23/04/2026
''एकलव्यं हि साण्गुष्ठम्षक्ता देव दानवाः।
स राक्षसोरगाः पार्थ विजेतुं युधि कर्हिचित्।।''
अर्थात्
श्री कृष्ण अर्जुन से फिर कहते हैं, ''हे पार्थ! यदि एकलव्य अंगुष्ठ सहित होता तो देवता, दानव, राक्षस और नाग - ये सब मिलकर भी युद्ध में उसे जीत नहीं सकते थे।''
ीर_एकलव्य... िषाद_राज...🙏