03/09/2026
जन्माष्टमी पर्व को लेकर अंबाला में सजे मंदिर, दूसरे राज्यों से आए सजावट के लिए फूल
अंबाला के मंदिरों में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के त्यौहार की तैयारियां जोरों पर चल रही है, कल श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार है जिससे पहले सभी मंदिरों को सजाया जा रहा है। श्रद्धालु भी मंदिर को सजाने में सेवा भाव से जुड़े हुए हैं, साथ ही अंबाला के बाजारों में लड्डू गोपाल सहित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से संबंधित सभी सामग्री बाजारों में उपलब्ध हो रही है। लोग बाजार से अपने घरों के मंदिरों को भी सजाने के लिए लड्डू गोपाल व राधा कृष्ण के वस्त्र, श्रृंगार व अन्य सामान लेकर जा रहे हैं। अंबाला कैंट का ऐतिहासिक सनातन धर्म मंदिर भी अच्छे से सजाया जा रहा है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार को बहुत ही धूमधाम से पूरे देश में मनाया जाता है, क्योंकि इस दिन भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था। जिसको लेकर सभी लोग बड़े धूमधाम से भगवान श्री कृष्ण जन्माष्टमी को मनाते हैं। कल यानी 4 सितंबर को जन्माष्टमी का त्यौहार है, इसी को लेकर मंदिर खासकर श्रीकृष्ण मंदिर बड़े अच्छे से सजे हुए हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से कुछ दिन पहले ही श्रद्धालु मंदिरों को अच्छे से सजाने में जुट जाते हैं, साथ ही लड्डू गोपाल की प्रतिमा को नए नए वस्त्र पहना कर अपनी श्रद्धा भावना भगवान के चरणों में अर्पित करते हैं ! अंबाला के ऐतिहासिक सनातन धर्म मंदिर के पुजारी बुद्धि वल्लभ शास्त्री का कहना है कि कल श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है मंदिरों में श्रद्धालु आने लगे हैं। मंदिर के पदाधिकारी का कहना है कि यह काफी प्राचीन मंदिर है। 1934 में यह मंदिर बनाया गया था। तब से इस मंदिर की बहुत ज्यादा मान्यता है। कल जन्माष्टमी का त्यौहार मनाया जाएगा और कल शाम को 6 बजे के बाद मंदिर के द्वार खोल दिए जाएंगे। जिससे श्रद्धालु आकर मंदिर में माथा टेकेंगे।
वही मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि वह काफी समय से इस मंदिर में आ रहे हैं। यह बहुत ही प्राचीन मंदिर है और यहां पर जन्माष्टमी बहुत धूमधाम से मनाई जाती है। यहां पर मेले की तरह भीड़भाड़ होती है। उन्होंने बताया कि इस मंदिर को जन्माष्टमी से पहले ही सजाया जाता है। यहां पर राजस्थान से फूल वाले फूल लेकर आते हैं और अलग अलग तरीके से झांकियां लगते हैं, जो काफी आकर्षित करती है।
यही नहीं अंबाला के सभी मंदिर श्री कृष्ण जन्माष्टमी से पहले सजाए जाते हैं, इसके साथ ही बाजारों की भी रौनक अलग ही नजर आती है, क्योंकि बाजारों में भगवान श्री कृष्ण की पूजा की सामग्री सहित सभी सामान मिलता है। जिसको लेकर लोग अपने घरों के मंदिरों को भी सजाते हैं ! पिछले 20 वर्षों से भगवान श्री कृष्ण की पूजा सामग्री सहित और श्रृंगार का सामान बेचने वाली महिला ने बताया कि वह यहां पर पिछले 20 वर्षों से काम कर रही है। श्री कृष्ण जन्माष्टमी से पहले ही लोगों की भीड़ यहां पर लग जाती है और सभी इस होड़ में लगे रहते हैं कि पहले उनके कान्हा जी का श्रृंगार हो।
इधर जन्माष्टमी पर्व को लेकर अंबाला शहर के राधा कृष्ण मंदिरों में भी तैयारियां जोरों पर हैं। मंदिरों को आकर्षक फूलों और रंग बिरंगी रोशनी से सजाया जा रहा है। इस बार सजावट को खास बनाने के लिए अलग अलग जगहों से विशेष फूल मंगवाए गए हैं। मंदिर प्रबंधन के मुताबिक, कोलकाता और थाईलैंड से लाए गए फूलों से भगवान श्रीकृष्ण का दरबार सजाया जा रहा है। जन्माष्टमी पर मंदिरों में भव्य सजावट के साथ विशेष पूजा अर्चना और कार्यक्रम भी होंगे।