Bangbhoomi News

Bangbhoomi News हर कदम आपके साथ ''बंगभूमि न्यूज़''

22/12/2025

22 दिसंबर: संताली भाषा और 'ओल चिकी' लिपि का गौरव दिवस, आसनसोल के रघुनाथबाटी में धूम-धाम से मनाया गया
आसनसोल: ​भारत विविधताओं का देश है, जहाँ हर भाषा की अपनी एक पहचान और मिठास है। इन भाषाओं के बीच संताली भाषा का अपना एक विशेष स्थान है, जिसे इसकी अनूठी लिपि 'ओल चिकी' दुनिया भर में विशिष्ट बनाती है।
​1. 22 दिसंबर का ऐतिहासिक महत्व
​22 दिसंबर 2003 को भारतीय संसद द्वारा पारित 92वें संविधान संशोधन के माध्यम से संताली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया था। इस संवैधानिक मान्यता ने संताली बोलने वाले करोड़ों लोगों को अपनी भाषा और संस्कृति को आधिकारिक मंच पर देखने का सम्मान प्रदान किया। इसीलिए, हर साल 22 दिसंबर को संताली समाज और भाषाई प्रेमी बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं।
​2. 'ओल चिकी' लिपि का आविष्कार
​संताली भाषा की अपनी लिपि 'ओल चिकी' का आविष्कार पंडित रघुनाथ मुर्मू ने वर्ष 1925 में किया था।
​वैज्ञानिक आधार: यह लिपि पूरी तरह से वैज्ञानिक है। इसके अक्षरों की बनावट प्रकृति के प्रतीकों, जैसे कि जीव-जंतुओं, पहाड़ों और दैनिक वस्तुओं के आकार पर आधारित है।
​ध्वन्यात्मकता: इसमें ध्वनियों को इस तरह व्यवस्थित किया गया है कि वे संताली भाषा के उच्चारण के लिए एकदम सटीक बैठती हैं।
​3. भाषा की पहचान और संघर्ष
​संताली भाषा मुख्य रूप से झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और असम के साथ-साथ पड़ोसी देशों जैसे बांग्लादेश और नेपाल में भी बोली जाती है।
​लंबे समय तक इस भाषा को रोमन, देवनागरी या बांग्ला लिपियों में लिखने का प्रयास किया गया, जिससे इसका मूल स्वरूप और उच्चारण प्रभावित हो रहा था।
​पंडित रघुनाथ मुर्मू के योगदान और संताल समुदाय के लंबे संघर्ष के बाद, 'ओल चिकी' को वह पहचान मिली जिसकी वह हकदार थी।
​4. आज के समय में प्रासंगिकता
​आज संताली भाषा केवल बोलचाल तक सीमित नहीं है:
​शिक्षा: प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक में 'ओल चिकी' लिपि का उपयोग हो रहा है।
​साहित्य और तकनीक: इस लिपि में समाचार पत्र, पत्रिकाएं और किताबें प्रकाशित हो रही हैं। यहाँ तक कि डिजिटल माध्यमों (यूनिकोड) पर भी यह लिपि मजबूती से मौजूद है।
​सरकारी संरक्षण: आठवीं अनुसूची में शामिल होने के कारण अब यूपीएससी (UPSC) जैसी परीक्षाओं में भी संताली को एक वैकल्पिक विषय के रूप में चुना जा सकता है।
​"किसी भी समाज की आत्मा उसकी भाषा में बसती है। 'ओल चिकी' केवल अक्षरों का समूह नहीं, बल्कि संताल संस्कृति और अस्मिता का प्रतीक है।"
​निष्कर्ष
​22 दिसंबर का दिन हमें याद दिलाता है कि अपनी मातृभाषा का संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है। संताली भाषा और 'ओल चिकी' लिपि का विकास भारतीय विविधता की जीत है।

21/12/2025

पथश्री योजना: सालानपुर को मिली 4.90 करोड़ की सड़कों की सौगात, विधायक बिधान उपाध्याय ने किया शिलान्यास

​सालानपुर: राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'पथश्री योजना' के तहत रविवार को सालानपुर ब्लॉक के ग्रामीणों को विकास की एक बड़ी सौगात मिली। बाराबनी विधायक सह आसनसोल मेयर बिधान उपाध्याय ने ब्लॉक की चार अलग-अलग पंचायतों में ग्रामीण सड़क निर्माण कार्यों की झड़ी लगाते हुए लगभग एक दर्जन सड़कों का शिलान्यास किया।
​इन परियोजनाओं की कुल लागत 4 करोड़ 90 लाख रुपये बताई गई है। इस शिलान्यास के साथ ही देंदुआ, अल्लाडीह, बसुदेवपुर जेमारी और सालानपुर ग्राम पंचायत के निवासियों की लंबे समय से चली आ रही सुगम यातायात की मांग पूरी होने जा रही है।
​ग्रामीण विकास की रीढ़ है सड़कें: बिधान उपाध्याय
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक बिधान उपाध्याय ने कहा कि सड़क निर्माण ग्रामीण विकास की रीढ़ की हड्डी के समान है। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार की योजनाएं अब घर-घर और द्वार-द्वार तक पहुँच रही हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सभी योजनाएं जनसरोकार की मिशाल हैं। 'मां, माटी, मानुष' की सरकार सिर्फ वादा नहीं करती, बल्कि उसे निभाती भी है।"
​उन्होंने आश्वासन दिया कि इन सभी सड़कों का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होगा और इनके पूरा होने से हजारों ग्रामीणों को आवागमन में भारी सुविधा मिलेगी।
​ये रहे उपस्थित
इस मौके पर पश्चिम बर्द्धमान जिला परिषद के कर्माध्यक्ष मो. अरमान, पंचायत समिति उपाध्यक्ष विद्युत मिश्रा, सालानपुर बीडीओ देबंजन बिस्वास, देंदुआ पंचायत प्रधान शुप्रकाश माजी, तृणमूल कांग्रेस के प्रखंड उपाध्यक्ष भोला सिंह और INTTUC के प्रखंड अध्यक्ष मनोज तिवारी समेत कई गणमान्य लोग और स्थानीय निवासी उपस्थित थे।

19/12/2025

मैथन में पर्यटकों के लिए ‘तोरण द्वार’ का मेयर बिधान उपाध्याय ने किया उदघाटन

कल्यानेश्वरी: क्रिसमस और नववर्ष के आगमन के साथ ही बंगाल-झारखंड की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैथन सैलानियों से गुलजार होने लगा है। 25 दिसंबर से शुरू होने वाले पीक सीजन को देखते हुए पर्यटकों के भव्य स्वागत के लिए शुक्रवार को मैथन मार्ग पर एक विशाल तोरण द्वार (स्वागत द्वार) का उद्घाटन किया गया।
​इसका उद्घाटन आसनसोल नगर निगम के मेयर सह बाराबनी विधायक बिधान उपाध्याय ने फीता काटकर किया।
​​भव्य स्वागत: इस तोरण द्वार पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सांसद अभिषेक बनर्जी, मेयर बिधान उपाध्याय और तृणमूल नेता मुकुल उपाध्याय की तस्वीरें लगाई गई हैं, जो आने वाले पर्यटकों का अभिनंदन कर रही हैं।
​सुरक्षा और सुविधा: मेयर बिधान उपाध्याय ने कहा कि दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
​सहायता कैंप: पर्यटकों के मार्गदर्शन और आपातकालीन मदद के लिए तृणमूल कांग्रेस द्वारा पिकनिक स्पॉट के पास एक विशेष सहायता कैंप भी लगाया जाएगा।
​कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य:
​उद्घाटन समारोह के दौरान राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के कई प्रमुख चेहरे उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
​मोहम्मद अरमान (कर्माध्यक्ष, पश्चिम बर्दवान जिला परिषद)
​कैलाशपति मंडल (अध्यक्ष, सालानपुर पंचायत समिति)
​विद्युत मिश्रा (उपाध्यक्ष, पंचायत समिति)
​भोला सिंह (प्रखंड उपाध्यक्ष, TMC)
​मनोज तिवारी (प्रखंड अध्यक्ष, INTTUC)
​रामचंद्र साव एवं अन्य कार्यकर्ता।
हर साल जनवरी और फरवरी के महीनों में मैथन की प्राकृतिक सुंदरता देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ती है। इस वर्ष प्रशासन और स्थानीय नेतृत्व ने पर्यटकों के अनुभव को सुखद बनाने के लिए पहले से ही कमर कस ली है।

03/12/2025

आसनसोल/जामताड़ा(गुलज़ार खान) ​मैथन डैम (Maithan Dam) का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के मन में उसके मुख्य पर्यटक स्थल, जैसे कि डैम ....

बुधवार 3 दिसंबर 2025 को दैनिक आवाज़ में प्रकाशित
03/12/2025

बुधवार 3 दिसंबर 2025 को दैनिक आवाज़ में प्रकाशित

अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ताबड़तोड़ कार्रवाई धनबाद कोयलांचल में लगातार दूसरे दिन भी जारी है।...
22/11/2025

अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ताबड़तोड़ कार्रवाई धनबाद कोयलांचल में लगातार दूसरे दिन भी जारी है। शुक्रवार को शुरू हुई इस कार्रवाई की आंच शनिवार को निरसा के तेतुलिया तक पहुंच गई, जहां ईडी की टीम ने अनिल गोयल के 'कोक प्लांट प्राइवेट लिमिटेड' पर जोरदार दबिश दी।

निरसा/धनबाद। ​अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ताबड़तोड़ कार्रवाई धनबाद कोयलांचल में लगातार द...

कोयला और बालू तस्करी के काले कारोबार पर केंद्रीय जांच एजेंसी, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक की सबसे बड़ी चोट की है। शुक...
22/11/2025

कोयला और बालू तस्करी के काले कारोबार पर केंद्रीय जांच एजेंसी, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक की सबसे बड़ी चोट की है। शुक्रवार को पश्चिम बंगाल और झारखंड में एक साथ हुई इस कार्रवाई ने तस्करी के सिंडिकेट में हड़कंप मचा दिया है। करीब 17 घंटे तक चली मैराथन छापेमारी में ईडी ने कुल 14 करोड़ से अधिक रुपये की नकदी और जेवरात बरामद किए हैं, साथ ही भारी मात्रा में डिजिटल और ठोस दस्तावेज जब्त किए हैं जो आने वाले दिनों में कई बड़े नामों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं।

रानीगंज/कोलकाता/धनबाद:(संवाददाता: गुलज़ार खान) कोयला और बालू तस्करी के काले कारोबार पर केंद्रीय जांच एजेंसी, प्रवर्...

छापेमारी में मिली डायरियों से अफ़सरों की मिलीभगत और अवैध वसूली (Extortion) के रैकेट का पर्दाफाश
22/11/2025

छापेमारी में मिली डायरियों से अफ़सरों की मिलीभगत और अवैध वसूली (Extortion) के रैकेट का पर्दाफाश

कोलकाता/दुर्गापुर/धनबाद(गुलज़ार खान) प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध कोयला खनन और तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी का....

22/11/2025

सालानपुर थाना क्षेत्र के समीप स्थित निमाई प्रमाणिक के घर में मचे 18 घंटे के हड़कंप का अंत शनिवार दोपहर को हुआ, जब वन विभाग की टीम ने घर के अंदर छिपे एक व्यस्क लकड़बग्घे (Hyena) को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। वन विभाग ने पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से लकड़बग्घे को पिंजरे में कैद कर लिया है।

22/11/2025

शनिवार 22 नवंबर 2025 को दैनिक आवाज़ में प्रकाशित

Address

KALYANESHWARI
Asansol
713369

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Bangbhoomi News posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Bangbhoomi News:

Share