31/08/2026
🚨 अयोध्या की फिल्मी रामलीला पर फिर सवाल! इस बार मंच दिल्ली में, संतों की पुरानी मांग फिर चर्चा में
अयोध्या | 31 अगस्त 2026
अयोध्या की चर्चित फिल्मी रामलीला इस बार 10 से 20 अक्टूबर तक दिल्ली के मावलंकर हॉल में होगी। पिछले साल यानी सितंबर 2025 में अयोध्या के संतों ने फिल्मी कलाकारों वाली रामलीला का विरोध किया था। महंत ज्ञान दास, सुरेश दास, जन्मेजय शरण, अवधेश दास, नागा राम-लखन दास और संजय दास समेत कई संतों ने फिल्मी कलाकारों की जगह पारंपरिक रामलीला मंडलियों को मौका देने की मांग उठाई थी।
संतों का कहना था कि रामलीला मनोरंजन नहीं, धार्मिक परंपरा और साधना है, इसलिए अयोध्या में संतों के सान्निध्य में रहने वाली स्थानीय पारंपरिक मंडलियों को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
और अयोध्या में ऐसी पारंपरिक रामलीला की कमी भी नहीं है। भगवदाचार्य स्मारक सदन में संत तुलसीदास रामलीला समिति की पारंपरिक रामलीला होती है। राजेंद्र निवास की रामलीला भी पुरानी परंपरा से जुड़ी है। इसके अलावा मुमताज नगर में मुस्लिम समुदाय 1963 से रामलीला आयोजित करता आ रहा है, जहां मुस्लिम कलाकार भी रामायण के पात्र निभाते हैं।
अब सवाल इसलिए उठ रहा है कि राम की नगरी की चर्चित फिल्मी रामलीला इस बार दिल्ली क्यों पहुंच गई? हालांकि, यह कहना कि संतों के विरोध के कारण ही रामलीला दिल्ली गई है, अभी सही नहीं होगा, क्योंकि इसका कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं है।
आयोजकों के मुताबिक जनवरी 2027 में फिल्मी रामलीला फिर अयोध्या लौटेगी।
**यानी विवाद रामलीला होने का नहीं, सवाल उसके स्वरूप का है—फिल्मी सितारों वाली रामलीला या अयोध्या की पारंपरिक स्थानीय रामलीला?**