01/06/2026
Success Story of Immanuel John: तमिलनाडु के रहने वाले इमैनुएल जॉन ने एक समय नौकरी के ऑफर को ठुकराकर इंटर्नशिप को चुना था। तब लोगों ने उन्हें बेवकूफ तक कहा था। लेकिन, इसी फैसले ने उनकी बाद में मदद की। वह आज अपनी सफल कंपनी खड़ी कर चुके हैं। यहां जानते हैं कैसे?
इमैनुएल जॉन तमिलनाडु के रहने वाले हैं। उनकी जिंदगी में लगातार ट्विस्ट और टर्न आते रहे हैं। बेंगलुरु में कभी 10,000 रुपये की इंटर्नशिप और मैगी खाकर गुजारा करने वाले इमैनुएल आज सफल स्टार्टअप कंपनी के मालिक हैं। इसका नाम 'टेकस टेक्नोलॉजीज' है। आइए, यहां इमैनुएल जॉन की सफलता के सफर के बारे में जानते हैं।
साल 2018 की बात है। कॉलेज से पास आउट होने के बाद इमैनुएल जॉन ने एक ऐसा फैसला लिया जिसने सबको हैरान किया। उनके पास एक सर्विस बेस्ड कंपनी से 25,000 रुपये महीने का अच्छा ऑफर था। लेकिन, उन्होंने उसे ठुकरा दिया।
10,000 रुपये की चुनी इंटर्नशिप
इसके बजाय इमैनुएल ने बेंगलुरु के एक स्टार्टअप में सिर्फ 10,000 रुपये महीने की इंटर्नशिप चुनी। लोगों ने उनके इस फैसले को बेवकूफी भरा बताया। लेकिन, इमैनुएल का तर्क साफ था। उन्हें छह महीने ट्रेनिंग में बर्बाद करने के बजाय पहले ही दिन से असली कोडिंग सीखनी थी।
करियर की शुरुआत में ही आर्थिक सुरक्षा को छोड़ देना अक्सर लोगों को हैरान कर देता है। लेकिन, इमैनुएल के लिए छोटी-मोटी सहूलियतों के बजाय दूर की सोच ज्यादा मायने रखती थी। उस फैसले ने आगे आने वाली हर चीज की नींव रख दी।
मैगी खाकर गुजारे दिन, शेयर किया फ्लैट
उनके शुरुआती दिन संघर्षों से भरे थे। 10,000 रुपये की मामूली सैलरी में बेंगलुरु जैसे शहर में गुजारा करना आसान नहीं था। उन्होंने तीन दूसरे दोस्तों के साथ 2BHK फ्लैट शेयर किया।
पैसों की तंगी के कारण वह अक्सर मैगी खाकर दिन काटते थे। उनकी कड़ी मेहनत रंग लाई। 2019 में उसी कंपनी ने उन्हें 25,000 रुपये महीने पर फुल-टाइम जॉब दे दी। फिर उनकी सैलरी में लगातार इजाफा हुआ। साल 2020 में यह बढ़कर 35,000 रुपये हो गई। 2021 में 45,000 महीना।
करियर में आया बड़ा टर्निंग पॉइंट
इमैनुएल के करियर में बड़ा टर्निंग पॉइंट साल 2021 के बाद के हिस्से में आया। तब उन्होंने एक नई नौकरी जॉइन की जहां उनकी सैलरी 80,000 रुपये हो गई। लेकिन, वह यहीं नहीं रुके। नौकरी के साथ उन्होंने रात के समय 4-5 महीने तक ब्लॉकचेन जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी सीखने में बिताए।
इस नई स्किल के बूते साल 2022 तक उनकी मासिक कमाई सीधे 3,50,000 रुपये महीने पहुंच गई। उन्होंने करीब डेढ़ साल तक वर्क फ्रॉम होम किया। इसी दौरान साइड प्रोजेक्ट के रूप में अपनी कंपनी की नींव रखनी शुरू की।
नौकरी छोड़ने का लिया फैसला
साल 2024 में इमैनुएल ने कर्मचारी से फाउंडर बनने का बड़ा कदम उठाया। उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी। तमिलनाडु में अपने स्टार्टअप 'टेकस टेक्नोलॉजीज' (Teckas Technologies) पर पूरा फोकस किया।
आज उनकी कंपनी में 9 लोग काम कर रहे हैं। भारत के साथ यूरोप और अमेरिका में भी उनके क्लाइंट्स हैं। कंपनी पिछले 6 महीनों से लगातार रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज कर रही है।
इस सोच ने की मदद
कई लोगों के लिए ज्यादा सैलरी वाली नौकरी ही जिंदगी का सबसे बड़ा टारगेट होती है। लेकिन, इमैनुएल के लिए यह मंजिल तक पहुंचने का सिर्फ एक जरिया (सीढ़ी) थी।
अनुभव, आत्मविश्वास और इंडस्ट्री की बेहतर समझ के साथ उन्होंने अपना खुद का सफल बिजनेस खड़ा किया। उनका जोर हमेशा से ही ट्रेंड्स के पीछे भागने के बजाय असल समस्याओं को हल करने पर रहा है।
विश्वसनीयता बनाना, ग्रोथ को संभालना और तेजी से बदलते उद्योग में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखना- इन सभी के लिए लगातार प्रयास की जरूरत होती है। लेकिन, वही दृढ़ता, जिसने उन्हें शुरुआती दिनों में मुश्किलों से पार पाने में मदद की थी, आज भी कंपनी को आगे बढ़ा रही है। 🫶❤️🩹