14/09/2026
भोजपुर के बढ़हरा और शाहपुर प्रखंड में इस वर्ष बाढ़ का व्यापक प्रभाव रहा, जिसके बाद DM मनेश कुमार मीणा ने लगातार प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर राहत व्यवस्था का जायजा लिया। बाढ़ प्रभावित पात्र परिवारों को आनुग्रहिक राहत (GR) के तहत ₹7,000 प्रति परिवार DBT के माध्यम से दिए जाते हैं, लेकिन राहत सूची को लेकर अब गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं। भरौली पंचायत के सरपंच विनोद मिश्रा का आरोप है कि गांव में बाढ़ से वास्तव में प्रभावित कई पात्र लोगों के नाम सूची में नहीं हैं, जबकि पलायन कर चुके, शहरों में रह रहे या बाढ़ से प्रभावित नहीं हुए लोगों के नाम पुराने डेटा में दर्ज हैं और एक ही परिवार के कई सदस्यों के नाम भी सूची में शामिल हैं। वहीं उनका आरोप है कि नए नाम जोड़ने के नाम पर गांव में कुछ लोगों द्वारा घूम-घूमकर ₹2,000 तक की कथित वसूली की जा रही है, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि अंचल कार्यालयों में जाने पर उन्हें पोर्टल काम नहीं करने या नए नाम नहीं जुड़ने की बात कही जा रही है, जबकि दूसरी ओर यह भी शिकायत सामने आ रही है कि पोर्टल खुला है और कथित तौर पर बैकडोर से पैसे लेकर नाम जोड़े जा रहे हैं। DM ने कई मीडिया बयानों में पात्र परिवारों के नाम जोड़ने और अपात्र या पलायन कर चुके परिवारों के नाम हटाकर सूची अपडेट करने की बात कही थी, लेकिन ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जमीनी स्तर पर इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है। इसी को लेकर शाहपुर की लगभग सभी पंचायतों के मुखिया और बड़ी संख्या में ग्रामीण अंचल कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। लोगों की मांग है कि सूची का पुख्ता सत्यापन और अपडेट कर वास्तविक बाढ़ पीड़ित पात्र परिवारों को ₹7,000 की राहत दी जाए और अपात्र लाभार्थियों के नाम हटाए जाएं।