Rameshdas Sashtri

Rameshdas Sashtri श्री शिव शक्ति ज्योतिष कार्यालय

15/01/2026
09/01/2026

कुंडली के चौथे भाव में चंद्रमा जातक को भावनात्मक जुड़ाव, मानसिक शांति, घर-परिवार का सुख, और भौतिक सुविधाओं (जैसे वाहन, संपत्ति) से संपन्न करता है, जिससे व्यक्ति संवेदनशील, उदार और संतुष्ट रहता है, लेकिन अगर चंद्रमा पीड़ित हो तो मानसिक तनाव, गृह अशांति और अस्थिरता दे सकता है. यह स्थिति माता, घर, और सुख-समृद्धि से गहराई से जुड़ी होती है, जिससे जातक को भावनात्मक स्थिरता और अच्छी याददाश्त मिलती है.
शुभ फल (जब चंद्रमा बलवान हो)
परिवार और घर: माता का स्नेह, परिवार से गहरा लगाव और घर में सुख-शांति.
मानसिक स्थिति: शांत मन, भावनात्मक संतुलन, और आंतरिक संतोष.
भौतिक सुख: वाहन, संपत्ति, और आरामदायक जीवन मिलता है; ये चीजें आसानी से प्राप्त होती हैं.
स्वभाव: उदार, दयालु, कल्पनाशील, और मिलनसार.
शिक्षा/स्मरण शक्ति: याददाश्त और सीखने की क्षमता अच्छी होती है.
लोकप्रियता: व्यक्ति लोकप्रिय होता है और अपने प्रियजनों के साथ अच्छे संबंध रखता है.
अशुभ फल (जब चंद्रमा पीड़ित या कमजोर हो)
मानसिक समस्याएं: मानसिक चिंता, बेचैनी, और मन का अस्थिर होना.
पारिवारिक कलह: माता से दूरी या घर-परिवार में अशांति.
अस्थिरता: घर में बार-बार बदलाव या असंतोष की भावना.
संवेदनशीलता: अत्यधिक भावुक होकर दुखी होना और पीछे हटना.

09/01/2026

चंद्रमा के तीसरे भाव में होने से व्यक्ति जिज्ञासु, साहसी, कलात्मक और अच्छे संचार कौशल वाला होता है, जो लेखन, शिक्षण या सार्वजनिक बोलने जैसे क्षेत्रों में सफल हो सकता है; यह स्थिति भाई-बहनों से जुड़ाव, मानसिक अस्थिरता और छोटी यात्राओं से लाभ भी दे सकती है, जहाँ भावनाओं और विचारों को व्यक्त करने की प्रबल इच्छा होती है, पर गलत जानकारी से सोच प्रभावित हो सकती है,

09/01/2026

चंद्रमा दूसरे भाव में होने से जातक मधुर वाणी, धन-संपत्ति, शिक्षा और परिवार में वृद्धि, आर्थिक स्थिरता, रचनात्मकता और भावनात्मक गहराई देता है, जिससे व्यक्ति आकर्षक, शांत और धनवान बनता है, लेकिन चंद्रमा की स्थिति (पूर्ण या क्षीण) और ग्रहों के प्रभाव से शुभ-अशुभ फल बदलते हैं; यह धन संचय, अच्छी बचत, सुंदर भोजन और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाता है, साथ ही आंखों और वाणी से जुड़ी समस्याएं दे सकता है.
शुभ फल (यदि चंद्रमा बलवान हो):
धन और संपत्ति: आय के स्रोत बढ़ते हैं, बचत होती है, धन-संपत्ति में वृद्धि होती है, वित्तीय स्थिरता आती है.
वाणी और व्यक्तित्व: जातक सुंदर, मधुरभाषी, शांत, उदार और आकर्षक होता है.
शिक्षा और करियर: शिक्षा में अच्छी सफलता मिलती है, उच्च शिक्षा के योग बनते हैं; कला, साहित्य, संगीत जैसे रचनात्मक क्षेत्रों में रुचि बढ़ती है.
परिवार और रिश्ते: परिवार बड़ा और खुशहाल होता है, जीवनसाथी से मधुर संबंध और भावनात्मक जुड़ाव होता है, रिश्तों में गहराई आती है.
भौतिक सुख: सुंदर और स्वादिष्ट भोजन, चांदी के बर्तन, अच्छी सजावट की वस्तुओं का शौक होता है, जिससे भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होती है.
अशुभ फल (यदि चंद्रमा पीड़ित या क्षीण हो):
आर्थिक: धन संबंधी भावनात्मक अस्थिरता, आर्थिक उतार-चढ़ाव या फिजूलखर्ची की आदत हो सकती है.
स्वास्थ्य: आंखों की समस्या या वाणी में दोष (जैसे हकलाना) संभव है.
मनोवैज्ञानिक: धन को लेकर अत्यधिक भावनात्मक लगाव या आत्म-सम्मान का पैसों से जुड़ना.
पारिवारिक: पारिवारिक कलह या रिश्तों में तनाव आ सकता है, खासकर यदि शनि या राहु/केतु जैसे ग्रहों से पीड़ित हो.

01/12/2025

छठे भाव में सूर्य होने पर व्यक्ति में मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता, शत्रुओं पर विजय और अनुशासन जैसे सकारात्मक गुण विकसित होते हैं, लेकिन यह स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ और तनाव भी दे सकता है। यह भाव संघर्ष, सेवा और दैनिक कार्य से संबंधित है, इसलिए सूर्य की स्थिति व्यक्ति को मेहनती बनाती है और उसे चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करती है। ऐसे लोग अक्सर दूसरों की मदद करने के लिए प्रेरित होते हैं और चिकित्सा या सेवा-क्षेत्र में सफल हो सकते हैं।
सकारात्मक प्रभाव
स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता: जातक में रोगों से लड़ने की क्षमता मजबूत होती है और वह जल्दी ठीक होता है।
शत्रु और संघर्ष: यह स्थिति शत्रुओं पर विजय पाने की क्षमता देती है और व्यक्ति चुनौतियों का सामना करने के लिए दृढ़ निश्चयी होता है।
अनुशासन और मेहनत: जातक अपने काम के प्रति अनुशासित और मेहनती होता है, और कठिन कार्यों को भी पूरा कर सकता है।
सेवा और मदद: दूसरों की मदद करने और सेवा करने की प्रबल इच्छा होती है, जिससे वह चिकित्सा, उपचार या मानवीय कार्यों में जा सकता है।
सरकारी और पेशेवर सम्मान: यह स्थिति सरकारी क्षेत्र से प्रशंसा और सराहना दिला सकती है, खासकर यदि जातक ईमानदार और दृढ़निश्चयी हो।
नकारात्मक प्रभाव और चुनौतियाँ
स्वास्थ्य: सूर्य की रोशनी से आंखों में समस्या या उच्च रक्तचाप की शिकायत हो सकती है।
तनाव: संघर्षपूर्ण स्थितियों के कारण तनाव और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।
पारिवारिक संबंध: यह स्थिति मामा या ननिहाल पक्ष के लिए कष्टदायक हो सकती है।
अन्य चुनौतियाँ: जीवन में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं, और कभी-कभी विरोधियों से सामना करना पड़ सकता है।

पंचम भाव में सूर्य का प्रभाव व्यक्ति को बुद्धिमान, रचनात्मक और करिश्माई बनाता है। यह शिक्षा और कला जैसे क्षेत्रों में सफ...
01/12/2025

पंचम भाव में सूर्य का प्रभाव व्यक्ति को बुद्धिमान, रचनात्मक और करिश्माई बनाता है। यह शिक्षा और कला जैसे क्षेत्रों में सफलता दिलाता है, लेकिन क्रोध और सट्टेबाजी जैसी आदतों के कारण नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकता है। बच्चों के संबंध में भी मिश्रित प्रभाव हो सकते हैं, जो कभी-कभी समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं।
सकारात्मक प्रभाव
बौद्धिक और रचनात्मक: ऐसे व्यक्ति बहुत बुद्धिमान और रचनात्मक होते हैं। वे कला, लेखन, संगीत या किसी भी रचनात्मक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
आत्मविश्वास और करिश्मा: यह स्थिति व्यक्ति को करिश्माई बनाती है, जिससे वे दूसरों को आकर्षित करते हैं।
शिक्षा में सफलता: व्यक्ति शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करता है और अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए पहचाना जाता है।
रोमांस: प्रेम संबंधों में नेतृत्व की भूमिका निभाने की प्रवृत्ति होती है, जो अक्सर गतिशील होते हैं।
बच्चों से लगाव: बच्चों के प्रति बहुत सुरक्षात्मक और प्रेमपूर्ण होते हैं।
नकारात्मक प्रभाव
क्रोध: व्यक्ति को छोटी-छोटी बातों पर जल्दी गुस्सा आ सकता है, जिससे वे अपना काम बिगाड़ सकते हैं।
सट्टेबाजी की प्रवृत्ति: जोखिम उठाने की प्रवृत्ति के कारण सट्टेबाजी या जुए में रुचि हो सकती है, जिससे नुकसान हो सकता है।
बच्चों से संबंधित समस्याएं: संतान प्राप्ति या उनके स्वास्थ्य को लेकर कुछ समस्याएं आ सकती हैं, जैसे जन्म के समय परेशानी।

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