24/10/2025
गोड्डा के पूर्व विधायक जी अब ये दिखावा बंद कीजिए!
पूर्व विधायक जी, आप कहते हैं “मुझे न कहलगांव न बांका देखना है, बिलकुल सही कहा आपने, क्योंकि गोड्डा की जनता भी अब आपका देखना नहीं चाहती है ।
आज काली पूजा में ढोल-नगाड़ा बजाकर नाचते फिर रहे थे वाह! जनता के वादे पूरे न हों, पर तमाशा जरूर हो जाए! आप जहां वादा करते हैं, वहां सिर्फ़ झूठ और दिखावा छोड़ जाते हैं।
धर्म के नाम पर वोट मांगने वाले जब विधायक थे उस समय पथरगामा में दुर्गा पूजा मंदिर निर्माण के लिए ₹1 लाख देने की बात मंदिर के अंदर कह के आए थे आधा पैसा गायब कर गए नेता जी
बिसाहा दुर्गा मंदिर में विधायक रहते कहा था जनरेटर देंगे, आज तक जनरेटर की हवा भी नहीं लगी और आज आपका गुस्सा लोग हमपे निकालते हैं सरौनी में भी वही कहानी — वादे आपके बड़े-बड़े, लेकिन काम एक भी नहीं और शायद इसी शर्म के वजह से लगता है इस बार के दुर्गा पूजा में अपने घर भागलपुर में रहे लेकिन पथरगामा और कोरका के बगल में बिसाहा नहीं गए ।
अब काली पूजा में नाचकर कह रहे हैं — “हम गोड्डा से आए हैं और गोड्डा में रहेंगे।” रहिए न! लेकिन भागलपुर से फेसबुक लाइव क्यों करते हैं ?अनंत ओझा जी और कर्मवीर सिंह जी का स्वागत गोड्डा में ना कर के भागलपुर में क्यो किए ? आप पे जब भाजपा के राज में हमला हुआ था तो वो भी भागलपुर में ही हुआ लेकिन आप अपने आप को बेटा गोड्डा का कहते हैं पता नहीं क्यों ? हमारी जन्मभूमि ढाकामोड़ है लेकिन मैंने अपना कर्मभूमि गोड्डा बनाया और शरीर का मेरा एक एक कतरा गोड्डा के लिए कुर्बान है और इसी उद्देश्य के साथ आज मेरा परिवार पूरे सच्ची निष्ठा से गोड्डा के लोगो का सेवा करते हैं ना की आपके जैसा ढोंग करते हैं ।कहा है आज आपका भाई जी चुनाव में मेंढक बन के आया था -कलकत्ता या भागलपुर जवाब ज़रूर दीजिएगा ।
सुनिए पूर्व विधायक जी,
गोड्डा वो मिट्टी है, जहां हमने अपने कर्म, जनता के विश्वास और मेहनत से जगह बनाई है।आज कहलगांव में अगर हमारा बेटा सेवा कर रहा है और अपने दम पर पहचान बनाने का प्रयास कर रहा है और मेहनत कर के लोगो के दिल में जगह बना रहा है वो अपने पसीने की कमाई और जनता के भरोसे से कर रहा है, आपकी तरह विरासत में मिली कुर्सी और पिता जी के खेती पर आराम फरमाने नहीं आया। आप ढोल पीटते रहिए,शायद फिर कभी “वादाखोरी का मंच” मिल जाए,
लेकिन जनता अब सब जान चुकी है , आपके झूठ के ढोल की आवाज़ अब किसी को सुनाई नहीं देती।
जहां-जहां आपने वादे किए हैं, वहां जाइए,
कम से कम जनता से माफी मांग लीजिए,
क्योंकि अब वो दिन भी अब दूर नहीं जब गोड्डा के लोग आपको आपके एकमात्र माध्यम धर्म के नाम पर भी वोट मांगने लायक़ नहीं छोड़ेगे ।