24/09/2026
आजमगढ़ हत्याकांड में यतीम हुईं दो मासूम बेटियों की जिम्मेदारी उठाएगी पुलिस
आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र के शम्भूपुर में हुए सनसनीखेज हत्याकांड के बाद दो मासूम बच्चियां अनाथ हो गई हैं। घटना के दौरान आरोपी अरविंद अपने तीन बच्चों को कमरे में लेकर करीब सात घंटे तक बंद रहा। पुलिस और परिजन लगातार उसे समझाकर बच्चों को सुरक्षित बाहर भेजने की अपील करते रहे, लेकिन वह नहीं माना।
पुलिस के मुताबिक, कमरे से गोली चलने की आवाज आने के बाद एसएसपी आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार समेत पुलिस टीम ने जान जोखिम में डालकर दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। वहां नौ वर्षीय शौर्य गोली लगने से घायल मिला। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गोली की ट्रैजेक्टरी, एंट्री वुंड से जुड़े तथ्य और घटनास्थल की परिस्थितियां इस निष्कर्ष से मेल खाती हैं कि शौर्य को गोली उसके पिता अरविंद ने मारी थी, पुलिस की गोली नहीं लगी थी।
रेस्क्यू की गई 11 वर्षीय बच्ची परी ने भी पुलिस को बताया कि उसके पिता ने ही उसके भाई शौर्य को गोली मारी थी और बच्चों को जान से मारने की धमकी दी थी।
इसके बाद अरविंद ने पुलिस टीम पर भी फायरिंग की। पुलिस के अनुसार, बच्चों की सुरक्षा और आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में अरविंद घायल हुआ, जिसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दोनों मासूम बेटियों की जिम्मेदारी उठाएगी पुलिस
इस दर्दनाक घटना में दोनों बच्चियां माता-पिता के साये से महरूम हो गई हैं। ऐसे में आजमगढ़ पुलिस परिवार ने दोनों बच्चियों के पालन-पोषण, शिक्षा और भविष्य में सहयोग की जिम्मेदारी उठाने का फैसला किया है।
एसएसपी आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार ने एक माह का वेतन, जबकि जनपद के पुलिसकर्मी एक दिन का वेतन दोनों बच्चियों के लिए देने का निर्णय लिया है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों बच्चियों को अब अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और उनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा।