02/05/2026
अमेठी तहसील में किसानों का हंगामा, किसान नेता को घसीटते हुए थाने ले गई पुलिस, डीएम अमेठी और तहसील प्रशासन मुर्दाबाद के किसानों ने लगाए नारे
डीएम की गाड़ी रोकने की कोशिश पर बवाल, किसान नेता को घसीटकर थाने ले गई पुलिस
शनिवार को तहसील परिसर में उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब 15 सूत्रीय मांगों को लेकर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन (भानु) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। विवाद के दौरान पुलिस ने संगठन के जिलाध्यक्ष को पकड़कर घसीटते हुए थाने पहुंचा दिया। घटना के बाद करीब 20 मिनट तक तहसील परिसर में अफरातफरी का माहौल बना रहा।
जानकारी के अनुसार, समाधान दिवस के मौके पर किसान यूनियन के पदाधिकारी तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान जिलाधिकारी मौके पर पहुंचे और किसान नेताओं से वार्ता कर उनकी समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन किसान तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
आरोप है कि जिलाधिकारी के लौटते समय कुछ किसान नेताओं ने उनकी गाड़ी रोकने का प्रयास किया। इस पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर किसी तरह वाहन को वहां से निकलवाया। डीएम के जाने के बाद मामला और गरमा गया।
इसी बीच पुलिस किसान संगठन द्वारा लाए गए माइक लगे ई-रिक्शा को थाने ले जाने लगी, जिसका किसान नेताओं ने विरोध किया। संगठन नेता अजय मिश्र उर्फ बिलसन बाबा और जिलाध्यक्ष शैलेंद्र मिश्र ने ई-रिक्शा रोकने की कोशिश की, जिससे पुलिस और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद बढ़ने पर पुलिस ने जिलाध्यक्ष शैलेंद्र मिश्र को पकड़ लिया और घसीटते हुए थाने ले गई। घटना के दौरान किसानों ने “डीएम अमेठी मुर्दाबाद” और “तहसील प्रशासन मुर्दाबाद” के नारे भी लगाए।
घटना के बाद कुछ देर तक तहसील परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, हालांकि बाद में पुलिस और प्रशासन ने मामला शांत करा दिया।
देर शाम पारस, राजकुमार, सुरजदीन और अजय मिश्रा उर्फ बिल्सन बाबा को सीएचसी ले जाकर मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद चारों को जेल भेज दिया गया। थाना प्रभारी रवि कुमार सिंह ने बताया कि शांति भंग के आरोप में कार्रवाई की गई है। जांच में जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र मिश्रा की संलिप्तता नहीं मिलने पर उन्हें छोड़ दिया गया।
मुद्दों से भटकाने का आरोप : किसान नेता
अजय मिश्रा उर्फ बिल्सन बाबा ने कहा कि यह कार्रवाई मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याएं उठाने पर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जेल से लौटने के बाद संगठन आंदोलन को और तेज करेगा।
Yogesh Pratap Singh अधिवक्ता रणवीर सिंह राठौड़