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मानसून से पहले मेयर अक्षिता सैनी मैदान में, ड्रेनों-नालों की सफाई व्यवस्था का लिया जायजाजगाधरी गेट, प्रेम नगर और इन्को ड...
30/05/2026

मानसून से पहले मेयर अक्षिता सैनी मैदान में, ड्रेनों-नालों की सफाई व्यवस्था का लिया जायजा

जगाधरी गेट, प्रेम नगर और इन्को ड्रेन का निरीक्षण कर मेयर ने दिए सख्त निर्देश

अम्बाला-
आगामी मानसून सीजन को देखते हुए अम्बाला शहर की मेयर अक्षिता सैनी ने शनिवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर ड्रेनों एवं नालों की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जगाधरी गेट, प्रेम नगर क्षेत्र तथा इन्को ड्रेन सहित कई स्थानों पर पहुंचकर सफाई कार्यों का जायजा लिया और नगर निगम अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मेयर अक्षिता सैनी ने कहा कि बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से नागरिकों को राहत दिलाने के लिए ड्रेनों और नालों की समयबद्ध एवं प्रभावी सफाई सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उन स्थानों की भी समीक्षा की जहां बरसाती पानी की निकासी में किसी प्रकार की बाधा या समस्या सामने आ रही थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऐसे सभी बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मेयर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मानसून शुरू होने से पहले सभी ड्रेनों, नालों एवं जल निकासी तंत्र की सफाई का कार्य पूर्ण कर लिया जाए, ताकि शहरवासियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि नगर निगम को जल निकासी से संबंधित सभी व्यवस्थाएं पहले से ही दुरुस्त रखनी होंगी।
उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि मानसून सीजन के मद्देनजर डीजल पंप, वाटर पंप एवं अन्य आवश्यक मशीनरी और संसाधनों को पूरी तरह कार्यशील स्थिति में रखा जाए, ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
मेयर अक्षिता सैनी ने आमजन से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि प्लास्टिक, पॉलीथीन एवं अन्य कचरे को नालों और ड्रेनों में न फेंकें। उन्होंने कहा कि पॉलीथीन और कचरे के कारण नाले अवरुद्ध हो जाते हैं, जिससे बरसाती पानी की निकासी प्रभावित होती है और जलभराव जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ और जलभराव मुक्त बनाए रखना केवल नगर निगम ही नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान नगर निगम के राज कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

नगर निगम में चुनाव में उतरे प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह किये आबंटितअम्बाला, 28 अप्रैल।नगर निगम चुनाव के दृष्टिगत मंगलवार...
28/04/2026

नगर निगम में चुनाव में उतरे प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह किये आबंटित

अम्बाला, 28 अप्रैल।

नगर निगम चुनाव के दृष्टिगत मंगलवार रिटर्निंग अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त विराट ने नगर निगम चुनाव में मेयर व पार्षदों के पदों पर नामांकन दाखिल करने वाले प्रत्याशियों को चुनाव आयोग की हिदायतों व निर्धारित मापदंडों की पालना करते हुए चुनाव चिन्ह आबंटित करने का काम किया। चुनाव आबंटित प्रक्रिया के दौरान सामान्य पर्यवेक्षक एवं अम्बाला मंडलायुक्त संजीव वर्मा व सीईओ जिला परिषद गगनदीप भी मौजूद रहे। चुनाव आंबटित प्रक्रिया के दौरान प्रत्याशी स्वयं व उनके प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। तमाम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाई गई।

रिटर्निंग अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त विराट ने बताया कि नगर निगम चुनाव के मद्देनजर मेयर पद के लिए तीन उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं जिनमें भारतीय जनता पार्टी से अक्षिता सैनी को कमल का फूल चुनाव चिन्ह, इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी से कुलविन्द्र कौर हाथ का चुनाव चिन्ह तथा आजाद उम्मीदवार के तौर पर सोनिया रानी को सीटी चुनाव चिन्ह आबंटित किया गया।

रिटर्निंग अधिकारी ने बताया कि वार्ड नम्बर 1 से पार्षद पद के लिए आजाद उम्मीदवार गुरमेल राम को ऑटो रिक्शा का चुनाव चिन्ह, आजाद उम्मीदवार रणजीत कुमार को साईकिल का चुनाव चिन्ह, इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी से सतविन्द्र कौर को हाथ का चुनाव चिन्ह, भारतीय जनता पार्टी से विशाल चौधरी को कमल का फूल आबंटित किया गया है।

इसी प्रकार वार्ड नम्बर 2 से इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी से राजविन्द्र कौर को हाथ का चुनाव चिन्ह, आजाद उम्मीदवार संध्या को कप प्लेट का चुनाव चिन्ह तथा भारतीय जनता पार्टी से वरखा रानी को कमल का फूल का चुनाव चिन्ह आबंटित किया गया।

इसी प्रकार वार्ड नम्बर 3 से आजाद उम्मीदवार अमनदीप को शंख का चुनाव चिन्ह, भारतीय जनता पार्टी से मनीष आनंद को कमल का फूल चुनाव चिन्ह, इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी से प्रिंयका को हाथ का चुनाव चिन्ह, आजाद उम्मीदवार साहिल को धनुष का चुनाव चिन्ह व आजाद उम्मीदवार विजय कुमार को गैस सिलैण्डर का चुनाव चिन्ह आबंटित किया गया है।

इसी प्रकार वार्ड नम्बर 4 से इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी से अशोक सोनी को हाथ का चुनाव चिन्ह, आम आदमी पार्टी से सुखविन्द्र सिंह को झाडू का चुनाव चिन्ह तथा भारतीय जनता पार्टी से वरिन्द्र नाथ को कमल का फूल चुनाव चिन्ह आबंटित किया गया है।

इसी प्रकार वार्ड नम्बर 5 से भारतीय जनता पार्टी से राजेश मेहता को कमल का फूल चुनाव चिन्ह, आजाद उम्मीदवार रविन्द्र कुमार को शंख का चुनाव चिन्ह आबंटित किया गया।

वार्ड नम्बर 6 से भारतीय जनता पार्टी से अर्चना छिब्बर को कमल को फूल, इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी से दिशा सहगल को हाथ का निशान व आम आदमी पार्टी से ज्योति को झाडू का चुनाव चिन्ह आबंटित किया गया।

वार्ड नम्बर 7 से भारतीय जनता पार्टी से मोनिका मल को कमल का फूल, आजाद उम्मीदवार शेन को तराजू का चुनाव चिन्ह तथा इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी से विक्रमजीत को हाथ का निशान चुनाव चिन्ह आबंटित किया गया है।

इसी प्रकार वार्ड नम्बर 8 से इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी से गुनजीत कौर को हाथ का निशान तथा भारतीय जनता पार्टी से मीना ढींगरा को कमल का फूल चुनाव चिन्ह आंबटित किया गया है।

इसी प्रकार वार्ड नम्बर 9 से आजाद उम्मीदवार दीपांशी को केतली का चुनाव चिन्ह, आजाद उम्मीदवार कंवलजीत कौर को उगता सूरज का चुनाव चिन्ह, इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी से मेघा गोयल को हाथ का निशान तथा भारतीय जनता पार्टी से शिवानी सूद को कमल का फूल चुनाव चिन्ह आबंटित किया गया है।

इसी प्रकार वार्ड नम्बर 10 से भारतीय जनता पार्टी से गुरविन्द्र सिंह को कमल का फूल, आम आदमी पार्टी से कमलप्रीत सिंह को झाडू का निशान, आजाद उम्मीदवार प्रवीन को केतली का चुनाव चिन्ह तथा इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी से राजिन्द्र कौर को हाथ का निशान चुनाव चिन्ह आबंटित किया गया है।

इसी प्रकार वार्ड नम्बर 11 से इंडियन नेशनल कांग्रेस से अनुराधा को हाथ का चुनाव चिन्ह तथा भारतीय जनता पार्टी से कविता रानी को कमल का फूल चुनाव चिन्ह आबंटित किया गया है।

इसी प्रकार वार्ड नम्बर 12 से भारतीय जनता पार्टी से कमलकांत गुप्ता को कमल का फूल तथा इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी से मिथुन वर्मा को हाथ का चुनाव चिन्ह आंबटित किया गया है।

इसी प्रकार वार्ड नम्बर 13 से आम आदमी पार्टी से अंशिका यादव को झाडू का चुनाव चिन्ह, इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी से प्रदीप कुमार का हाथ का निशान, आजाद उम्मीदवार शबनम को बाल्टी का चुनाव चिन्ह तथा भारतीय जनता पार्टी से शोभा सिंह को कमल का फूल चुनाव चिन्ह आबंटित किया गया है।

इसी प्रकार वार्ड नम्बर 14 से भारतीय जनता पार्टी से बीनू गर्ग को कमल का फूल तथा इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी से पूनम देवी को हाथ का चुनाव चिन्ह आबंटित किया गया है।

इसी प्रकार वार्ड नम्बर 15 से इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी से भूपिन्द्र सिंह उर्फ विक्की राणा को हाथ का चुनाव चिन्ह, आजाद उम्मीदवार कृष्ण कुमार को साईकिल का चुनाव चिन्ह, आजाद उम्मीदवार मनोज कुमार को कप प्लेट का चुनाव चिन्ह तथा भारतीय जनता पार्टी से राज कुमार गुप्ता को कमल का फूल चुनाव चिन्ह आबंटित किया गया है।

इसी प्रकार वार्ड नम्बर 16 से आम आदमी पार्टी से हरनेक सिंह को झाडू का चुनाव चिन्ह, भारतीय जनता पार्टी से निकुंज को कमल का फूल तथा इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी से रविन्द्र कुमार को हाथ का चुनाव चिन्ह आबंटित किया गया है।

इसी प्रकार वार्ड नम्बर 17 से भारतीय जनता पार्टी से गुरप्रीत सिंह साहनी को कमल का फूल, आम आदमी पार्टी से जतिन कुमार को झाडू का चुनाव चिन्ह तथा इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी से प्रवीन को को हाथ का चुनाव चिन्ह आबंटित किया गया है।

इसी प्रकार वार्ड नम्बर 18 से आजाद उम्मीदवार असीम अग्रवाल को धनुष का चुनाव चिन्ह, आजाद उम्मीदवार दलजीत सिंह भाटिया साईकिल का चुनाव चिन्ह, इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी से हरमिन्द्र सिंह को हाथ का चुनाव चिन्ह, भारतीय जनता पार्टी से हितेष जैन को कमल का फूल, आम आदमी पार्टी से मनजीत राय को झाडू का चुनाव चिन्ह तथा आजाद उम्मीदवार प्रेम भाटिया को उगता सूरज का चुनाव चिन्ह आबंटित किया गया है।

इसी प्रकार वार्ड नम्बर 19 से भारतीय जनता पार्टी से दिनेश सूद को कमल का फूल, इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी से पुनीत को हाथ का चुनाव चिन्ह, आजाद उम्मीदवार रविन्द्र कुमार को केतली का चुनाव चिन्ह तथा आजाद उम्मीदवार सुमन लता को गैस सिलैण्डर का चुनाव चिन्ह आबंटित किया गया।

इसी प्रकार वार्ड नम्बर 20 से इंडियन नेशनल कांग्रेंस पार्टी से मनजीत देवी को हाथ का चुनाव चिन्ह तथा भारतीय जनता पार्टी से सपना को कमल का फूल चुनाव चिन्ह आबंटित किया गया है।

बॉक्स:- रिटर्निंग अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त विराट ने बताया कि मंगलवार को नगर निगम चुनाव के दृष्टिगत मेयर पद के लिए चित्रा सैनी ने अपना नामांकन पत्र वापिस लिया है वहीं पार्षद पद के लिए 21 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र भी वापिस लिए हैं। जिनमें वार्ड नम्बर 1 से इकबाल सिंह व मीनाक्षी राणा शामिल हैं।
इसी प्रकार वार्ड नम्बर 2 से अमन कौर, वार्ड नम्बर 3 से विकास शर्मा व इंद्रमोहन, वार्ड नम्बर 4 से गुरविन्द्र सिंह, वार्ड नम्बर 5 से अमनप्रीत सिंह उप्पल व सजनी मेहता, वार्ड नम्बर 11 से मीना सैनी, वार्ड नम्बर 12 से पूजा रानी, वार्ड नम्बर 13 से मंगल सिंह व रूपिन्द्र सिंह, वार्ड नम्बर 16 से आयुष ग्रोवर व हरबीर सिंह तथा मुकुल सचदेवा, वार्ड नम्बर 17 से अमनदीप कौर, वार्ड नम्बर 18 से ललित कुमार व सुरिन्द्र कौर, वार्ड नम्बर 19 से प्रिती सूद व सचिन पूनिया तथा संदीप कौर शामिल हैं।

अंबाला नगर निगम के वार्ड 5 से पार्षद पद के कांग्रेस प्रत्याशी अमनप्रीत सिंह उप्पल ने अपने साथियों सहित भारतीय जनता पार्ट...
28/04/2026

अंबाला नगर निगम के वार्ड 5 से पार्षद पद के कांग्रेस प्रत्याशी अमनप्रीत सिंह उप्पल ने अपने साथियों सहित भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा। पूर्व मंत्री असीम गोयल ने पटका पहनाकर उनका स्वागत किया



राघव चड्ढा का AAP से इस्तीफा, बोले- दो तिहाई सासंदों के साथ BJP में करेंगे विलयराज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक प्रेस कॉन...
24/04/2026

राघव चड्ढा का AAP से इस्तीफा, बोले- दो तिहाई सासंदों के साथ BJP में करेंगे विलय

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करके आम आदमी पार्टी (AAP) से अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है. राघव ने भारी मन से कहा कि आम आदमी पार्टी अपने उन आदर्शों और बुनियादी मूल्यों से पूरी तरह भटक गई है, जिनके लिए इसे बनाया गया था. उन्होंने अपनी स्थिति तय करते हुए कहा, "मैं आम आदमी पार्टी से दूर जा रहा हूं और जनता की ओर बढ़ रहा हूं."

नारी शक्ति को अपनी आवाज बुलंद करने का अभी करना होगा इंतजार:-कटारिया-भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अंबाला लोकसभा क्षेत्र से ...
20/04/2026

नारी शक्ति को अपनी आवाज बुलंद करने का अभी करना होगा इंतजार:-कटारिया
-भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अंबाला लोकसभा क्षेत्र से पार्टी की उम्मीदवार रही बंतो कटारिया ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित नहीं होने देने के लिए विपक्ष को ठहराया जिम्मेदार

देश की आधी आबादी को अपनी आवाज बुलंद करने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि इस बार भी केंद्र सरकार द्वारा सदन में रखा गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम विपक्ष द्वारा विरोध करने के कारण पारित नहीं हो सका। नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानूनी प्रस्ताव ही नहीं था। बल्कि यह देश की उन करोड़ों बेटियों की आशा था जो लोकतंत्र में अपनी भागीदारी को और सशक्त होते देखना चाहती हैं। उक्त शब्द भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं लोकसभा अंबाला क्षेत्र के पार्टी की प्रत्याशी रही बंतो कटारिया ने कहे।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम उन माताओं का विश्वास था। जिन्होंने हमेशा समाज और परिवार को दिशा दी। लेकिन निर्णय लेने की सर्वोच्च संस्थाओं में उनकी भागीदारी अब भी सीमित रही। यह उन युवा छात्राओं का सपना था। जो राजनीति को केवल देखने नहीं। बल्कि उसे दिशा देने का साहस रखती हैं। यह उन लाखों महिलाओं की आकांक्षा का प्रतीक था जो पंचायतों और स्थानीय निकायों में नेतृत्व कर चुकी हैं और अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी भागीदारी का विस्तार चाहती हैं। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया ने कहा कि इस बार के संसद सत्र में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पास करवाने का भरसक प्रयत्न किया। मगर कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के विरोध करने के कारण महिलाओं के प्रतिनिधित्व को मजबूत करने का यह ऐतिहासिक अवसर आगे नहीं बढ़ सका। कांग्रेस व विपक्षी दलों के विरोध करने से देश की करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों को प्रतीक्षा में छोड़ दिया है। भाजपा नेत्री बंतो कटारिया ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का पारित नहीं होना केवल एक प्रक्रिया का रुकना नहीं है। बल्कि ृयह एक भावनात्मक अपेक्षा का ठहर जाना है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम यदि पारित हो जाता तो इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बन सकता था। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी केवल अधिकार नहीं मांग रही हैए बल्कि राष्ट्र निर्माण में अपनी समान और प्रभावी भागीदारी का अवसर चाहती है। यह मांग किसी विशेष वर्ग की नहीं है। बल्कि भारत के लोकतांत्रिक संतुलन की मांग है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम का विरोध करना कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष को भुगतना पड़ेगा।

आज दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में भाजपा प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में आगामी निकाय चुनाव को लेकर कार्य योजनाओं, संगठनात्मक...
19/04/2026

आज दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में भाजपा प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में आगामी निकाय चुनाव को लेकर कार्य योजनाओं, संगठनात्मक मजबूती, चुनावी रणनीति तथा उम्मीदवार चयन प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

19/04/2026

मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "इस बार मैं दावे से कहता हूं कि इस बार बंगाल में भाजपा की सरकार बनना पक्का है। कई जिले ऐसे होंगे जहां से TMC का एक भी विधायक नहीं आएगा।"

"TMC बहनों-बेटियों के आरक्षण को रोक रही है जबकि अपने वोटबैंक को धर्म के आधार पर आरक्षण देने लगी है। वोटबैंक के लिए धर्म के आधार पर आरक्षण देने का खेल चल रहा है। OBC का आरक्षण छीनना और मुस्लिम समाज को देने में जुटी है, जो संविधान, न्यायालय के हिसाब से गलत है। इसलिए मैं सभी बहन-बेटियों से कहूंगा कि इस बार TMC को बड़ी सज़ा मिलनी चाहिए।"

"TMC सिर्फ अपने वोटबैंक की सगी है, घुसपैठियों की सगी है, और किसी ने इन्हें कोई लेना-देना नहीं है... अपने वोटबैंक को खुश करने के लिए ये कुछ भी कर सकते हैं। बीतें दिनों देश की संसद में TMC का महिला विरोधी चेहरा भी नज़र आया है... TMC ने महिलाओं को आरक्षण देने वाले कानून को पारित नहीं होने दिया, TMC को लगता है अगर यह कानून लागू हो गया तो हमारी बंगाल की बेटियां इनके अत्याचारों का हिसाब मांगेगी..."

"पश्चिम बंगाल को प्रकृति ने इतनी सारी नदियां दी हैं, इतना बड़ा समुद्री तट दिया है, अभी इस संपदा पर TMC के सिंडीकेट का ही कब्जा है। डबल इंजन सरकार बंगाल में ब्लू रिवॉल्यूशन का विस्तार करेगी।"

19/04/2026

*विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों के रास्ते में रोड़े अटकाने का काम किया : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*

*कहा ,कांग्रेस ने महिला आरक्षण के नाम पर केवल दिखावा किया*

*रोहतक में प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम ने कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों को बताया महिलाओं की विरोधी*

चंडीगढ़ , 19 अप्रैल - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हाल ही में संसद में विपक्ष ने "नारी शक्ति वंदन अधिनियम" बिल को पास नहीं होने दिया और ऐसा करके सभी विपक्षी पार्टियों ने महिलाओं के अधिकारों के रास्ते में रोड़े अटकाने का काम किया है। अभी तक कांग्रेस ने महिलाओं को आरक्षण दिलाने के नाम पर केवल दिखावा किया है।
मुख्यमंत्री रविवार को रोहतक में प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर पश्चिम दिल्ली से सांसद कमलजीत सहरावत , भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री मोहन लाल कौशिक समेत अन्य गणमान्य नेता उपस्थित थे।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गत 16 व 17 अप्रैल को देश की सर्वोच्च पंचायत में विपक्ष ने "नारी शक्ति वंदन अधिनियम" बिल का विरोध करके हमारी बहन-बेटियों के हक पर डाका डाला है। लोकतंत्र के मंदिर, संसद में जो कुछ भी हुआ, वह न केवल अलोकतांत्रिक था, बल्कि हमारे देश की आधी आबादी के भविष्य पर एक बड़ा प्रहार था। इस प्रकरण ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टी.एम. सी. और डी.एम.के. जैसे विपक्षी दलों का असली चेहरा देश के सामने उजागर कर दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब बात महिलाओं को अधिकार देने की आती है, तो उनका असली चरित्र महिला-विरोधी और सत्ता का लोभी हो जाता है। यह महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक अवसर था, लेकिन विपक्ष ने इस अवसर को भी अपनी संकीर्ण राजनीति की भेंट चढ़ा दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गत 16 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार ने लोकसभा में तीन क्रांतिकारी विधेयक पेश किए थे। संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक । इन विधेयकों को लाने के पीछे केंद्र सरकार का संकल्प बहुत स्पष्ट था। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अनुसार, महिला आरक्षण 2026 के बाद होने वाली जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होना था। केन्द्र सरकार जानती थी कि यदि हम जनगणना और लंबी परिसीमन प्रक्रिया का इंतजार करते, तो हमारी बहनों को 2029 के आम चुनाव में भी 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाता। इसीलिए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने यह साहसिक निर्णय लिया कि इस आरक्षण को जनगणना की शर्त से अलग किया जाए, ताकि वर्ष 2029 के आम चुनावों में ही हमारी महिला शक्ति संसद में अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज करा सके।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं की भागीदारी कोई दया नहीं, उनका अधिकार है। लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने एक बार फिर महिलाओं के अधिकारों के रास्ते में रोड़े अटकाने का काम किया है। यह देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात था।
श्री नायब सिंह सैनी ने सवाल किया कि आखिर विपक्ष महिलाओं के आरक्षण से इतना डर क्यों रहा है? उत्तर स्पष्ट है कि ये दल जानते हैं कि जिस दिन देश की महिलाओं को उनका पूरा राजनीतिक अधिकार मिल गया, उसी दिन इनकी परिवारवाद की राजनीति खत्म हो जाएगी। महिलाओं के सशक्तिकरण से सबसे बड़ा खतरा उन दलों को है, जिन्होंने दशकों तक महिलाओं को केवल वोट बैंक समझा, लेकिन नेतृत्व का अधिकार नहीं दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वर्षों तक महिला आरक्षण के नाम पर केवल दिखावा किया। समितियां बनाई, बहाने बनाए, लेकिन कभी महिलाओं को उनका अधिकार नहीं दिया। दूसरी ओर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाकर महिलाओं को सम्मान दिया। लेकिन जब उसे लागू करने की घड़ी आई, तब विपक्ष का असली महिला विरोधी चेहरा सामने आ गया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने परिसीमन के नाम पर झूठ और भ्रम फैलाया, कहा गया कि इससे कुछ राज्यों को नुकसान होगा। लेकिन गृह मंत्री श्री अमित शाह ने संसद में तथ्यों के साथ स्पष्ट कर दिया कि किसी भी राज्य का प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा। सीटों में समान वृद्धि होगी, सभी राज्यों का संतुलन बना रहेगा। फिर भी विपक्षी नेता लगातार झूठ बोलते रहे, क्योंकि उनका उद्देश्य महिलाओं को अधिकार देना नहीं, बल्कि स्वार्थ की राजनीति करना है।

मुख्यमंत्री ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 1971 में जब हमारी आबादी 54 करोड़ थी, तब लोकसभा की सीटें 550 तय की गई थीं। आज हम 140 करोड़ हैं। इसलिए, यह आवश्यक है कि लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 की जाए ताकि हर नागरिक का सही प्रतिनिधित्व हो सके। इसको लेकर विपक्ष ने एक और झूठ फैलाया कि इससे दक्षिण भारत के राज्यों को नुकसान होगा।
उन्होंने स्पष्ट करते हुए बताया कि केंद्र सरकार का मॉडल सभी राज्यों में समान रूप से 50 प्रतिशत सीटों की वृद्धि का था। उदाहरण के तौर पर, दक्षिण भारतीय राज्यों की वर्तमान हिस्सेदारी 23.76 प्रतिशत है, जो इस नए मॉडल में बढ़कर 23. 87 प्रतिशत हो जाती। तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 और कर्नाटक की 28 से बढ़कर 42 होने वाली थीं। यानी किसी भी राज्य का हक छीनने का नहीं, बल्कि सबका हक बढ़ाने का यह प्रस्ताव था।
लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टी.एम.सी. और डी.एम.के. ने इन विधेयकों का विरोध करके यह सिद्ध कर दिया है कि वे केवल महिलाओं के कल्याण का ढोंग करते हैं। समाजवादी पार्टी ने धर्म आधारित आरक्षण की असंवैधानिक मांग उठाकर केवल मामले को भटकाने का काम किया है, जबकि हमारा संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता। विपक्ष जानता है कि अगर बहस असली मुद्दे पर हुई, तो देश की महिलाएं पूछेंगी कि इतने वर्षों तक उन्हें अधिकार क्यों नहीं दिया गया, इसलिए मुद्दे भटकाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर दोगली नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेसी नेता जो शाहबानो मामले में महिलाओं के खिलाफ खड़े थे और जिन्होंने दशकों तक महिला आरक्षण को तकनीकी बहानों और फाइलों में दबाकर रखा, वे आज भी वही साजिश दोहरा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भारत आजाद हुआ, उसी समय कई अन्य देश भी आजाद हुए थे। लेकिन कुछ देश विकसित बन चुके हैं, और भारत को उस मुकाम तक पहुंचने में दशकों लग गए। इस देरी का कारण क्या था? मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं कि वह था कांग्रेस की नकारात्मक और विकास-विरोधी राजनीति। इनकी राजनीति का मूलमंत्र रहा है- 'अटकाओ, लटकाओ व भटकाओ ।" शुरू से ही इन्होंने हर उस निर्णय का विरोध किया, जो देश को आगे ले जाने वाला था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब महिलाओं के सम्मान के लिए तीन तलाक कानून लाया गया, जब धारा 370 को हटाकर देश को एकीकृत किया गया, जब समान नागरिक संहिता पर चर्चा हुई, जब 'वन नेशन, वन इलेक्शन की बात आई,जब मतदाता सूची को शुद्ध करने की बात हुई, जब केन्द्रीय वक्फ कौंसिल में सुधार की चर्चा हुई, जब नागरिकता संशोधन अधिनियम लाया गया, हर बार, हर मोर्चे पर, इन्होंने सिर्फ विरोध ही किया।
उन्होंने विपक्ष को सचेत करते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों पर राजनीति करने वालों को देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी। आज गांव की महिलाएं पंचायत चला रही हैं। शहरों की महिलाएं उद्योग चला रही हैं, देश की महिलाएं हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं, तो फिर संसद में उनकी भागीदारी से विपक्ष क्यों डर रहा है? सच्चाई यह है कि विपक्ष को डर है कि महिलाओं के सशक्त होने से झूठ पर टिकी उनकी राजनीति की जमीन खिसक जाएगी। विपक्ष ने केवल एक विधेयक को नहीं गिराया है, बल्कि करोड़ों माताओं और बेटियों के सपनों को कुचलने का प्रयास किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने नारी शक्ति वंदन बिल को रोककर लोकतंत्र की मर्यादा को तार-तार किया है। संसद में विपक्ष का व्यवहार लोकतंत्र के मंदिर में नारी शक्ति का चीरहरण है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों को छीनने की कोशिश करना, आधुनिक राजनीति का चीरहरण है। विपक्ष के पास न नीति है, न नीयत। उनके पास सिर्फ नारी शक्ति के प्रति नफरत है।
उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने वाली विपक्षी पार्टियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले समय में देश की महिलाएं अपने वोट की ताकत से महिला - विरोधी मानसिकता रखने वाले दलों को करारा जवाब देंगी।

*मीडिया के सवालों के दिए जवाब*
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया गया था, लेकिन इसे तत्काल लागू न करने के पीछे संवैधानिक प्रक्रियाएं जुड़ी हुई थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पहले से निर्धारित थी, जिसे ध्यान में रखते हुए ही अधिनियम को लागू करने की रूपरेखा बनाई गई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 1976 में ही यह तय कर दिया गया था कि अगला परिसीमन 2026 में होगा, इसलिए इस अधिनियम को उसी प्रक्रिया से जोड़ा गया।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने दोहराया कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने मंडियों में फसल उठान को लेकर कहा कि सरकार द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं और किसी प्रकार की समस्या नहीं है। उन्होंने बताया कि फसल आगमन का समय अब सीमित हो गया है, जिससे दबाव बढ़ता है, लेकिन सरकार पूरी तत्परता से कार्य कर रही है और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

इस अवसर पर लोकसभा सांसद श्रीमती कमलजीत सहरावत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को और प्रभावी बनाने हेतु 16 अप्रैल, 2026 को संसद में तीन महत्वपूर्ण विधेयक प्रस्तुत किए गए। उन्होंने कहा कि सितंबर, 2023 में लोकसभा और राज्यसभा द्वारा पारित इस ऐतिहासिक अधिनियम के माध्यम से लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया था।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में पुनः सरकार बनने के पश्चात विपक्ष द्वारा की गई जातिगत जनगणना की मांग को स्वीकार करते हुए सरकार ने जनगणना प्रक्रिया में जाति आधारित आंकड़ों को शामिल करने का निर्णय लिया। देश की जनसंख्या को देखते हुए इस प्रक्रिया में समय ज्यादा लगने की संभावना है, जिससे 2029 के आम चुनावों में महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिलने में विलंब हो सकता था। इसी परिप्रेक्ष्य में सरकार ने निम्नलिखित तीन संशोधित विधेयक संसद में प्रस्तुत किए। इन विधेयकों का मुख्य उद्देश्य नारी शक्ति वंदन अधिनियम को परिसीमन प्रक्रिया से अलग कर, यह सुनिश्चित करना है कि वर्ष 2029 के आम चुनावों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल सके। उन्होंने विपक्षी पार्टियों को महिला विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश की जनता सब देख रही है इनको भविष्य में इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

19/04/2026

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हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Saini  जी ने आज चंडीगढ़ में एक उच्च स्तरीय ‘प्रगति’ समीक्षा बैठक में प्रदेश में चल रही ₹75 ...
18/04/2026

हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Saini जी ने आज चंडीगढ़ में एक उच्च स्तरीय ‘प्रगति’ समीक्षा बैठक में प्रदेश में चल रही ₹75 करोड़ से अधिक लागत वाली प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान शहरी विकास, स्वास्थ्य, पर्यटन, पुरातत्व और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा सभी परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाएं।

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