22/05/2024
साइक्लोन आने के 48 घंटे पहले वैसे तो हमें प्रशासन की ओर से नोटिस मिल गया था कि भुवनेश्वर के स्थानीय लोगों को छोड़ अन्य बाहर के लोग अपने-अपने घरों को चले जाएं। बाध्यता नहीं थी, बस कहा गया कि बेहतर हो कि असुविधा से बचने के लिए अपने घर चले जाएं। अधिकांशतः चले भी गये, हम रूक गये, बस यह सोचकर कि इतने लोग तो हैं, हम भी रूक जाते हैं। उन 48 घंटों में मोबाइल दुकानों में पाॅवरबैंक लेने के लिए भयंकर भीड़ लगी थी, ये छोटी-छोटी चीजें इसलिए बता रहा हूं क्योंकि साइक्लोन के दिन से ही हम सबका फोन डेड हो चुका था।
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