26/02/2026
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि फैमिली कोर्ट में व्हाट्सएप चैट को सबूत के तौर पर स्वीकार किया जा सकता है. कोर्ट ने अडल्ट्री के एक मामले में निचली अदालत का आदेश रद्द कर केस दोबारा सुनवाई के लिए भेज दिया. जस्टिस मदन पाल सिंह ने कहा कि 'फैमिली कोर्ट अधिनियम की धारा 14 के तहत ऐसा कोई भी सबूत लिया जा सकता है जो विवाद सुलझाने में मदद करे, भले ही वो भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65-बी के तहत न हो. कोर्ट ने दोनों पक्षों को सबूत पेश करने की अनुमति देने को कहा.