04/09/2026
#समाज_की_शत्रु_सत्यार्थप्रकाश
आर्य समाजी कालवा गुरुकुल के आचार्य राजेन्दर कह रहे हैं कि 11 पुरुषों तक नियोग अर्थात दुष्कर्म करना चाहिए। यह बात अब तक सत्यार्थ प्रकाश में लिखी थी। लेकिन ये समाज नाशक आचार्य राजेन्दर, मानव समाज के पारिवारिक ढांचे को छिन्न-भिन्न करने के लिए खुलकर नियोग (दुष्कर्म) करने को कर रहा है। क्या ये आर्य समाजी अपनी बहन, बेटी, पत्नी, माता आदि को भी 11 पुरुषों तक नियोग (दुष्कर्म) करने की इजाजत देंगे?