08/03/2026
14 जनवरी से अगले दस दिन तक ने मीडिया को फोन कर-कर के, यूजीसी पर कोई भी समाचार चलाने से मना किया। पर सोशल मीडिया के कारण, उन्हें इस पर समाचार चलाना ही पड़ा।
आज भी मोदी जी की रैली है दिल्ली में। सुबह से कीनिया में बाढ़ के समाचार और ईरान में हो रहे हमले से ले कर इलाहाबाद का रैंडम न्यूज चलाया जा रहा है। यूजीसी पर हो रहे हाउस अरेस्ट पर कुछ नहीं।
यही न्यूज चैनल एक मजार तोड़ने पर न्यूज चला लेते हैं, पर आज ये कहाँ हैं? क्या पत्रकारों का हाउस अरेस्ट कोई न्यूज नहीं? या अनिल जी का फोन आ गया कि ये सब मत चलाओ, मोदी जी ₹35,000 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण करेंगे, उसकी भूमिका बाँधो?
या ये तो नहीं कहा कि रैली में दिव्यांग व्यक्ति मोदी जी की पेंटिंग ले कर आएगा तो वो जरूर दिखाना है कि मोदी जी केसर कर रहे हैं, भीड़ में पहचान रहे हैं? अब ये स्क्रीनशॉट अनिल जी को मत भेज देना कि देखिए क्या-क्या लिख रहा है ये!
मेरा यूट्यूब के गैरवामपंथी चैनलों से आग्रह है कि सोशल मीडिया से वीडियो क्लिप लीजिए, और अपने-अपने शो में इस पर बोलिए कि सरकार को शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते सवर्ण पसंद नहीं।
सवर्णों का केवल टैक्स चाहिए ताकि दलितों के फ्री कोचिंग, हॉस्टल, फी माफी फायनेंस हो सके। सवर्णों का केवल वोट चाहिए और बाकी समय सवर्णों को जी के गार्डन में तैयार बाँस मिलता रहेगा।
मेनस्ट्रीम मीडिया के पत्रकारों को कुछ घंटे बाद ये समाचार चलाना ही पड़ेगा। हम चलवाएँगे।
और हाँ भाजपा समर्थक मित्रों से, जो कहते थे नंबर एक और दो को छोड़ कर चलो, एक प्रश्न है: अब मैं क्या करूँ? क्या मैं संवैधानिक अधिकार मोदी की झोली में डाल दूँ?
Tumhe apne bacho ke bhawishya ke lie nahi socha toh kal.tumare bache jail mai honge jhutte mukadme mai..yeah sav act humanity ke khilaf hai..
सवर्ण एकता जिंदाबाद!
#रामलीला_मैदान_चलो
By ajeet bharti