05/06/2026
आईपीएस गौरव राजपुरोहित के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग निंदनीय, पहली पोस्टिंग असंध में एएसपी (ASP) के रूप में हुई थी।
मेरी जानकारी के अनुसार, हरियाणा के आईपीएस अधिकारी Gaurav Rajpurohit एक ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ और सम्मानित अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। किसी भी प्रशासनिक अधिकारी या जनप्रतिनिधि के बीच मतभेद होना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन सार्वजनिक मंच पर अपशब्दों, मां-बहन की गालियों या अभद्र भाषा का प्रयोग किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं माना जा सकता।
हाल ही में रोहतक में हुए एक प्रदर्शन के दौरान इनेलो विधायक Arjun Chautala और एसपी गौरव राजपुरोहित के बीच तीखी बहस हुई, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना। इस घटना के बाद हरियाणा आईपीएस एसोसिएशन ने भी विधायक के व्यवहार की आलोचना की और अधिकारियों के सम्मान की बात कही।
लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों दोनों की जिम्मेदारी है कि वे शालीनता और मर्यादा बनाए रखें। असहमति व्यक्त करना सभी का अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी, गाली-गलौज और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग समाज में गलत संदेश देता है। राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था की गरिमा बनाए रखने के लिए संवाद हमेशा सम्मानजनक भाषा में होना चाहिए।