28/09/2026
बिहार सरकार के योजना एवं विकास मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा द्वारा यादव समाज को लेकर दिए गए विवादित एवं आपत्तिजनक बयान के विरोध में सोमवार को जगदीशपुर किला मैदान गेट पर पुतला दहन किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने मंत्री के बयान पर आक्रोश व्यक्त करते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
पुतला दहन के बाद सभा को संबोधित करते हुए भाई दिनेश, पूर्व विधायक जगदीशपुर ने कहा कि किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से सभी जातियों और समुदायों के प्रति सम्मानजनक, जिम्मेदार एवं मर्यादित भाषा की अपेक्षा की जाती है। किसी पूरे समाज को अपमानजनक शब्दों से जोड़ना सामाजिक सौहार्द के लिए उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि अपराधी की पहचान उसके अपराध से होती है, उसकी जाति से नहीं। किसी व्यक्ति के अपराध को पूरे समाज या जाति से जोड़ना सामाजिक सद्भाव के लिए उचित नहीं है। राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी जाति या समुदाय का अपमान स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
भाई दिनेश ने कहा कि यादव समाज का भारतीय सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में लंबे समय से महत्वपूर्ण योगदान रहा है। भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ देश की सुरक्षा, समाज सेवा और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में भी समाज के अनेक लोगों ने योगदान दिया है। किसी व्यक्ति के बयान से किसी पूरे समाज के सम्मान और इतिहास को परिभाषित नहीं किया जा सकता।
जगदीशपुर का विकास आंदोलनों और जनता के संघर्ष का परिणाम : भाई दिनेश
भाई दिनेश ने कहा कि जगदीशपुर नगर में आज जो विकास कार्य दिखाई दे रहे हैं, उनमें जगदीशपुर नगरवासियों के सहयोग और वर्षों से किए गए जनआंदोलनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उन्होंने कहा कि वीर कुंवर सिंह किला मैदान के सौंदर्यीकरण के लिए हमारे आंदोलन के परिणामस्वरूप ₹1 करोड़ 12 लाख की राशि आई। जगदीशपुर नगर की सड़कों के निर्माण, पावर सब-ग्रिड की स्थापना तथा नहर के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने जैसे मुद्दों को लेकर भी लगातार आंदोलन और जनसंघर्ष किए गए। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के सवाल पर भी जनदबाव और आंदोलनों की अपनी भूमिका रही है।
भाई दिनेश ने कहा कि केवल मुख्यमंत्री या पूर्व मुख्यमंत्री के साथ तस्वीर खिंचवाकर प्रशासन पर अपना प्रभाव दिखाने और उसका राजनीतिक प्रदर्शन करने से विकास नहीं होता। विकास के लिए जमीन पर काम, जनता के सवालों पर संघर्ष और योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन जरूरी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री के जगदीशपुर दौरे को लेकर कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि उस कार्यक्रम से जगदीशपुर के लिए ठोस रूप से क्या मिला। मुख्यमंत्री को बुलाकर करोड़ों रुपये खर्च करने या विभिन्न मदों में राशि के इस्तेमाल की चर्चा के बजाय जनता के सामने यह स्पष्ट होना चाहिए कि वीर कुंवर सिंह का किला मैदान कब पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा और सैनिक स्कूल कब खुलेगा। इन महत्वपूर्ण विषयों पर स्पष्ट घोषणा नहीं हुई है।
सड़क निर्माण के लिए संघर्ष जारी रहेगा
भाई दिनेश ने कहा कि भोजपुर की जर्जर सड़कों और जलजमाव के खिलाफ चलाए जा रहे आंदोलन का असर अब दिखाई देने लगा है। जिलाधिकारी द्वारा मामले का संज्ञान लिया जा रहा है और जगदीशपुर नगर के वार्ड संख्या 11 और 12 में काम शुरू हुआ है।
उन्होंने कहा कि सनेया, दावा, जीरो माइल, हसन बाजार, चरपोखरी, चांदवा मोड़, गिरजा मोड़, महावीर टोला, बाजार समिति, बस स्टैंड, ओवरब्रिज और तेतरिया सड़क सहित विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया गया है। यह जनआंदोलन का परिणाम है कि प्रशासन को जर्जर सड़कों और जलजमाव की समस्या पर कार्रवाई के लिए आगे आना पड़ा है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क का काम पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा होने तक संघर्ष जारी रहेगा। केवल निरीक्षण या आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा।
मंत्री को विकास के लिए ठोस काम करने की चुनौती
भाई दिनेश ने श्रीभगवान सिंह कुशवाहा से कहा कि यदि वे वास्तव में जगदीशपुर और क्षेत्र का विकास करना चाहते हैं तो राजनीतिक बयानबाजी के बजाय नहरों का पक्कीकरण कराएं, नहर एवं नदी किनारे वर्षों से बंद पड़े नलकूपों को चालू करवाएं और किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की ठोस व्यवस्था करें।
उन्होंने कहा कि जनता को फोटो और घोषणाओं से अधिक सड़क, पानी, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है।
आंदोलन जारी रखने की घोषणा
भाई दिनेश ने कहा कि यदि श्रीभगवान सिंह कुशवाहा अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। 29 सितंबर को ओझवलिया मोड़, पीरो तथा 30 सितंबर को आरा में पुतला दहन किया जाएगा। इसके बाद पटना सहित अन्य स्थानों और गांव-गांव में भी लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से कानून-व्यवस्था तथा लोकतांत्रिक मर्यादा बनाए रखते हुए शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने की अपील की।
भाई दिनेश ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ व्यक्तिगत संघर्ष नहीं, बल्कि सम्मान, सामाजिक सौहार्द, सार्वजनिक जीवन की मर्यादा और जनता के अधिकारों के सवाल पर संघर्ष है।
उन्होंने कहा—
“अपराध को अपराधी तक सीमित रखिए, पूरे समाज को कटघरे में खड़ा मत कीजिए। राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी जाति का अपमान स्वीकार्य नहीं है। और विकास के नाम पर केवल तस्वीर नहीं, जमीन पर काम चाहिए।”
पुतला दहन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे
प्रदेश सचिव गोरख सिंह, पूर्व प्रखंड अध्यक्ष गोरखनाथ सिंह, चरपोखरी प्रखंड अध्यक्ष सत्यनारायण सिंह, बीरेन्द्र सिंह, हृदयानंद सिंह, नायक सिंह, अरुण चौबे, बीरबल पासवान, शैलेश कुमार, बिनोद सिंह, किरण सिंह, धनंजय सिंह, नरेंद्र सिंह, संतोष सिंह, अंजनी सिंह, सियाराम सिंह, सुरेश सिंह, राजकुमार, श्याम बिहारी, मंजी सिंह, परमेश्वर सिंह, विपिन बिहारी, उपेन्द्र सिंह, जवाहरलाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, मनदीप सिंह, संतोष सिंह, संतोष यादव, मदन सिंह, संतोष मिश्रा, विजय सिंह, वीर बहादुर, मंटू सिंह, जय राम सिंह, सुरेश यादव, कुंदन सिंह, श्रीराम सिंह, टूटू यादव, धूमराज सिंह, जगदीश यादव, हरिचरण सिंह सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।