28/10/2025
पुलिस की मौजूदगी में गिराई दीवाल
घर पर मौजूद महिलाओं से पुलिस ने की अभद्रता
पीड़ित परिवार ने पुलिस के भय से किया पलायन
घर पर लगाया पम्पलेट लिखा घर बिकाऊ है।
भाजपा युवा मोर्चा के कुमारगंज मंडल के महामंत्री हैं पीड़ित राम सुफल पांडेय
पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री योगी से मिलने लखनऊ पहुंचा
मिल्कीपुर अयोध्या
खंडासा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत अटेसर में पुलिसिया आतंक के कारण एक भाजपा नेता के परिवार ने ही पलायन कर लिया है। पलायन करने वाले परिवार ने बाकायदा अपने घर पर बोर्ड लगाकर इसकी जानकारी दी है आपको बताते चलें कि पलायन करने वाले परिवार ने सोशल मीडिया में जारी अपनी वीडियो संदेश में कहा है कि खांडसा पुलिस ने विपक्षी से सांठ गांठ करके उसकी पक्की दीवाल को गिरवा दिया है जब घर पर महिलाओं ने एतराज किया तो पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया जिसका सीसीटीवी फुटेज उनके पास मौजूद है घटना शनिवार शाम 6 बजे से 7 बजे के बीच की बताई गई है जहां दो पक्षों में जमीन संबंधी विवाद चल रहा था पीड़ित ने मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से लेकर के डीजीपी उत्तर प्रदेश तक से की है।
पुलिस अधीक्षक अयोध्या को दिए गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि खांडसा पुलिस ने विपक्षी नकछेद पुत्र काशीराम सांठ गांठ कर अपनी खतौनी के जमीन में बनाए गए उसकी दीवाल को गिरवा दिया एतराज करने पर घर की महिलाओं से पुलिस के कर्मचारियों ने बदतमीजी की तथा अभद्र भाषा का प्रयोग किया । पुलिस की गुंडई और दबंगई के कारण डर से भयभीत परिवार ने पलायन कर दिया है। जबकि पलायन करने वाले परिवार के घर में मौजूद गोवंश और अन्य पशुओं की देखभाल करने वाला अब कोई नहीं है पड़ोसियों ने पशुओं को चारा दिया इस संबंध में पूछने पर क्षेत्राधिकार मिल्कीपुर श्रेयश त्रिपाठी ने बताया कि यदि पीड़ित पक्ष पुलिस के द्वारा किए गए किसी अनैतिक काम का साक्ष्य उपलब्ध कराता है तो दोषी पुलिस कर्मियों पर सख्त कार्यवाही की जायेगी।
वहीं दूसरी ओर सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए लखनऊ में मौजूद है जहाँ वो सीएम और डीजीपी उत्तर प्रदेश से मिलकर अपनी जान माल की सुरक्षा की मांग करेगा। भाजपा सरकार में पार्टी के नेता ही जब सुरक्षित नहीं रहे तो आम आदमी का क्या कहा जाय। फिलहाल पूरी घटना जमीनी विवाद की है और ऐसे में एक पक्षीय कारवाई करने को लेकर तहसील प्रशासन के साथ साथ पुलिस के कारवाई पर सवालिया निशान तो खड़े होते हैं।
बाकी आप सभी की राय,,,,,