15/12/2022
तरबगंज से लौट रहा था रास्ते में बल्लीपुर के पास घायल अवस्था में एक बालक अपनी मां के साथ पड़ा हुआ था भीड़ लगी थी लोग देख रहे थे इंतजार कर रहे थे 108 नंबर का पर दुर्भाग्य है इस प्रदेश की घटिया स्वास्थ्य व्यवस्था की, तभी अचानक मेरी गाड़ी पहुंची उनको अपनी गाड़ी में बिठाया और Gonard अस्पताल पहुंचाया, मेरे लिए धर्म और मजहब से बढ़कर है इंसानियत जो मैं कभी नहीं भूलता ||