशानी होती, तो वह सबसे पहले आकाश को बताती। आकाश भी अपनी हर खुशी-गम रिया से बाँटता था। # #
​एक दिन, रिया ने उदास मन से आकाश को फोन किया और कहा, "आकाश, मुझे लगता है कि मैं अपनी जिंदगी में कुछ भी सही नहीं कर पा रही हूँ।" # #
​आकाश ने हँसते हुए जवाब दिया, #"पगली! कभी सुबह याद आती हो, कभी शाम याद आते हो, #और कभी इतना याद आते हो कि आईना हम देखते हैं और नज़र आप याद आते हो। तुम हमेशा मेरे साथ हो, चाहे तुम कुछ भी करो।" # #
​रिया ने उस दिन तो उसकी बात को मज़ाक में लिया, पर आज जब वह अकेली बैठी थी, तो उसे आकाश के शब्द याद आ गए। # आकाश कुछ साल पहले पढ़ाई के लिए शहर से बाहर चला गया था। धीरे-धीरे उनके बीच दूरी आ गई थी। # #
​रिया को लगा कि उसे आकाश को एक बार फोन करना चाहिए। उसने फोन उठाया और नंबर डायल किया। £घंटी बज रही थी, पर कोई जवाब नहीं दे रहा था। रिया निराश हो गई। # #
​अगले दिन सुबह, जब वह तैयार होने के लिए आईने के सामने खड़ी हुई, तो उसे अपनी आँखों में एक चमक दिखी। वह चमक बिल्कुल वैसी थी, जैसी आकाश की आँखों में होती थी। #रिया मुस्कुराई। उसे लगा जैसे आकाश उसके साथ ही है। उस पल, उसे एहसास हुआ कि सच्चा प्यार और दोस्ती कभी दूर नहीं होते। वे बस हमारे अंदर बस जाते हैं। # #
​शाम को रिया ने फिर से आकाश को फोन किया। इस बार फोन उठ गया। आकाश ने कहा, "रिया, मुझे पता था कि तुम फोन करोगी।"
​रिया हैरान होकर बोली, "कैसे?" # #
​आकाश हँसा और बोला, "कल रात मैं तुम्हारे बारे में सोच रहा था, और मैंने सोचा कि तुम्हें भी मेरी याद आ रही होगी।" # #
​रिया की आँखों में आँसू आ गए। #उसे लगा कि आईने में उसे खुद नहीं, बल्कि आकाश की याद दिख रही थी। वे दोनों घंटों बातें करते रहे, और इस बार उन्हें लगा कि दूरी का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि वे हमेशा एक-दूसरे के दिल में थे। # #
​आज भी जब रिया उदास होती है, तो वह आईने में खुद को देखती है, और उसे आकाश की याद आती है। @ #वह जानती है कि उसकी सच्ची परछाई उसकी अपनी नहीं, बल्कि उसकी और आकाश की दोस्ती की है, जो हमेशा उसके साथ रहेगी। # # अगर कहानी अच्छी लगी तो फॉलो ओर लाईक कमेंट जरूर करे 🙏🙏
https://www.youtube.com/-q4s
https://www.youtube.com/-jg9om
🙏🙏 ये आपके ही चैनल हैं 🙏🙏

आज की कहानी ,,,,,,माँ आकाश में एक पतंग उड़ा रही थीं।बेटा ध्यान से उन्हें देख रहा था।😀😀😀😀😀कुछ देर बाद बेटा बोला —"माँ, ये...
22/08/2025

आज की कहानी ,,,,,,
माँ आकाश में एक पतंग उड़ा रही थीं।
बेटा ध्यान से उन्हें देख रहा था।
😀😀😀😀😀
कुछ देर बाद बेटा बोला —
"माँ, ये डोरी ही तो है जो पतंग को और ऊपर नहीं जाने दे रही।"
😗😗😗😗😗
माँ मुस्कुराईं और बिना कुछ कहे डोरी तोड़ दी।
पतंग थोड़ी देर तक और ऊपर गई...
लेकिन फिर एकाएक लड़खड़ाकर ज़मीन पर गिर पड़ी।

बेटा बहुत दुखी हो गया।

माँ उसके पास बैठीं और प्यार से समझाने लगीं:
"बेटा, ज़िंदगी में हम भी एक मुकाम तक पहुँचते हैं और फिर हमें लगता है कि कुछ चीज़ें हमें और आगे बढ़ने से रोक रही हैं — जैसे हमारा घर, परिवार, रिश्ते, परंपराएं, संस्कार।

हमें लगता है कि इन डोरियों से आज़ाद हो जाएं तो हम और ऊँचाई तक पहुँच सकते हैं।
लेकिन याद रखना — यही डोरियाँ हमें ऊँचाइयों पर टिके रहने का सहारा देती हैं।
अगर हम इन डोरियों को तोड़ दें तो हमारी हालत भी उसी पतंग जैसी होगी — जो ऊपर तो गई, लेकिन टिक नहीं पाई और नीचे गिर पड़ी।"

"ज़िंदगी में चाहे जितनी भी ऊँचाई पा लें,
अपने घर, परिवार, रिश्तों, संस्कृति और मूल्यों से कभी न कटें।
यही हैं वो डोरियाँ जो हमें मजबूती और स्थिरता देती हैं।
वरना उड़ तो बहुत ऊँचा सकते हैं — पर गिरने में देर नहीं लगेगी..."😗😗 अगर कहानी अच्छी लगी हो तो 👍👍👍👍👎👎👎

मैं एक गरीब परिवार से हूँ और मेरा परिवार बहुत बड़ा है। माँ-पापा, भाई के अलावा, मेरे चाचा-चाची और चचेरे भाई -बहन भी रहते ह...
21/08/2025

मैं एक गरीब परिवार से हूँ और मेरा परिवार बहुत बड़ा है। माँ-पापा, भाई के अलावा, मेरे चाचा-चाची और चचेरे भाई -बहन भी रहते हैं, लेकिन हम एक घर में रहने के बावज़ूद भी एक दूसरे से बहुत दूर हैं। चाचा और पापा में कुछ बात को लेकर नाराज़गी है। मैं जब छोटी थी, तब मैं बहुत खुश रहती थी कि मेरा परिवार औरों के परिवार जैसा नहीं है, सब मिल कर रहते है, लेकिन ऐसा ज्यादा दिन तक नहीं हो पाया।

मेरे चचेरे भाई-बहन से मेरी अच्छी बनती है लेकिन फिर भी वे मुझे अलग मानते थे। मैं उनके साथ रहती, लेकिन मुझे उनसे अपनापन नहीं मिलता था। वे लोग मुझसे बड़े थे। वे पढ़ाई में मुझसे ज़्यादा ज्ञान रखते थे। मैं स्कूल में थी और वे कॉलेज में। मैं पढ़ाई में कमजोर हूँ, ऐसा वे बोलते थे, जिस वज़ह से मुझे भी ऐसा लगने लगा कि वाकई में, मैं कमज़ोर हूँ। लेकिन मेरे माँ-पापा बोलते थे की तुम औरों की बातों पर ध्यान मत दो,अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो।

मैं अपने माँ-पापा के बात से सहमत हो कर,उनके बातों पर ध्यान नहीं देती। मैं बस अपने पढ़ाई पर ध्यान देती थी,लेकिन इसके बावजूद भी मुझे अच्छे अंक नहीं आते थे। फिर किसी तरह से मैंने अपना स्कूल पूरा किया और कॉलेज में आई, तब मुझे एक बहुत ही अच्छे इंसान मिले, जो मेरी कमज़ोरी को समझने लगे। उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि मेरे साथ यह सोच बचपन से चली आ रही है। मुझे लोगों से सही मार्गदर्शन नहीं मिला है। लोग मेरे आत्मविश्वास को कम करते रहे हैं। उनके साथ मेरी दोस्ती और गहरी हो गयी। वे मुझे हर वो चीज़ के लिए प्रोत्साहित करते थे जो मुझे लगता की मैं कभी भी नहीं कर सकती।

यह सोच मेरे ख़ुद का बनाया हुआ था कि मैं कुछ भी नहीं कर सकती। मेरे जीवन में उनके दोस्त बन कर आने से मेरा पूरा जीवन बदल गया। अब मैं वो हर काम करने लगी, जिससे मैं डरती थी। अपने कॉलेज के आख़िरी दिनों की परीक्षा की तैयारी करने लगी, जिसमें उन्होंने मेरा बहुत साथ दिया। मैं परीक्षा दी और मैं अपने प्रयास से बहुत ख़ुश थी, लेकिन रिजल्ट में फिर वही हुआ कि मैं द्वितीय श्रेणी में आयी। मैं फिर से निराश हो कर बैठ गई और सोचने लगी कि मैं कभी अच्छा रिजल्ट नहीं ला सकती,अपने चचेरे भाई -बहनों की तरह।

मैंने अपनी पढ़ाई रोकने की सोच ली। लेकिन मेरे दोस्त ने हिम्मत नहीं हारी और मुझे आगे पढ़ने की सलाह दी। उन्होंने मेरा नामांकन ख़ुद से विश्वविद्यालय में करवा दिया। मुझे ख़ुद पढ़ाने लगे जब कि उनकी नौकरी लग गयी थी और उन्हें ज़रा भी समय नहीं मिलता था कि वो मुझे पढ़ा पाएँ, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। समय ना मिलने के कारण वो मुझे फ़ोन पर पढ़ाने लगे। इसी दौरान परीक्षा का समय आ गया और मैंने परीक्षा दिया। इस परीक्षा से मैंने कोई उम्मीद नहीं लगाई थी, मैं तो जान रही थी कि मैं कुछ भी कर लूँ, मैं अच्छा रिजल्ट नहीं ला सकती। लेकिन मेरे दोस्त का यही कहना था कि तुम फर्स्ट करोगी।

ऐसे ही दिन बीतते चले गए और रिजल्ट का दिन आया। मेरी यूनिवर्सिटी की सारी दोस्त रिजल्ट देखने के लिए उत्साहित थी,लेकिन मैं बिल्कुल उत्साहित नहीं थी। तभी यह पता चला कि रिजल्ट नोटिस बोर्ड पर लग गया है। मेरी सारी दोस्त बोर्ड की तरफ़ दौड़ पड़ी। मैं बैठी हुई रही क्योंकि मुझे पता था कि क्या होने वाला है। फ़िर मैंने सोचा चलो जो भी है रिजल्ट देख लेती हूँ। मैं बोर्ड के तरफ़ गयी और अपना नाम ,रोल नंबर ढूंढ, देखा की मैं पास हूँ, लेकिन तभी मेरी नज़र मेरे नाम के ऊपर पड़ी जिसे हाईलाइट किया गया था।

मुझे कुछ समझ नहीं आया। तभी मेरे पास से, मेरे क्लास के टीचर गुज़र रहे थे, मैंने उन्हें रोक कर पूछा कि मेरा नाम हाईलाइट क्यों किया गया है। मेरे टीचर ने मेरे रिजल्ट को देखते हुए कहा, इसलिए है क्योंकि तुम 4 th topper हो। उस बात को सुन कर मैं कुछ देर तक समझ नहीं पाई की सर ने बोला क्या है। मुझे लगा मुझे सुनने में ग़लती हुई है। मैं वहाँ से गुज़रने वाले सभी लोगों को रोक -रोक कर मेरा रिजल्ट देखने को कह रही थी। सब ने मुझे वही कहा, जो मेरे टीचर ने बोला। उस वक्त मेरी ख़ुशी की कोई हद नहीं थी। मैं अंदर से बहुत ख़ुश थी, लेकिन मेरे आँखों में आँसू आ रहे थे। जिसके लिए मैं कितने दिनों से मेहनत कर रही थी और मेहनत करते-करते हार भी मान चुकी थी, वो मुझे अब जा कर मिला।

मैंने सब से पहले अपने माँ -पापा को फ़ोन किया और अपने रिजल्ट के बारे में बताया। ये सुनकर उन्होंने मुझे इतना ही कहा कि मैंने बोला था ना की तुम सब कर सकती हो, तुम तो मुझ से भी ज़्यादा जानकारी रखती हो। ख़ामख़ा में डरती थी। इस रिजल्ट के बाद मुझ में हिम्मत आ गयी कि मैं भी कुछ कर सकती हूँ। दिन बीतता गया और मैं बहुत आत्मनिर्भर हो गई और आज मैं लोगों के बीच में अपनी बात रख सकती हूँ।

ज़रूर, यहाँ एक छोटी प्रेम कहानी है:❤️❤️"नेहा और राहुल पहली बार एक पुरानी किताबों की दुकान पर मिले थे। नेहा, एक बहुत ही श...
20/08/2025

ज़रूर, यहाँ एक छोटी प्रेम कहानी है:❤️❤️
"नेहा और राहुल पहली बार एक पुरानी किताबों की दुकान पर मिले थे। नेहा, एक बहुत ही शांत और गंभीर लड़की थी, जो हमेशा अपनी पढ़ाई में डूबी रहती थी। वहीं, राहुल, एक चुलबुला और ज़िंदादिल लड़का था, जो छोटी-छोटी बातों में खुशियाँ ढूँढता था।

राहुल ने नेहा को पहली बार 'द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स' किताब खोजते हुए देखा। नेहा को वह किताब नहीं मिल रही थी, और वह थोड़ी परेशान थी। राहुल ने धीरे से उसके पास आकर कहा, "क्या आप इस किताब को ढूंढ रही हैं? यह शायद आख़िरी शेल्फ़ में होगी।" नेहा ने उसे देखा और मुस्कुराते हुए कहा, "हाँ, मैं यही ढूँढ रही थी। धन्यवाद।"

यह उनकी पहली मुलाकात थी। इसके बाद वे रोज़ मिलने लगे। वे घंटों तक साहित्य, संगीत और जीवन की छोटी-बड़ी चीज़ों के बारे में बातें करते थे। नेहा, राहुल की बातों से धीरे-धीरे खुलती गई, और राहुल, नेहा की गहराई और शांति से प्रभावित हुआ।

एक दिन राहुल ने नेहा को एक पुराने, शांत कैफ़े में ले जाकर कहा, "नेहा, मुझे लगता है कि मैंने उस दिन सिर्फ़ एक किताब ही नहीं, बल्कि अपनी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत कहानी ढूंढ ली है।" नेहा की आँखों में आँसू आ गए। वह जानती थी कि उसे राहुल में वह प्यार मिला है जो वह हमेशा से चाहती थी।

उनकी प्रेम कहानी एक ऐसी कहानी थी जिसमें दो अलग-अलग लोग एक-दूसरे को पूरा करते थे। एक शांत नदी की तरह, जिसमें एक चुलबुला झरना आकर मिल गया हो।"

Facebook @ #&()))))(((()))
05/12/2024

Facebook @ #&()))))(((()))

Address

Alwar City
301024

Telephone

+919149572307

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when UDAN posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to UDAN:

Share