13/03/2026
गैस को लेकर अफरातफरी: एजेंसियों पर भीड़, अयोध्या के कई रेस्टोरेंट-भोजनालय बंद, प्रशासन बोला—कमी नहीं
अयोध्या।
विश्व के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में तेजी से उभरे अयोध्या में इन दिनों गैस सिलेंडर को लेकर असमंजस और अफरातफरी का माहौल देखने को मिल रहा है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें, लोगों की भीड़ और सिलेंडर लेने के लिए सुबह से खड़ी गाड़ियों की लाइनें शहर की नई तस्वीर बन गई हैं।
अयोध्या की *साकेत गैस सर्विस* के संचालक *विंध्याचल यादव* बताते हैं कि अचानक बड़ी संख्या में लोग एजेंसी पर सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं। उनके अनुसार कई ऐसे उपभोक्ता भी हैं जिनके घर में पहले से सिलेंडर मौजूद है, लेकिन अफवाहों के कारण वे अतिरिक्त सिलेंडर रिजर्व रखना चाहते हैं।
विंध्याचल यादव का कहना है कि एजेंसी की ओर से लगातार गैस की आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। “हमारे सभी सम्मानित ग्राहक अपना *DAC नंबर दें और हमसे गैस लें।* हमें आश्वासन मिला है कि आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रहेगी। फिलहाल *7, 8 और 9 तारीख को बुक हुए सिलेंडरों की डिलीवरी कराई जा रही है* और होम डिलीवरी भी लगातार की जा रही है,” उन्होंने बताया।
उन्होंने केवाईसी को लेकर भी जानकारी दी कि *पिछले सात महीनों से उपभोक्ताओं को लगातार मैसेज भेजे जा रहे हैं,* लेकिन अभी तक केवल लगभग *60 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने ही केवाईसी पूरा कराया है,* जबकि करीब *40 प्रतिशत उपभोक्ताओं का केवाईसी अभी लंबित है।* हालांकि मौजूदा स्थिति को देखते हुए एजेंसी ने फिलहाल केवाईसी की बाध्यता को ढीला कर दिया है और उपभोक्ताओं से कहा जा रहा है कि वे बुकिंग कर सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं।
गैस को लेकर फैली अफवाहों और बढ़ती मांग का असर अब अयोध्या के *पर्यटन और तीर्थ व्यवस्था पर* भी दिखने लगा है। राम मंदिर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन शहर के कई *रेस्टोरेंट और भोजनालय गैस आपूर्ति बाधित होने के कारण अस्थायी रूप से बंद हो गए हैं* या सीमित मेन्यू के साथ काम कर रहे हैं।
राम मंदिर के अत्यंत सन्निकट स्थित *अमावा मंदिर,* जहां प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए भंडारा संचालित होता था, वहां भी गैस की कमी के कारण समय में कटौती करनी पड़ी है। बताया जा रहा है कि गैस सिलेंडर समय पर न मिलने के कारण यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में *करीब 30 प्रतिशत तक कमी* देखी गई है।
इस बीच सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर गैस की कमी को लेकर तेजी से अफवाहें भी फैल रही हैं, जिससे स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई है। कई गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर सुबह से ही लोगों की भीड़ जमा हो रही है और लोग एहतियात के तौर पर अतिरिक्त सिलेंडर घर में रखने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है। *जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे* ने स्पष्ट किया कि अयोध्या जनपद में प्रतिदिन लगभग *12,500 गैस सिलेंडरों की जरूरत* होती है और उसके अनुसार पर्याप्त आपूर्ति कराई जा रही है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से सिलेंडर जमा न करें। साथ ही उपभोक्ताओं से कहा गया है कि वे *घर से ही ऑनलाइन गैस बुकिंग करें* और हाल ही में सिलेंडर लेने वाले उपभोक्ता लगभग *25 दिन बाद ही दोबारा बुकिंग* करें।
प्रशासन ने यह भी बताया कि जनपद के सभी *पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा* में उपलब्ध हैं, जबकि *कमर्शियल गैस की आपूर्ति में आई हल्की बाधा* को जल्द ही सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल अयोध्या में गैस को लेकर पैदा हुई यह स्थिति प्रशासन के दावों और जमीनी हकीकत के बीच खड़े उस सवाल को जन्म दे रही है, जिसमें एक तरफ सरकार पर्याप्त आपूर्ति की बात कह रही है और दूसरी तरफ एजेंसियों के बाहर लगी लंबी कतारें और बंद होते भोजनालय शहर की चिंता बढ़ा रहे हैं।