07/12/2025
🥹बाप की इज़्ज़त का खाना 🥹
गाँव की एक छोटी-सी बस्ती में रामलाल नाम का गरीब मज़दूर रहता था। उसकी एक ही बेटी थी—सुहानी।
सुहानी की शादी तय हो चुकी थी, और रामलाल पिछले कई महीनों से दिन-रात मेहनत कर रहा था—ईंट भट्टे से लेकर खेतों में मज़दूरी तक—ताकि अपनी बेटी की शादी अच्छे से कर सके।
उसका बस एक ही सपना था कि जब लोग बेटी की विदाई देखें, तो कहें—
“बाप ने अपनी औकात से बढ़कर किया है।”
🌸 लेकिन एक बाप की मेहनत कहाँ दिखती है?
शादी वाले दिन घर में टेंट लगा, डीजे आया, बारात भी निकल पड़ी।
रसोई में खाना बन रहा था—पूरी, सब्ज़ी, दाल, चावल, और हलवा। साधारण लेकिन प्यार से बनाया हुआ।
बारात आई तो कुछ लोग खाना खाते हुए फुसफुसाने लगे—
• “सब्ज़ी में नमक कम है।”
• “अरे वाह… दाल भी बिलकुल यूँ ही उबाल दी है।”
• “हलवा थोड़ा पतला है… गरीब का खाना दिख रहा है।”
यह बातें सुनते-सुनते रसोई के बाहर से गुज़रते हुए रामलाल के कदम अचानक रुक गए।
उसके हाथ काँपने लगे।
पसीने से उसकी हथेली भींग गई।
उसने पलटकर देखा—तेल की कढ़ाही के पीछे उसकी पत्नी आँसू पोंछती हुई सब्ज़ी में मसाला डाल रही थी।
🌧️ रामलाल का दिल टूट गया
जिस खाने को बनाने में उसकी पत्नी ने दो दिन से सोया नहीं,
जिस गेहूँ को पिसवाने के लिए वह खुद 12 किलोमीटर साइकिल चलाकर गया,
जिस चीनी को खरीदने के लिए उसने अपनी पुरानी चप्पल तक बेच दी…
उसी मेहनत के खाने को लोग गरीब का खाना कहकर कोस रहे थे।
रामलाल चुपचाप एक कोने में बैठ गया।
उसके चेहरे पर उदासी देख बारात में आए एक बुज़ुर्ग ने पूछा—
“क्या हुआ भाई? खुश नहीं लग रहे?”
रामलाल ने धीमी आवाज में कहा—
“साहब… पेट भरकर खाना खा लेने से कोई बड़ा नहीं हो जाता,
लेकिन किसी गरीब की मेहनत में कमी निकाल देना इंसान को छोटा ज़रूर कर देता है।”
🌟 बुज़ुर्ग का जवाब बदल गया माहौल
बुज़ुर्ग ने उसी समय माइक उठाया और सबके सामने बोल पड़े—
“अरे भाइयो! खाना कोई डिश नहीं, बेटी के बाप की इज़्ज़त होता है।
और जो लोग खाने में कमी ढूँढ रहे—
पहले जाकर देखो कितनी मेहनत से यह सब बना है।”
पूरी बारात शांत पड़ गई।
फिर एक-एक कर लोग रामलाल के पास आए—
किसी ने कंधा थपथपाया, किसी ने माफ़ी माँगी।
कई लोगों ने कहा—
“भाई, खाना तो बहुत अच्छा था… दिल से बनाया गया था।”
❤️ सुहानी ने अपने पिता को गले लगा लिया
जब विदाई का वक्त आया, सुहानी ने रोते हुए कहा—
“बाबूजी, दुनिया चाहे जो कहे…
मेरे लिए आपकी मेहनत सबसे कीमती दहेज है।
आप जैसा बाप किस्मत वालों को मिलता है।”
रामलाल के आँसू बह निकले,
लेकिन इस बार दुःख के नहीं—गर्व के।
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✔️ कहानी की सीख
• शादी में खाना नहीं, मेहनत परोसती है।
• किसी गरीब बाप की इज्जत खाना नहीं, आपके शब्द तोड़ते हैं।
• जहाँ लोगों को दावत मिलती है, वहाँ किसी गरीब बाप की पूरी ज़िंदगी की कमाई लगी होती है।