02/09/2026
अयोध्या में निषाद समाज ने मनाया विमुक्ति दिवस, SC आरक्षण के लिए सौंपा ज्ञापन
====================≠===========
अयोध्या, निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल - निषाद पार्टी के बैनर तले निषाद वंश / विमुक्त जनजाति (DNT) समाज ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी/तहसीलदार के माध्यम से सौंपा।इस दौरान पार्टी के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार निषाद ने बताया कि 1871 में अंग्रेजी हुकूमत ने निषाद समाज पर क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट का काला कानून लगाकर अपराधी घोषित कर दिया था, जिसे 31 अगस्त 1952 को हटाया गया। इसी दिन को समाज विमुक्ति दिवस के रूप में मनाता है और इसी क्रम में पूरे प्रदेश में ज्ञापन दिया गया।उन्होंने कहा कि 1931 की जनगणना के अनुसार केवट, मल्लाह, मांझी, बिंद, कश्यप, निषाद एक ही वंश की पर्यायवाची जातियां हैं। दिल्ली और बंगाल में मल्लाह/केवट को SC में गिना जा रहा है, जबकि यूपी में OBC में रखा गया है। देश एक, संविधान एक तो गिनती अलग क्यों, यह बड़ी विसंगति है।जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार को नया कुछ नहीं करना है, सिर्फ मंझवार जाति समूह के नाम पर पहले से दर्ज व्यवस्था को इम्प्लीमेंट करना है, जैसे उत्तराखंड में शिल्पकार जाति समूह को SC में शामिल किया गया है।उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ गठबंधन है और बड़े भाई से पूरी उम्मीद है। जैसे धारा 370 हट सकती है तो हमारी मांग भी पूरी हो सकती है। मांग पूरी नहीं हुई तो राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के आदेश-निर्देश का पालन किया जाएगा।