31/05/2026
ये है आम दिनों में कलक्ट्री घाट।
यहां चाय की दुकानों ने, चाय पीने वालों ने, सिगरेट पीने वालों ने, कोल्ड ड्रिंक पीने वालों ने, गांजा, बियर एवं शराब पीने वालों ने जो गंध मचाई है कि क्या कहें। जगह जगह प्लास्टिक की बोतलें, ग्लास, हर प्रकार के खाद्य पदार्थों के खाली पैकेट, बियर और शराब की बोतलें एवं कैन बिखरे पड़े रहते है। घाट पर आने जाने का रास्ता तक टूटे चाय के कुल्हड़ों से अटा पड़ा है।
सबसे ज्यादा गंदगी रमना मैदान के सामने वाली चाय दुकानों से होती है। वो घाट मिट्टी के टूटे कुल्हड़ों एवं दूध के खाली पैकेट से भरा पड़ा रहता है। वो लोग जगह जगह चाय के टूटे कुल्हड़ों का अंबार लगा देते है और तो और उसे कलक्ट्री तालाब में गिरा देते है।
विगत दो वर्षों से ूजा में व्रतियों को पानी मे उतरने, खड़े होने, स्नान करने एवं अर्घ्य के समय काफी तकलीफों का सामना करते हमने स्वयं देखा है। कई व्रतियों के पैरों को इन्ही टूटे चाय के कुल्हड़ों ने घायल किया है। एक तो पानी मे उतारने के लिए सीढ़ी काफी ऊंची है। दूसरे व्रतियों में ज्यादा बुजुर्ग महिलाएं होती है। ऊंचाई के कारण ही ना वो सुगमता से पानी मे उतर सकती है ना वो सहजता से पानी से निकल सकती है।
पानी के किनारे नहाते एवं अर्घ्य देते समय पैरों में चुभते टूटे मिट्टी के कुल्हड़ों के कारण होते हुए दर्द को एवं प्रशासन की अनदेखी को अपना भाग्य मानते हुए व्रतियों के चेहरे पर बेबसी साफ देखी जा सकती है।
SP Office से लेकर जयप्रकाश मुक्त कला मंच तक लगभग 5000 हजार से भी ज्यादा व्रती इकट्ठा होते है। जिनके दुख और कष्ट का कारण 60-70 छपरी और 3-4 चाय की दुकान है जो वहाँ गंदगी फैलाते है।
प्रशासन इस पर ध्यान दें।
DM Bhojpur District Administration Bhojpur BhojpurPolice